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बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला, इजराइल का तेहरान पर एयरस्ट्राइक; भारत के लिए तेल-गैस लेकर जहाज रवाना
अंतराष्ट्रीय न्यूज
मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारत की ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित रखने के लिए नौसेना सतर्क, कांडला और मुंद्रा पोर्ट पहुंचेंगे तेल और LPG से भरे जहाज
मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच इराक की राजधानी बगदाद में स्थित अमेरिकी दूतावास के पास ड्रोन और रॉकेट से हमला किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार एयर डिफेंस सिस्टम ने हमले को काफी हद तक नाकाम कर दिया, लेकिन क्षेत्र में कई धमाकों की आवाज सुनी गई। घटना से कुछ घंटे पहले ही अमेरिकी दूतावास ने इराक में मौजूद अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी की थी।
इस बीच इजराइल ने दावा किया है कि उसने ईरान की राजधानी तेहरान में बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक किए हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार तेहरान के उत्तरी हिस्से में कई जोरदार विस्फोट सुने गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाके सादाबाद पैलेस परिसर के पास हुए, जिससे आसपास के क्षेत्रों में दहशत फैल गई। हालांकि इन हमलों में हुए नुकसान और हताहतों की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
मिडिल ईस्ट में जारी इस संघर्ष के कारण वैश्विक तेल बाजार भी प्रभावित हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के मुताबिक दुबई क्रूड ऑयल की कीमत बढ़कर लगभग 153 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जो अब तक का रिकॉर्ड स्तर माना जा रहा है। ओमान का कच्चा तेल भी करीब 148 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध और आपूर्ति में संभावित बाधा के कारण तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ रही है।
इसी बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है। ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने के लिए दो बड़े जहाज आज गुजरात के बंदरगाहों पर पहुंचने वाले हैं। ‘नंदा देवी’ नामक जहाज करीब 46 हजार मीट्रिक टन एलपीजी लेकर कांडला पोर्ट पहुंचेगा, जबकि ‘जग लाडकी’ जहाज लगभग 81 हजार टन कच्चा तेल लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचेगा। ये दोनों जहाज रणनीतिक समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट से होकर भारत आ रहे हैं, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण रास्ता माना जाता है।
इससे पहले ‘शिवालिक’ नामक भारतीय जहाज भी एलपीजी लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंच चुका है। इस जहाज पर करीब 46 हजार मीट्रिक टन एलपीजी था, जो लगभग 32 लाख से अधिक घरेलू गैस सिलेंडरों के बराबर बताया गया है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत ने होर्मुज स्ट्रेट के पास अपने दो युद्धपोत तैनात किए हैं। सूत्रों के अनुसार भारतीय नौसेना की यह टास्क फोर्स उन व्यापारिक जहाजों और तेल टैंकरों की सुरक्षा करेगी जो भारत के लिए ऊर्जा संसाधन लेकर आ रहे हैं। आवश्यकता पड़ने पर इन जहाजों को सैन्य सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
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मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच इराक की राजधानी बगदाद में स्थित अमेरिकी दूतावास के पास ड्रोन और रॉकेट से हमला किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार एयर डिफेंस सिस्टम ने हमले को काफी हद तक नाकाम कर दिया, लेकिन क्षेत्र में कई धमाकों की आवाज सुनी गई। घटना से कुछ घंटे पहले ही अमेरिकी दूतावास ने इराक में मौजूद अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी की थी।
इस बीच इजराइल ने दावा किया है कि उसने ईरान की राजधानी तेहरान में बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक किए हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार तेहरान के उत्तरी हिस्से में कई जोरदार विस्फोट सुने गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाके सादाबाद पैलेस परिसर के पास हुए, जिससे आसपास के क्षेत्रों में दहशत फैल गई। हालांकि इन हमलों में हुए नुकसान और हताहतों की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
मिडिल ईस्ट में जारी इस संघर्ष के कारण वैश्विक तेल बाजार भी प्रभावित हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के मुताबिक दुबई क्रूड ऑयल की कीमत बढ़कर लगभग 153 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जो अब तक का रिकॉर्ड स्तर माना जा रहा है। ओमान का कच्चा तेल भी करीब 148 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध और आपूर्ति में संभावित बाधा के कारण तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ रही है।
इसी बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है। ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने के लिए दो बड़े जहाज आज गुजरात के बंदरगाहों पर पहुंचने वाले हैं। ‘नंदा देवी’ नामक जहाज करीब 46 हजार मीट्रिक टन एलपीजी लेकर कांडला पोर्ट पहुंचेगा, जबकि ‘जग लाडकी’ जहाज लगभग 81 हजार टन कच्चा तेल लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचेगा। ये दोनों जहाज रणनीतिक समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट से होकर भारत आ रहे हैं, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण रास्ता माना जाता है।
इससे पहले ‘शिवालिक’ नामक भारतीय जहाज भी एलपीजी लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंच चुका है। इस जहाज पर करीब 46 हजार मीट्रिक टन एलपीजी था, जो लगभग 32 लाख से अधिक घरेलू गैस सिलेंडरों के बराबर बताया गया है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत ने होर्मुज स्ट्रेट के पास अपने दो युद्धपोत तैनात किए हैं। सूत्रों के अनुसार भारतीय नौसेना की यह टास्क फोर्स उन व्यापारिक जहाजों और तेल टैंकरों की सुरक्षा करेगी जो भारत के लिए ऊर्जा संसाधन लेकर आ रहे हैं। आवश्यकता पड़ने पर इन जहाजों को सैन्य सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
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