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किसानों को राहत: खाद सब्सिडी बढ़ी, 1350 में मिलेगा DAP
बिजनेस न्यूज
खरीफ 2026 के लिए खाद सब्सिडी में बढ़ोतरी, DAP की कीमत स्थिर; ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बड़े निवेश
केंद्र सरकार ने कृषि, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे को मजबूती देने के उद्देश्य से ₹1.74 लाख करोड़ के कई बड़े प्रोजेक्ट्स और प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इन फैसलों में सबसे बड़ा फोकस किसानों को राहत देने और ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने पर रहा।
कैबिनेट ने खरीफ सीजन 2026 के लिए फॉस्फेटिक और पोटाश उर्वरकों पर ₹41,533 करोड़ की सब्सिडी को मंजूरी दी है, जो पिछले साल के मुकाबले ₹4,317 करोड़ अधिक है। इस फैसले का सीधा फायदा किसानों को मिलेगा, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद DAP उर्वरक की कीमत ₹1,350 प्रति 50 किलो बैग पर स्थिर रखी गई है।
किसानों के लिए क्या खास?
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खेती की लागत न बढ़े और किसानों को सस्ते दर पर खाद मिलती रहे। न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी (NBS) योजना के तहत उर्वरकों पर यह सहायता दी जाती है, जिससे कच्चे माल की महंगाई का असर सीधे किसानों पर नहीं पड़ता।
ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा निवेश
ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दो बड़े हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। कुल ₹40,000 करोड़ से अधिक लागत वाले इन प्रोजेक्ट्स से 2,920 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता विकसित होगी। यह कदम स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और भविष्य की बिजली जरूरतों को पूरा करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
रिफाइनरी और मेट्रो प्रोजेक्ट को भी मंजूरी
राजस्थान में रिफाइनरी प्रोजेक्ट की लागत को संशोधित करते हुए ₹79,459 करोड़ कर दिया गया है। यह प्रोजेक्ट ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने में मदद करेगा।
वहीं, जयपुर मेट्रो फेज-2 को भी मंजूरी मिल गई है, जिसके तहत ₹13,038 करोड़ की लागत से 41 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इससे शहरी परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
क्यों जरूरी हैं ये फैसले?
विशेषज्ञों के अनुसार, इन निर्णयों से एक ओर किसानों को राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश से रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
आगे की स्थिति
सरकार का कहना है कि इन योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और इनके प्रभाव की निगरानी भी की जाएगी। आने वाले समय में इन फैसलों का असर देश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों के जीवन पर साफ दिखाई दे सकता है।
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किसानों को राहत: खाद सब्सिडी बढ़ी, 1350 में मिलेगा DAP
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केंद्र सरकार ने कृषि, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे को मजबूती देने के उद्देश्य से ₹1.74 लाख करोड़ के कई बड़े प्रोजेक्ट्स और प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इन फैसलों में सबसे बड़ा फोकस किसानों को राहत देने और ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने पर रहा।
कैबिनेट ने खरीफ सीजन 2026 के लिए फॉस्फेटिक और पोटाश उर्वरकों पर ₹41,533 करोड़ की सब्सिडी को मंजूरी दी है, जो पिछले साल के मुकाबले ₹4,317 करोड़ अधिक है। इस फैसले का सीधा फायदा किसानों को मिलेगा, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद DAP उर्वरक की कीमत ₹1,350 प्रति 50 किलो बैग पर स्थिर रखी गई है।
किसानों के लिए क्या खास?
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खेती की लागत न बढ़े और किसानों को सस्ते दर पर खाद मिलती रहे। न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी (NBS) योजना के तहत उर्वरकों पर यह सहायता दी जाती है, जिससे कच्चे माल की महंगाई का असर सीधे किसानों पर नहीं पड़ता।
ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा निवेश
ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दो बड़े हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। कुल ₹40,000 करोड़ से अधिक लागत वाले इन प्रोजेक्ट्स से 2,920 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता विकसित होगी। यह कदम स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और भविष्य की बिजली जरूरतों को पूरा करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
रिफाइनरी और मेट्रो प्रोजेक्ट को भी मंजूरी
राजस्थान में रिफाइनरी प्रोजेक्ट की लागत को संशोधित करते हुए ₹79,459 करोड़ कर दिया गया है। यह प्रोजेक्ट ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने में मदद करेगा।
वहीं, जयपुर मेट्रो फेज-2 को भी मंजूरी मिल गई है, जिसके तहत ₹13,038 करोड़ की लागत से 41 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इससे शहरी परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
क्यों जरूरी हैं ये फैसले?
विशेषज्ञों के अनुसार, इन निर्णयों से एक ओर किसानों को राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश से रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
आगे की स्थिति
सरकार का कहना है कि इन योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और इनके प्रभाव की निगरानी भी की जाएगी। आने वाले समय में इन फैसलों का असर देश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों के जीवन पर साफ दिखाई दे सकता है।
