डॉक्टर परेशान, मरीज हैरान: रीवा में एक्स-रे व्यवस्था ठप

रीवा (म.प्र.)

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डिजिटल रिपोर्ट सिस्टम से ग्रामीण मरीजों की बढ़ी मुश्किलें, प्रबंधन ने जल्द समाधान का दावा किया

रीवा जिले के सबसे बड़े सरकारी स्वास्थ्य संस्थान, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में एक्स-रे फिल्म की कमी ने मरीजों की परेशानी बढ़ा दी है। अस्पताल में फिलहाल पारंपरिक एक्स-रे फिल्म उपलब्ध नहीं है, जिसके चलते जांच रिपोर्ट अब मरीजों को डिजिटल रूप में मोबाइल पर भेजी जा रही है। यह व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए अधिक चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है।

अस्पताल में रोजाना सैकड़ों मरीज एक्स-रे जांच के लिए पहुंचते हैं, लेकिन फिल्म खत्म होने के कारण उन्हें हार्ड कॉपी नहीं मिल पा रही है। इसके बजाय मरीजों के मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप या अन्य डिजिटल माध्यम से रिपोर्ट भेजी जा रही है। कई मरीजों के पास स्मार्टफोन नहीं होने या तकनीकी जानकारी की कमी के कारण वे रिपोर्ट को सही तरीके से समझ नहीं पा रहे हैं।

ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को इस स्थिति में सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई मामलों में उन्हें बाहर निजी दुकानों से रिपोर्ट की प्रिंट कॉपी निकलवानी पड़ रही है, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ गया है। डॉक्टरों के लिए भी यह स्थिति मुश्किलें खड़ी कर रही है, क्योंकि कुछ चिकित्सकीय मामलों में एक्स-रे फिल्म पर स्पष्ट अध्ययन अधिक प्रभावी माना जाता है।

मरीजों और परिजनों का कहना है कि अस्पताल में पहले से ही भीड़ और संसाधनों की कमी रहती है। ऐसे में एक्स-रे फिल्म का अचानक खत्म हो जाना स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारी और प्रबंधन पर सवाल खड़े करता है। कुछ लोगों ने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए कहा कि समय रहते स्टॉक की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए थी।

अस्पताल प्रबंधन ने इस समस्या को स्वीकार करते हुए कहा है कि एक्स-रे फिल्म की नई खेप मंगाई गई है और जल्द ही उपलब्धता बहाल कर दी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल रिपोर्टिंग प्रणाली आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का हिस्सा है और इससे मरीजों को तुरंत जानकारी मिलती है, लेकिन वर्तमान स्थिति में इसे मजबूरी के तौर पर लागू करना पड़ा है।

हालांकि, इस व्यवस्था ने स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल और पारंपरिक सिस्टम के बीच संतुलन की कमी को उजागर कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण और तकनीकी रूप से कम सक्षम मरीजों के लिए पूरी तरह डिजिटल व्यवस्था अभी प्रभावी विकल्प नहीं है।फिलहाल मरीजों को अस्थायी तौर पर इसी व्यवस्था के सहारे जांच रिपोर्ट मिल रही है। 

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11 Apr 2026 By ANKITA

डॉक्टर परेशान, मरीज हैरान: रीवा में एक्स-रे व्यवस्था ठप

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रीवा जिले के सबसे बड़े सरकारी स्वास्थ्य संस्थान, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में एक्स-रे फिल्म की कमी ने मरीजों की परेशानी बढ़ा दी है। अस्पताल में फिलहाल पारंपरिक एक्स-रे फिल्म उपलब्ध नहीं है, जिसके चलते जांच रिपोर्ट अब मरीजों को डिजिटल रूप में मोबाइल पर भेजी जा रही है। यह व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए अधिक चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है।

अस्पताल में रोजाना सैकड़ों मरीज एक्स-रे जांच के लिए पहुंचते हैं, लेकिन फिल्म खत्म होने के कारण उन्हें हार्ड कॉपी नहीं मिल पा रही है। इसके बजाय मरीजों के मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप या अन्य डिजिटल माध्यम से रिपोर्ट भेजी जा रही है। कई मरीजों के पास स्मार्टफोन नहीं होने या तकनीकी जानकारी की कमी के कारण वे रिपोर्ट को सही तरीके से समझ नहीं पा रहे हैं।

ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को इस स्थिति में सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई मामलों में उन्हें बाहर निजी दुकानों से रिपोर्ट की प्रिंट कॉपी निकलवानी पड़ रही है, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ गया है। डॉक्टरों के लिए भी यह स्थिति मुश्किलें खड़ी कर रही है, क्योंकि कुछ चिकित्सकीय मामलों में एक्स-रे फिल्म पर स्पष्ट अध्ययन अधिक प्रभावी माना जाता है।

मरीजों और परिजनों का कहना है कि अस्पताल में पहले से ही भीड़ और संसाधनों की कमी रहती है। ऐसे में एक्स-रे फिल्म का अचानक खत्म हो जाना स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारी और प्रबंधन पर सवाल खड़े करता है। कुछ लोगों ने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए कहा कि समय रहते स्टॉक की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए थी।

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हालांकि, इस व्यवस्था ने स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल और पारंपरिक सिस्टम के बीच संतुलन की कमी को उजागर कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण और तकनीकी रूप से कम सक्षम मरीजों के लिए पूरी तरह डिजिटल व्यवस्था अभी प्रभावी विकल्प नहीं है।फिलहाल मरीजों को अस्थायी तौर पर इसी व्यवस्था के सहारे जांच रिपोर्ट मिल रही है। 

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