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यूरोप दौरे पर जाएंगे केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, तीन देशों में व्यापार और निवेश सहयोग पर होगा फोकस
Digital Desk
स्पेन, बेल्जियम और फिनलैंड की पांच दिवसीय यात्रा में बिजनेस डेलिगेशन का नेतृत्व करेंगे, व्यापार, तकनीक और निवेश बढ़ाने पर होगी चर्चा
भारत और यूरोपीय देशों के बीच व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को नई मजबूती देने के उद्देश्य से केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल तीन देशों के महत्वपूर्ण दौरे पर जा रहे हैं। इस यात्रा के दौरान वे स्पेन, बेल्जियम और फिनलैंड का दौरा करेंगे। पांच दिनों तक चलने वाली इस यात्रा में उनके साथ एक उच्चस्तरीय भारतीय बिजनेस डेलिगेशन भी मौजूद रहेगा। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य व्यापार, निवेश, तकनीकी सहयोग और उभरते औद्योगिक क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाना है।
केंद्रीय मंत्री का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत वैश्विक स्तर पर निवेश आकर्षित करने और नई तकनीकों के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। सरकार का मानना है कि यूरोप के साथ मजबूत आर्थिक साझेदारी भारत के औद्योगिक विकास और निर्यात को नई गति दे सकती है।
यात्रा की शुरुआत स्पेन से होगी, जहां पीयूष गोयल भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। स्पेन में वे वहां के प्रमुख व्यापारिक संगठनों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और निवेश एजेंसियों के साथ बिजनेस राउंडटेबल बैठक में हिस्सा लेंगे। इस दौरान दोनों देशों के उद्योगपतियों और नीति निर्माताओं के बीच व्यापारिक अवसरों पर विस्तार से चर्चा होगी।
स्पेन में होने वाली बैठकों में ऑटोमोबाइल, नवीकरणीय ऊर्जा, रेलवे, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, खाद्य प्रसंस्करण और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। भारत इन क्षेत्रों में विदेशी निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ तकनीकी साझेदारी को भी मजबूत करना चाहता है।
स्पेन दौरे के बाद केंद्रीय मंत्री बेल्जियम पहुंचेंगे, जहां वे इंडिया-यूरोपियन यूनियन (EU) बिजनेस राउंडटेबल में भाग लेंगे। इस बैठक में भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने पर विचार-विमर्श होगा। इसके अलावा विदेशी निवेश, टिकाऊ तकनीक, वैश्विक सप्लाई चेन, हरित विकास और औद्योगिक सहयोग जैसे विषय भी एजेंडे में शामिल रहेंगे।
बेल्जियम यूरोप के प्रमुख आर्थिक केंद्रों में से एक माना जाता है। ऐसे में भारत के लिए यह दौरा रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर चल रही बातचीत को भी इस तरह की उच्चस्तरीय बैठकों से सकारात्मक दिशा मिल सकती है।
यात्रा के अंतिम चरण में पीयूष गोयल फिनलैंड का दौरा करेंगे। यहां वे इंडिया-फिनलैंड बिजनेस राउंडटेबल में शामिल होंगे। इस दौरान दूरसंचार, स्वच्छ ऊर्जा, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, स्मार्ट मोबिलिटी, इनोवेशन और डिजिटल तकनीकों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी।
फिनलैंड दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री वहां की कई प्रमुख कंपनियों और अनुसंधान संस्थानों का भी दौरा करेंगे। इनमें दूरसंचार क्षेत्र की अग्रणी कंपनी नोकिया, लिफ्ट एवं एस्केलेटर निर्माता कोने, वेल्डिंग तकनीक से जुड़ी केम्पी ग्रुप और वीटीटी रिसर्च सेंटर जैसे संस्थान शामिल हैं। इन संस्थानों के साथ संभावित सहयोग के अवसरों पर भी बातचीत की जाएगी।
सरकार का मानना है कि वैश्विक तकनीकी कंपनियों और अनुसंधान संस्थानों के साथ साझेदारी से भारत के औद्योगिक और तकनीकी विकास को नई दिशा मिल सकती है। विशेष रूप से सेमीकंडक्टर, क्लीन एनर्जी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग आने वाले वर्षों में काफी अहम माना जा रहा है।
इस पूरे दौरे के दौरान रत्न एवं आभूषण, हेल्थ सर्विस, डिजिटल टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा और नवाचार आधारित उद्योगों में निवेश की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। भारतीय उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को यूरोपीय कंपनियों के साथ सीधे संवाद का अवसर मिलेगा, जिससे दोनों पक्षों के बीच नए व्यापारिक समझौतों की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।
भारत पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार बनकर उभरा है। सरकार 'मेक इन इंडिया', 'डिजिटल इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसी योजनाओं के माध्यम से विदेशी निवेश और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा दे रही है। ऐसे में पीयूष गोयल का यह दौरा भारत की आर्थिक कूटनीति का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है।
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यूरोप दौरे पर जाएंगे केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, तीन देशों में व्यापार और निवेश सहयोग पर होगा फोकस
Digital Desk
भारत और यूरोपीय देशों के बीच व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को नई मजबूती देने के उद्देश्य से केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल तीन देशों के महत्वपूर्ण दौरे पर जा रहे हैं। इस यात्रा के दौरान वे स्पेन, बेल्जियम और फिनलैंड का दौरा करेंगे। पांच दिनों तक चलने वाली इस यात्रा में उनके साथ एक उच्चस्तरीय भारतीय बिजनेस डेलिगेशन भी मौजूद रहेगा। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य व्यापार, निवेश, तकनीकी सहयोग और उभरते औद्योगिक क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाना है।
केंद्रीय मंत्री का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत वैश्विक स्तर पर निवेश आकर्षित करने और नई तकनीकों के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। सरकार का मानना है कि यूरोप के साथ मजबूत आर्थिक साझेदारी भारत के औद्योगिक विकास और निर्यात को नई गति दे सकती है।
यात्रा की शुरुआत स्पेन से होगी, जहां पीयूष गोयल भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। स्पेन में वे वहां के प्रमुख व्यापारिक संगठनों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और निवेश एजेंसियों के साथ बिजनेस राउंडटेबल बैठक में हिस्सा लेंगे। इस दौरान दोनों देशों के उद्योगपतियों और नीति निर्माताओं के बीच व्यापारिक अवसरों पर विस्तार से चर्चा होगी।
स्पेन में होने वाली बैठकों में ऑटोमोबाइल, नवीकरणीय ऊर्जा, रेलवे, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, खाद्य प्रसंस्करण और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। भारत इन क्षेत्रों में विदेशी निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ तकनीकी साझेदारी को भी मजबूत करना चाहता है।
स्पेन दौरे के बाद केंद्रीय मंत्री बेल्जियम पहुंचेंगे, जहां वे इंडिया-यूरोपियन यूनियन (EU) बिजनेस राउंडटेबल में भाग लेंगे। इस बैठक में भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने पर विचार-विमर्श होगा। इसके अलावा विदेशी निवेश, टिकाऊ तकनीक, वैश्विक सप्लाई चेन, हरित विकास और औद्योगिक सहयोग जैसे विषय भी एजेंडे में शामिल रहेंगे।
बेल्जियम यूरोप के प्रमुख आर्थिक केंद्रों में से एक माना जाता है। ऐसे में भारत के लिए यह दौरा रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर चल रही बातचीत को भी इस तरह की उच्चस्तरीय बैठकों से सकारात्मक दिशा मिल सकती है।
यात्रा के अंतिम चरण में पीयूष गोयल फिनलैंड का दौरा करेंगे। यहां वे इंडिया-फिनलैंड बिजनेस राउंडटेबल में शामिल होंगे। इस दौरान दूरसंचार, स्वच्छ ऊर्जा, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, स्मार्ट मोबिलिटी, इनोवेशन और डिजिटल तकनीकों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी।
फिनलैंड दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री वहां की कई प्रमुख कंपनियों और अनुसंधान संस्थानों का भी दौरा करेंगे। इनमें दूरसंचार क्षेत्र की अग्रणी कंपनी नोकिया, लिफ्ट एवं एस्केलेटर निर्माता कोने, वेल्डिंग तकनीक से जुड़ी केम्पी ग्रुप और वीटीटी रिसर्च सेंटर जैसे संस्थान शामिल हैं। इन संस्थानों के साथ संभावित सहयोग के अवसरों पर भी बातचीत की जाएगी।
सरकार का मानना है कि वैश्विक तकनीकी कंपनियों और अनुसंधान संस्थानों के साथ साझेदारी से भारत के औद्योगिक और तकनीकी विकास को नई दिशा मिल सकती है। विशेष रूप से सेमीकंडक्टर, क्लीन एनर्जी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग आने वाले वर्षों में काफी अहम माना जा रहा है।
इस पूरे दौरे के दौरान रत्न एवं आभूषण, हेल्थ सर्विस, डिजिटल टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा और नवाचार आधारित उद्योगों में निवेश की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। भारतीय उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को यूरोपीय कंपनियों के साथ सीधे संवाद का अवसर मिलेगा, जिससे दोनों पक्षों के बीच नए व्यापारिक समझौतों की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।
भारत पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार बनकर उभरा है। सरकार 'मेक इन इंडिया', 'डिजिटल इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसी योजनाओं के माध्यम से विदेशी निवेश और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा दे रही है। ऐसे में पीयूष गोयल का यह दौरा भारत की आर्थिक कूटनीति का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है।
