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झारखंड छात्र आंदोलन में बातचीत की उम्मीद, CM से सीधे संवाद की शर्त; भर्ती परीक्षा विवाद में 19 गिरफ्तार
Digital Desk
JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर 13वें दिन भी जारी धरना, छात्र बोले- मुख्यमंत्री मीडिया की मौजूदगी में करें बातचीत, CBI-ED जांच की मांग बरकरार
रांची में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) समेत विभिन्न सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। राजधानी के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले 13 दिनों से हजारों अभ्यर्थी धरने पर बैठे हैं। अब आंदोलन के बीच बातचीत की संभावनाएं भी बनी हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार से वार्ता के लिए सहमति जताई है, लेकिन इसके साथ स्पष्ट शर्त भी रख दी है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं बातचीत करें और पूरी प्रक्रिया मीडिया की मौजूदगी में हो, ताकि चर्चा पारदर्शी रहे और किसी तरह का भ्रम न पैदा हो।
छात्र नेताओं का कहना है कि सरकार यदि वास्तव में समाधान चाहती है तो मुख्यमंत्री को सीधे प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों से संवाद करना चाहिए। उनका आरोप है कि केवल प्रतिनिधिमंडल बुलाकर आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। छात्र चाहते हैं कि बातचीत सार्वजनिक हो और उसमें कम से कम दो मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहें, ताकि सभी पक्षों की बात लोगों तक स्पष्ट रूप से पहुंच सके।
13वें दिन भी जारी रहा आंदोलन
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना लगातार जारी है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी दिन-रात प्रदर्शन स्थल पर डटे हुए हैं। आंदोलन का केंद्र अब केवल JPSC परीक्षा नहीं, बल्कि राज्य की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग बन गया है।
धरना स्थल पर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो समेत छह छात्र आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनकी मांग है कि पूरे मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों CBI और ED से कराई जाए ताकि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच हो सके।
अनशन के दौरान देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत भी बिगड़ गई। मेडिकल टीम ने मौके पर पहुंचकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल गिरने के बाद उन्हें स्लाइन चढ़ाई गई। इसके बावजूद उन्होंने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।
सरकार ने भेजा बातचीत का प्रस्ताव
बुधवार को सरकार की ओर से प्रशासनिक अधिकारियों का एक दल प्रदर्शन स्थल पहुंचा। एसडीओ कुमार रजत और एडीएम धनंजय कुमार ने मुख्यमंत्री का संदेश छात्रों तक पहुंचाया। अधिकारियों ने छात्र प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के नाम मांगे ताकि आगे बैठक की तारीख और समय तय किया जा सके।
छात्र नेता रविंद्र पासवान ने बताया कि सरकार ने पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बुलाने की बात कही है, लेकिन छात्र चाहते हैं कि मुख्यमंत्री खुद सामने आकर बातचीत करें। उनका कहना है कि आंदोलन किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है।
चार मंत्रियों की समिति बनाई गई
छात्रों से वार्ता के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चार सदस्यीय मंत्रियों की समिति गठित की है। इसमें उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, कल्याण मंत्री चमरा लिंडा और उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव को शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने इन मंत्रियों के साथ बैठक कर आंदोलन की स्थिति की समीक्षा की। इसके बाद छात्र नेताओं को बातचीत का निमंत्रण भेजा गया, लेकिन वार्ता की शर्तों पर सहमति नहीं बन सकी। अब दोनों पक्षों के बीच अगली बैठक की संभावना बनी हुई है।
क्यों भड़का विवाद?
पूरा विवाद 2 जुलाई को JPSC द्वारा जारी 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम के बाद शुरू हुआ। आयोग ने 2,204 उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया।
रिजल्ट सामने आते ही कई अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए। आरोप लगाया गया कि आयोग ने कटऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक अभ्यर्थी की कथित OMR शीट वायरल हुई, जिसमें दावा किया गया कि उसने केवल 48 प्रश्न हल किए थे, फिर भी उसे मुख्य परीक्षा के लिए चयनित कर लिया गया।
इसके अलावा परिणाम सूची पर आयोग के अधिकारियों के हस्ताक्षर नहीं होने को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ। बढ़ते विरोध और सवालों के बीच आयोग ने प्रस्तावित मुख्य परीक्षा स्थगित कर दी।
जांच में तेजी, 19 आरोपी गिरफ्तार
भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच अब तेजी से आगे बढ़ रही है। राज्य की अपराध जांच एजेंसी CID ने बुधवार देर रात पांच और लोगों को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है।
जांच एजेंसियां परीक्षा प्रक्रिया, दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
सोनम वांगचुक ने की बातचीत
आंदोलन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से वीडियो कॉल पर बात की। उन्होंने देवेंद्र से स्वास्थ्य का ध्यान रखने और पानी पीने की अपील की। वांगचुक की अपील पर देवेंद्र ने पानी तो पिया, लेकिन स्पष्ट कर दिया कि उनका आमरण अनशन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि यह आंदोलन किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है। उनका उद्देश्य राज्य की सभी भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी बनाना और युवाओं का भरोसा बहाल करना है। उनका कहना है कि यदि समय पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो योग्य अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित होगा।
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झारखंड छात्र आंदोलन में बातचीत की उम्मीद, CM से सीधे संवाद की शर्त; भर्ती परीक्षा विवाद में 19 गिरफ्तार
Digital Desk
रांची में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) समेत विभिन्न सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। राजधानी के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले 13 दिनों से हजारों अभ्यर्थी धरने पर बैठे हैं। अब आंदोलन के बीच बातचीत की संभावनाएं भी बनी हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार से वार्ता के लिए सहमति जताई है, लेकिन इसके साथ स्पष्ट शर्त भी रख दी है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं बातचीत करें और पूरी प्रक्रिया मीडिया की मौजूदगी में हो, ताकि चर्चा पारदर्शी रहे और किसी तरह का भ्रम न पैदा हो।
छात्र नेताओं का कहना है कि सरकार यदि वास्तव में समाधान चाहती है तो मुख्यमंत्री को सीधे प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों से संवाद करना चाहिए। उनका आरोप है कि केवल प्रतिनिधिमंडल बुलाकर आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। छात्र चाहते हैं कि बातचीत सार्वजनिक हो और उसमें कम से कम दो मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहें, ताकि सभी पक्षों की बात लोगों तक स्पष्ट रूप से पहुंच सके।
13वें दिन भी जारी रहा आंदोलन
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना लगातार जारी है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी दिन-रात प्रदर्शन स्थल पर डटे हुए हैं। आंदोलन का केंद्र अब केवल JPSC परीक्षा नहीं, बल्कि राज्य की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग बन गया है।
धरना स्थल पर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो समेत छह छात्र आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनकी मांग है कि पूरे मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों CBI और ED से कराई जाए ताकि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच हो सके।
अनशन के दौरान देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत भी बिगड़ गई। मेडिकल टीम ने मौके पर पहुंचकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल गिरने के बाद उन्हें स्लाइन चढ़ाई गई। इसके बावजूद उन्होंने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।
सरकार ने भेजा बातचीत का प्रस्ताव
बुधवार को सरकार की ओर से प्रशासनिक अधिकारियों का एक दल प्रदर्शन स्थल पहुंचा। एसडीओ कुमार रजत और एडीएम धनंजय कुमार ने मुख्यमंत्री का संदेश छात्रों तक पहुंचाया। अधिकारियों ने छात्र प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के नाम मांगे ताकि आगे बैठक की तारीख और समय तय किया जा सके।
छात्र नेता रविंद्र पासवान ने बताया कि सरकार ने पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बुलाने की बात कही है, लेकिन छात्र चाहते हैं कि मुख्यमंत्री खुद सामने आकर बातचीत करें। उनका कहना है कि आंदोलन किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है।
चार मंत्रियों की समिति बनाई गई
छात्रों से वार्ता के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चार सदस्यीय मंत्रियों की समिति गठित की है। इसमें उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, कल्याण मंत्री चमरा लिंडा और उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव को शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने इन मंत्रियों के साथ बैठक कर आंदोलन की स्थिति की समीक्षा की। इसके बाद छात्र नेताओं को बातचीत का निमंत्रण भेजा गया, लेकिन वार्ता की शर्तों पर सहमति नहीं बन सकी। अब दोनों पक्षों के बीच अगली बैठक की संभावना बनी हुई है।
क्यों भड़का विवाद?
पूरा विवाद 2 जुलाई को JPSC द्वारा जारी 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम के बाद शुरू हुआ। आयोग ने 2,204 उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया।
रिजल्ट सामने आते ही कई अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए। आरोप लगाया गया कि आयोग ने कटऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक अभ्यर्थी की कथित OMR शीट वायरल हुई, जिसमें दावा किया गया कि उसने केवल 48 प्रश्न हल किए थे, फिर भी उसे मुख्य परीक्षा के लिए चयनित कर लिया गया।
इसके अलावा परिणाम सूची पर आयोग के अधिकारियों के हस्ताक्षर नहीं होने को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ। बढ़ते विरोध और सवालों के बीच आयोग ने प्रस्तावित मुख्य परीक्षा स्थगित कर दी।
जांच में तेजी, 19 आरोपी गिरफ्तार
भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच अब तेजी से आगे बढ़ रही है। राज्य की अपराध जांच एजेंसी CID ने बुधवार देर रात पांच और लोगों को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है।
जांच एजेंसियां परीक्षा प्रक्रिया, दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
सोनम वांगचुक ने की बातचीत
आंदोलन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से वीडियो कॉल पर बात की। उन्होंने देवेंद्र से स्वास्थ्य का ध्यान रखने और पानी पीने की अपील की। वांगचुक की अपील पर देवेंद्र ने पानी तो पिया, लेकिन स्पष्ट कर दिया कि उनका आमरण अनशन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि यह आंदोलन किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है। उनका उद्देश्य राज्य की सभी भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी बनाना और युवाओं का भरोसा बहाल करना है। उनका कहना है कि यदि समय पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो योग्य अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित होगा।
