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ईरान का आरोप: अमेरिका ने सीजफायर की 3 शर्तें तोड़ी, ट्रम्प बोले- सेना ईरान के आसपास रहेगी
अंतराष्ट्रीय न्यूज
लेबनान में इजराइली हमले, होर्मुज स्ट्रेट में टोल और वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर संकट बढ़ा
ईरान ने अमेरिका पर दो सप्ताह के सीजफायर की तीन अहम शर्तें तोड़ने का आरोप लगाया है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका ने वार्ता शुरू होने से पहले ही समझौते की बुनियादी शर्तों का उल्लंघन कर दिया। गालिबाफ ने बताया कि लेबनान में इजराइली हमले, ईरानी एयरस्पेस में ड्रोन घुसपैठ और यूरेनियम संवर्धन के अधिकार की अनदेखी अमेरिका की मुख्य त्रुटियां हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि जब तक ईरान के साथ अंतिम समझौता लागू नहीं होता, अमेरिकी सेना, जहाज और विमान ईरान के आसपास तैनात रहेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समझौते का पालन नहीं हुआ, तो गोलीबारी फिर से शुरू हो सकती है, जो पहले से अधिक विनाशकारी होगी।
वहीं, लेबनान में इजराइली हमलों में बुधवार को 254 लोगों की मौत हुई और 1,165 घायल हुए। हमले बेरूत, बेक्का वैली, माउंट लेबनान और दक्षिणी गांवों में हुए। इजराइल ने इसे हिजबुल्लाह के ठिकानों पर कार्रवाई बताया, जबकि ईरान और पाकिस्तान ने इसे सीजफायर उल्लंघन करार दिया।
इजराइल ने अपने समुद्री गैस प्लेटफ़ॉर्म ‘करिश’ को फिर चालू करने का फैसला किया। सुरक्षा कारणों से फरवरी के अंत में यह बंद किया गया था। इसके अलावा, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर 1 डॉलर प्रति बैरल टोल लगाने की योजना बनाई है। इसका भुगतान क्रिप्टोकरेंसी में होना तय है और सभी जहाजों को अपने कार्गो की जानकारी पहले देनी होगी।
चीन, इटली और यूरोप के अन्य देश संघर्ष रोकने और शांति बहाल करने की कोशिशों में सक्रिय हैं। चीन ने सभी पक्षों को शांति प्रक्रिया का लाभ उठाने की सलाह दी। फ्रांस, ब्रिटेन, स्पेन और इटली ने लेबनान में इजराइली हमलों की निंदा की और सीजफायर का विस्तार करने की मांग की।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, IMF और वर्ल्ड बैंक ने चेतावनी दी कि ईरान युद्ध से तेल, गैस और उर्वरक की कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे वैश्विक खाद्य संकट बढ़ सकता है। वर्ल्ड फूड प्रोग्राम ने भी सबसे कमजोर देशों की खाद्य सुरक्षा पर गंभीर असर की चेतावनी दी।
ईरान और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों ने फोन पर बातचीत की और क्षेत्रीय तनाव कम करने पर चर्चा की। वहीं, अमेरिका और पाकिस्तान के बीच सीजफायर की व्याख्या को लेकर मतभेद सामने आए हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं था, जबकि पाकिस्तान ने इसे शामिल माना।
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ईरान का आरोप: अमेरिका ने सीजफायर की 3 शर्तें तोड़ी, ट्रम्प बोले- सेना ईरान के आसपास रहेगी
अंतराष्ट्रीय न्यूज
ईरान ने अमेरिका पर दो सप्ताह के सीजफायर की तीन अहम शर्तें तोड़ने का आरोप लगाया है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका ने वार्ता शुरू होने से पहले ही समझौते की बुनियादी शर्तों का उल्लंघन कर दिया। गालिबाफ ने बताया कि लेबनान में इजराइली हमले, ईरानी एयरस्पेस में ड्रोन घुसपैठ और यूरेनियम संवर्धन के अधिकार की अनदेखी अमेरिका की मुख्य त्रुटियां हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि जब तक ईरान के साथ अंतिम समझौता लागू नहीं होता, अमेरिकी सेना, जहाज और विमान ईरान के आसपास तैनात रहेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समझौते का पालन नहीं हुआ, तो गोलीबारी फिर से शुरू हो सकती है, जो पहले से अधिक विनाशकारी होगी।
वहीं, लेबनान में इजराइली हमलों में बुधवार को 254 लोगों की मौत हुई और 1,165 घायल हुए। हमले बेरूत, बेक्का वैली, माउंट लेबनान और दक्षिणी गांवों में हुए। इजराइल ने इसे हिजबुल्लाह के ठिकानों पर कार्रवाई बताया, जबकि ईरान और पाकिस्तान ने इसे सीजफायर उल्लंघन करार दिया।
इजराइल ने अपने समुद्री गैस प्लेटफ़ॉर्म ‘करिश’ को फिर चालू करने का फैसला किया। सुरक्षा कारणों से फरवरी के अंत में यह बंद किया गया था। इसके अलावा, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर 1 डॉलर प्रति बैरल टोल लगाने की योजना बनाई है। इसका भुगतान क्रिप्टोकरेंसी में होना तय है और सभी जहाजों को अपने कार्गो की जानकारी पहले देनी होगी।
चीन, इटली और यूरोप के अन्य देश संघर्ष रोकने और शांति बहाल करने की कोशिशों में सक्रिय हैं। चीन ने सभी पक्षों को शांति प्रक्रिया का लाभ उठाने की सलाह दी। फ्रांस, ब्रिटेन, स्पेन और इटली ने लेबनान में इजराइली हमलों की निंदा की और सीजफायर का विस्तार करने की मांग की।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, IMF और वर्ल्ड बैंक ने चेतावनी दी कि ईरान युद्ध से तेल, गैस और उर्वरक की कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे वैश्विक खाद्य संकट बढ़ सकता है। वर्ल्ड फूड प्रोग्राम ने भी सबसे कमजोर देशों की खाद्य सुरक्षा पर गंभीर असर की चेतावनी दी।
ईरान और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों ने फोन पर बातचीत की और क्षेत्रीय तनाव कम करने पर चर्चा की। वहीं, अमेरिका और पाकिस्तान के बीच सीजफायर की व्याख्या को लेकर मतभेद सामने आए हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं था, जबकि पाकिस्तान ने इसे शामिल माना।
