अडाणी की अमेरिकी कोर्ट में बड़ी दलील: SEC का फ्रॉड केस खारिज करने की मांग

बिजनेस न्यूज

On

750 मिलियन डॉलर बॉन्ड डील पर विवाद, 30 अप्रैल को सुनवाई; निवेशकों को नुकसान का दावा नहीं

भारत के प्रमुख उद्योगपति गौतम अडाणी और उनके भतीजे सागर अडाणी ने अमेरिकी अदालत में सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) द्वारा दायर सिविल फ्रॉड केस को खारिज करने की मांग की है। दोनों ने दलील दी है कि यह मामला अमेरिकी अधिकार क्षेत्र से बाहर है और इसमें किसी प्रकार की धोखाधड़ी का ठोस आधार नहीं है।

यह मामला 2021 में अडाणी समूह की कंपनी द्वारा जारी किए गए 750 मिलियन डॉलर के बॉन्ड से जुड़ा है। SEC ने आरोप लगाया था कि इस बॉन्ड इश्यू के दौरान निवेशकों को गुमराह किया गया और कथित रिश्वतखोरी से जुड़े तथ्यों को छुपाया गया। हालांकि अडाणी पक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अदालत में प्री-मोशन लेटर दाखिल किया है।

अडाणी समूह का कहना है कि संबंधित बॉन्ड डील पूरी तरह से अमेरिका के बाहर संपन्न हुई थी और इसमें अमेरिकी बाजार या निवेशकों की प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी। ऐसे में अमेरिकी कानूनों को इस मामले में लागू नहीं किया जा सकता। वकीलों ने यह भी स्पष्ट किया कि न तो गौतम अडाणी और न ही सागर अडाणी इस प्रक्रिया में सीधे तौर पर शामिल थे।

कानूनी दलीलों में यह भी कहा गया है कि SEC यह साबित करने में विफल रहा है कि यह कोई “डोमेस्टिक ट्रांजैक्शन” था, जो अमेरिकी कानूनों के तहत आता हो। इसके अलावा, शिकायत में निवेशकों को हुए किसी नुकसान का स्पष्ट उल्लेख भी नहीं किया गया है, जिससे केस की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

अडाणी समूह ने अदालत को बताया कि बॉन्ड की अवधि 2024 में पूरी हो चुकी है और निवेशकों को ब्याज सहित पूरा भुगतान कर दिया गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि निवेशकों के हितों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। साथ ही, रिश्वतखोरी के आरोपों के समर्थन में भी कोई विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय व्यापार और नियामकीय अधिकारों की सीमाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकता है। यदि अदालत अडाणी समूह की दलीलों को स्वीकार करती है, तो यह विदेशी कंपनियों पर अमेरिकी नियामकों की पकड़ को लेकर नई बहस छेड़ सकता है।

अब इस मामले की अगली अहम सुनवाई 30 अप्रैल को प्रस्तावित है, जहां अदालत यह तय करेगी कि केस को आगे बढ़ाया जाए या खारिज किया जाए।

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
08 Apr 2026 By ANKITA

अडाणी की अमेरिकी कोर्ट में बड़ी दलील: SEC का फ्रॉड केस खारिज करने की मांग

बिजनेस न्यूज

भारत के प्रमुख उद्योगपति गौतम अडाणी और उनके भतीजे सागर अडाणी ने अमेरिकी अदालत में सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) द्वारा दायर सिविल फ्रॉड केस को खारिज करने की मांग की है। दोनों ने दलील दी है कि यह मामला अमेरिकी अधिकार क्षेत्र से बाहर है और इसमें किसी प्रकार की धोखाधड़ी का ठोस आधार नहीं है।

यह मामला 2021 में अडाणी समूह की कंपनी द्वारा जारी किए गए 750 मिलियन डॉलर के बॉन्ड से जुड़ा है। SEC ने आरोप लगाया था कि इस बॉन्ड इश्यू के दौरान निवेशकों को गुमराह किया गया और कथित रिश्वतखोरी से जुड़े तथ्यों को छुपाया गया। हालांकि अडाणी पक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अदालत में प्री-मोशन लेटर दाखिल किया है।

अडाणी समूह का कहना है कि संबंधित बॉन्ड डील पूरी तरह से अमेरिका के बाहर संपन्न हुई थी और इसमें अमेरिकी बाजार या निवेशकों की प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी। ऐसे में अमेरिकी कानूनों को इस मामले में लागू नहीं किया जा सकता। वकीलों ने यह भी स्पष्ट किया कि न तो गौतम अडाणी और न ही सागर अडाणी इस प्रक्रिया में सीधे तौर पर शामिल थे।

कानूनी दलीलों में यह भी कहा गया है कि SEC यह साबित करने में विफल रहा है कि यह कोई “डोमेस्टिक ट्रांजैक्शन” था, जो अमेरिकी कानूनों के तहत आता हो। इसके अलावा, शिकायत में निवेशकों को हुए किसी नुकसान का स्पष्ट उल्लेख भी नहीं किया गया है, जिससे केस की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

अडाणी समूह ने अदालत को बताया कि बॉन्ड की अवधि 2024 में पूरी हो चुकी है और निवेशकों को ब्याज सहित पूरा भुगतान कर दिया गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि निवेशकों के हितों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। साथ ही, रिश्वतखोरी के आरोपों के समर्थन में भी कोई विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय व्यापार और नियामकीय अधिकारों की सीमाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकता है। यदि अदालत अडाणी समूह की दलीलों को स्वीकार करती है, तो यह विदेशी कंपनियों पर अमेरिकी नियामकों की पकड़ को लेकर नई बहस छेड़ सकता है।

अब इस मामले की अगली अहम सुनवाई 30 अप्रैल को प्रस्तावित है, जहां अदालत यह तय करेगी कि केस को आगे बढ़ाया जाए या खारिज किया जाए।

https://www.dainikjagranmpcg.com/business/adanis-big-argument-in-us-court-demand-to-dismiss-secs/article-50526

खबरें और भी हैं

IPL 2026 RR vs MI: राजस्थान की लगातार तीसरी जीत, मुंबई को 27 रन से हराया, जायसवाल ने नाबाद बनाएं 77 रन

टाप न्यूज

IPL 2026 RR vs MI: राजस्थान की लगातार तीसरी जीत, मुंबई को 27 रन से हराया, जायसवाल ने नाबाद बनाएं 77 रन

आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स ने मुंबई इंडियंस को 27 रन से हराकर तीसरी जीत दर्ज की, यशस्वी जायसवाल की...
स्पोर्ट्स 
IPL 2026 RR vs MI: राजस्थान की लगातार तीसरी जीत, मुंबई को 27 रन से हराया, जायसवाल ने नाबाद बनाएं 77 रन

व्हीलचेयर पर वृंदावन पहुंचे अनुराग डोभाल, प्रेमानंद जी महाराज से लिया आशीर्वाद; नई शुरुआत का दिया संदेश

जीवन के कठिन दौर से उबरने के बाद यूट्यूबर ने आध्यात्मिक मार्ग अपनाया, फैंस बोले—‘राधे-राधे, सब अच्छा होगा’
बालीवुड 
व्हीलचेयर पर वृंदावन पहुंचे अनुराग डोभाल, प्रेमानंद जी महाराज से लिया आशीर्वाद; नई शुरुआत का दिया संदेश

राजपाल यादव विवाद पर बढ़ा समर्थन, सलमान के बाद मीका सिंह भी आए साथ; सिने एसोसिएशन ने जताई नाराजगी

अवार्ड शो में निजी जिंदगी पर टिप्पणी को लेकर विवाद तेज, AICWA बोला—“यह मजाक नहीं, अपमान है”
बालीवुड 
राजपाल यादव विवाद पर बढ़ा समर्थन, सलमान के बाद मीका सिंह भी आए साथ; सिने एसोसिएशन ने जताई नाराजगी

शराब घोटाला मामले में डिस्टिलरी से जुड़ी 3 गाड़ियां जब्त, सरकारी दुकानों तक सीधी सप्लाई कर रही थीं पार्ट-बी शराब

दुर्ग शराब घोटाला में EOW ने 3 वाहन जब्त किए, अवैध पार्ट-बी शराब की सप्लाई का खुलासा, जांच में कई...
छत्तीसगढ़ 
शराब घोटाला मामले में डिस्टिलरी से जुड़ी 3 गाड़ियां जब्त, सरकारी दुकानों तक सीधी सप्लाई कर रही थीं पार्ट-बी शराब

बिजनेस

Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.