- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- एमपी में अप्रैल में बदला मौसम, 18 जिलों में बारिश का अलर्ट; कई जगह ओलावृष्टि की आशंका
एमपी में अप्रैल में बदला मौसम, 18 जिलों में बारिश का अलर्ट; कई जगह ओलावृष्टि की आशंका
IMD Bhopal Alert
तीन साइक्लोनिक सिस्टम सक्रिय, प्रदेश में प्री-मानसून जैसे हालात
मध्यप्रदेश में अप्रैल महीने की शुरुआत के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। प्रदेश में प्री-मानसून जैसे हालात बन गए हैं और एक बार फिर आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने बुधवार को राज्य के 18 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि कुछ जिलों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के अनुसार, प्रदेश के ऊपरी हिस्से में तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं, जिनके प्रभाव से वातावरण में अस्थिरता बढ़ गई है। इसी कारण कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। विभाग ने ग्वालियर, मुरैना, भिंड, शहडोल, सतना, पन्ना, मैहर, रीवा, सिंगरौली, सीधी, कटनी, अनूपपुर और उमरिया समेत 18 जिलों में अगले 24 घंटों के भीतर बारिश की संभावना जताई है।
इसके अलावा छतरपुर, टीकमगढ़, दतिया और निवाड़ी जिलों में ओलावृष्टि का अनुमान लगाया गया है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है, खासकर किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया है।
मंगलवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने करवट ली। ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग के जिलों में तेज आंधी और हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, अशोकनगर, गुना, टीकमगढ़ और रीवा के चित्रकूट क्षेत्र में मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला। कहीं तेज हवाएं चलीं तो कहीं बूंदाबांदी और बारिश हुई।
मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि 11 अप्रैल को उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसका असर मध्यप्रदेश पर भी पड़ेगा। इससे आने वाले दिनों में भी मौसम का यह बदला हुआ रुख जारी रह सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह के सिस्टम अप्रैल में सामान्य नहीं होते, लेकिन जलवायु में बदलाव और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण ऐसे हालात बन रहे हैं। इससे तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन किसानों के लिए यह स्थिति चिंता का कारण बन सकती है।
प्रदेश में जारी इस मौसम परिवर्तन को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग लगातार नजर बनाए हुए हैं। लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और मौसम से जुड़े अपडेट पर ध्यान दें।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
एमपी में अप्रैल में बदला मौसम, 18 जिलों में बारिश का अलर्ट; कई जगह ओलावृष्टि की आशंका
IMD Bhopal Alert
मध्यप्रदेश में अप्रैल महीने की शुरुआत के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। प्रदेश में प्री-मानसून जैसे हालात बन गए हैं और एक बार फिर आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने बुधवार को राज्य के 18 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि कुछ जिलों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के अनुसार, प्रदेश के ऊपरी हिस्से में तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं, जिनके प्रभाव से वातावरण में अस्थिरता बढ़ गई है। इसी कारण कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। विभाग ने ग्वालियर, मुरैना, भिंड, शहडोल, सतना, पन्ना, मैहर, रीवा, सिंगरौली, सीधी, कटनी, अनूपपुर और उमरिया समेत 18 जिलों में अगले 24 घंटों के भीतर बारिश की संभावना जताई है।
इसके अलावा छतरपुर, टीकमगढ़, दतिया और निवाड़ी जिलों में ओलावृष्टि का अनुमान लगाया गया है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है, खासकर किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया है।
मंगलवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने करवट ली। ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग के जिलों में तेज आंधी और हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, अशोकनगर, गुना, टीकमगढ़ और रीवा के चित्रकूट क्षेत्र में मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला। कहीं तेज हवाएं चलीं तो कहीं बूंदाबांदी और बारिश हुई।
मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि 11 अप्रैल को उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसका असर मध्यप्रदेश पर भी पड़ेगा। इससे आने वाले दिनों में भी मौसम का यह बदला हुआ रुख जारी रह सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह के सिस्टम अप्रैल में सामान्य नहीं होते, लेकिन जलवायु में बदलाव और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण ऐसे हालात बन रहे हैं। इससे तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन किसानों के लिए यह स्थिति चिंता का कारण बन सकती है।
प्रदेश में जारी इस मौसम परिवर्तन को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग लगातार नजर बनाए हुए हैं। लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और मौसम से जुड़े अपडेट पर ध्यान दें।
