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इंदौर में नए MYH बिल्डिंग का काम शुरू
इंदौर,(म.प्र.)
10 एकड़ क्षेत्र में बनेगी नई नौ मंजिला अस्पताल बिल्डिंग, 200 डंपर मलबा हटाया गया, पुराने पेड़ों का होगा ट्रांसप्लांट
इंदौर में महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज से जुड़े एमवाय अस्पताल की दूसरी नई बिल्डिंग के निर्माण कार्य ने गति पकड़ ली है। करीब 773 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इस आधुनिक चिकित्सा परियोजना के लिए प्रारंभिक स्तर पर बड़े पैमाने पर जमीन तैयार करने का काम जारी है। अस्पताल परिसर में अब तक लगभग 200 डंपर मलबा और मिट्टी हटाई जा चुकी है, जबकि आने वाले दिनों में करीब 500 डंपर अतिरिक्त मलबा हटाया जाना बाकी है।
करीब 10 एकड़ क्षेत्र में बनने वाली इस नई बिल्डिंग को तीन बड़े ब्लॉकों में विकसित किया जाएगा। परियोजना के तहत पुरानी संरचनाओं को हटाने, मिट्टी परीक्षण और जमीन समतलीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक नई बिल्डिंग आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस होगी और इससे इंदौर सहित मालवा-निमाड़ क्षेत्र के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए वर्षों पुराने बड़े पेड़ों को काटने के बजाय ट्रांसप्लांट करने की तैयारी की गई है। अब तक 19 बड़े पेड़ों को चिन्हित किया गया है, जिन्हें एमआरटीबी हॉस्पिटल परिसर में स्थानांतरित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ट्रांसप्लांटेशन के लिए वहां खुदाई का काम शुरू हो चुका है और विशेषज्ञों की निगरानी में पेड़ों को सुरक्षित तरीके से शिफ्ट किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल परिसर के विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जा रही है ताकि क्षेत्र का इको सिस्टम प्रभावित न हो।
नई बिल्डिंग के लिए चयनित क्षेत्र में बने अधिकांश सरकारी क्वार्टर्स को तोड़ा जा चुका है। इन क्वार्टर्स से निकले मलबे को हटाने का काम लगातार जारी है। अभी कुछ क्वार्टर्स को खाली कराया जाना बाकी है, जिनमें रहने वाले कर्मचारियों को वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार कुछ रहवासियों ने मकान खाली करने के लिए दो महीने का अतिरिक्त समय मांगा है। प्रशासन उनकी स्थिति को देखते हुए चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई कर रहा है ताकि निर्माण कार्य प्रभावित न हो और कर्मचारियों को भी असुविधा न हो।
तीन ब्लॉक में बनेगा अस्पताल
नई एमवायएच बिल्डिंग को आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। मौजूदा एमवाय अस्पताल की तुलना में नई संरचना अधिक व्यवस्थित और तकनीकी रूप से उन्नत होगी। वर्तमान अस्पताल भवन में वार्ड, ट्रॉमा सेंटर और प्रशासनिक इकाइयां एक ही ब्लॉक में संचालित हो रही हैं। नई बिल्डिंग में अलग-अलग ब्लॉकों में सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे मरीजों और मेडिकल स्टाफ को बेहतर व्यवस्था मिल सकेगी।
अस्पताल भवन तल मंजिल सहित नौ मंजिला होगा। इसकी लोकेशन ऐसी रखी गई है कि चाचा नेहरू अस्पताल, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और कैंसर अस्पताल जैसी प्रमुख चिकित्सा सुविधाएं नजदीक रहेंगी। इससे मरीजों को विभागों और अस्पतालों के बीच आने-जाने में आसानी होगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल है। नई बिल्डिंग बनने के बाद मरीजों की बढ़ती संख्या और आधुनिक उपचार सुविधाओं की जरूरत को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकेगा।
1450 बिस्तरों की सुविधा
इस परियोजना पर करीब 773.73 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें 1450 बिस्तरों वाला आधुनिक अस्पताल, 500 बिस्तरों का नर्सिंग होस्टल और विस्तृत पार्किंग व्यवस्था शामिल है।
अस्पताल परिसर में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण, आपातकालीन सेवाएं और बेहतर मरीज प्रबंधन प्रणाली विकसित की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि नई बिल्डिंग बनने के बाद मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं दोनों को मजबूती मिलेगी। परियोजना का निर्माण कार्य मध्यप्रदेश भवन निर्माण निगम लिमिटेड, भोपाल द्वारा कराया जाएगा। वहीं डिजाइन और तकनीकी परामर्श की जिम्मेदारी नई दिल्ली की एक विशेषज्ञ कंसल्टेंसी संस्था को सौंपी गई है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा विस्तार
इंदौर और आसपास के जिलों में मरीजों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में नई एमवायएच बिल्डिंग स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मेडिकल कॉलेज से जुड़े डॉक्टरों का कहना है कि आधुनिक ढांचे और नई तकनीकों के आने से मरीजों को इलाज के लिए अन्य शहरों पर कम निर्भर रहना पड़ेगा। साथ ही मेडिकल छात्रों और डॉक्टरों को भी बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं मिलेंगी।
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इंदौर में नए MYH बिल्डिंग का काम शुरू
इंदौर,(म.प्र.)
इंदौर में महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज से जुड़े एमवाय अस्पताल की दूसरी नई बिल्डिंग के निर्माण कार्य ने गति पकड़ ली है। करीब 773 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इस आधुनिक चिकित्सा परियोजना के लिए प्रारंभिक स्तर पर बड़े पैमाने पर जमीन तैयार करने का काम जारी है। अस्पताल परिसर में अब तक लगभग 200 डंपर मलबा और मिट्टी हटाई जा चुकी है, जबकि आने वाले दिनों में करीब 500 डंपर अतिरिक्त मलबा हटाया जाना बाकी है।
करीब 10 एकड़ क्षेत्र में बनने वाली इस नई बिल्डिंग को तीन बड़े ब्लॉकों में विकसित किया जाएगा। परियोजना के तहत पुरानी संरचनाओं को हटाने, मिट्टी परीक्षण और जमीन समतलीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक नई बिल्डिंग आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस होगी और इससे इंदौर सहित मालवा-निमाड़ क्षेत्र के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए वर्षों पुराने बड़े पेड़ों को काटने के बजाय ट्रांसप्लांट करने की तैयारी की गई है। अब तक 19 बड़े पेड़ों को चिन्हित किया गया है, जिन्हें एमआरटीबी हॉस्पिटल परिसर में स्थानांतरित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ट्रांसप्लांटेशन के लिए वहां खुदाई का काम शुरू हो चुका है और विशेषज्ञों की निगरानी में पेड़ों को सुरक्षित तरीके से शिफ्ट किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल परिसर के विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जा रही है ताकि क्षेत्र का इको सिस्टम प्रभावित न हो।
नई बिल्डिंग के लिए चयनित क्षेत्र में बने अधिकांश सरकारी क्वार्टर्स को तोड़ा जा चुका है। इन क्वार्टर्स से निकले मलबे को हटाने का काम लगातार जारी है। अभी कुछ क्वार्टर्स को खाली कराया जाना बाकी है, जिनमें रहने वाले कर्मचारियों को वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार कुछ रहवासियों ने मकान खाली करने के लिए दो महीने का अतिरिक्त समय मांगा है। प्रशासन उनकी स्थिति को देखते हुए चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई कर रहा है ताकि निर्माण कार्य प्रभावित न हो और कर्मचारियों को भी असुविधा न हो।
तीन ब्लॉक में बनेगा अस्पताल
नई एमवायएच बिल्डिंग को आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। मौजूदा एमवाय अस्पताल की तुलना में नई संरचना अधिक व्यवस्थित और तकनीकी रूप से उन्नत होगी। वर्तमान अस्पताल भवन में वार्ड, ट्रॉमा सेंटर और प्रशासनिक इकाइयां एक ही ब्लॉक में संचालित हो रही हैं। नई बिल्डिंग में अलग-अलग ब्लॉकों में सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे मरीजों और मेडिकल स्टाफ को बेहतर व्यवस्था मिल सकेगी।
अस्पताल भवन तल मंजिल सहित नौ मंजिला होगा। इसकी लोकेशन ऐसी रखी गई है कि चाचा नेहरू अस्पताल, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और कैंसर अस्पताल जैसी प्रमुख चिकित्सा सुविधाएं नजदीक रहेंगी। इससे मरीजों को विभागों और अस्पतालों के बीच आने-जाने में आसानी होगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल है। नई बिल्डिंग बनने के बाद मरीजों की बढ़ती संख्या और आधुनिक उपचार सुविधाओं की जरूरत को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकेगा।
1450 बिस्तरों की सुविधा
इस परियोजना पर करीब 773.73 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें 1450 बिस्तरों वाला आधुनिक अस्पताल, 500 बिस्तरों का नर्सिंग होस्टल और विस्तृत पार्किंग व्यवस्था शामिल है।
अस्पताल परिसर में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण, आपातकालीन सेवाएं और बेहतर मरीज प्रबंधन प्रणाली विकसित की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि नई बिल्डिंग बनने के बाद मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं दोनों को मजबूती मिलेगी। परियोजना का निर्माण कार्य मध्यप्रदेश भवन निर्माण निगम लिमिटेड, भोपाल द्वारा कराया जाएगा। वहीं डिजाइन और तकनीकी परामर्श की जिम्मेदारी नई दिल्ली की एक विशेषज्ञ कंसल्टेंसी संस्था को सौंपी गई है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा विस्तार
इंदौर और आसपास के जिलों में मरीजों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में नई एमवायएच बिल्डिंग स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मेडिकल कॉलेज से जुड़े डॉक्टरों का कहना है कि आधुनिक ढांचे और नई तकनीकों के आने से मरीजों को इलाज के लिए अन्य शहरों पर कम निर्भर रहना पड़ेगा। साथ ही मेडिकल छात्रों और डॉक्टरों को भी बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं मिलेंगी।
