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Quad बैठक के बाद जयशंकर का बड़ा ऐलान, भारत-अमेरिका बनाएंगे खास मिनरल फ्रेमवर्क
नेशनल डेस्क
दिल्ली में हुई Quad बैठक के बाद एस जयशंकर ने भारत-अमेरिका के बीच महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ धातुओं पर नए फ्रेमवर्क का ऐलान किया।
नई दिल्ली में मंगलवार को Quad देशों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि भारत और अमेरिका खास खनिजों और दुर्लभ धातुओं की सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए एक नया द्विपक्षीय ढांचा तैयार कर रहे हैं। इस बैठक में अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों ने भी भाग लिया। चर्चा में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा, समुद्री सहयोग, साइबर सुरक्षा, AI तकनीक और वैश्विक सप्लाई चेन पर गहराई से बात की गई। वैश्विक तनाव और मध्य पूर्व की स्थितियों का असर भी प्रमुख विषय रहा।
बैठक के बाद, संयुक्त प्रेस बयान में जयशंकर ने कहा कि चारों देशों के बीच समन्वय लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि समुद्री निगरानी, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, अंडरसी केबल, प्रशिक्षण और आपदा राहत जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है और इसे और भी मजबूत किया जाएगा। विदेश मंत्री ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति हमेशा से रही है। उन्होंने ये भी बताया कि वर्तमान वैश्विक हालात के मद्देनज़र, एक भरोसेमंद और मजबूत सप्लाई चेन बनाना बहुत जरूरी हो गया है। इसी दिशा में भारत और अमेरिका के बीच नया ढांचा तैयार किया जा रहा है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बैठक के बाद दो बड़ी समुद्री सुरक्षा पहलों का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि ‘इंडो-पैसिफिक समुद्री निगरानी सहयोग पहल’ शुरू हो रही है, जिससे सदस्य देशों के बीच समुद्री सूचनाओं का आदान-प्रदान बेहतर होगा। इसके अलावा, ‘इंडो-पैसिफिक समुद्री क्षेत्र जागरूकता पहल’ का विस्तार किया जाएगा ताकि क्षेत्रीय देशों को रियल टाइम समुद्री डेटा मिल सके। रुबियो ने भारत को ‘क्वाड एट सी’ मिशन के अगले चरण की मेज़बानी के लिए धन्यवाद भी दिया।
जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने कहा कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में तेजी से बदलते हालात को देखते हुए Quad की भूमिका पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने बताया कि क्षेत्र में रणनीतिक तनाव बढ़ रहा है और ऊर्जा सुरक्षा पर भी दबाव है। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े हालात का हवाला देते हुए समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता बनाए रखने पर जोर दिया।
बैठक के बाद, भारत और अमेरिका के बीच महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ धातुओं के खनन, प्रोसेसिंग और रिसाइक्लिंग को लेकर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। जयशंकर ने कहा कि यह ढांचा सप्लाई चेन को और अधिक लचीला और सुरक्षित बनाएगा, साथ ही निवेश और तकनीकी सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। सूत्रों के अनुसार, इलेक्ट्रिक व्हीकल, सेमीकंडक्टर और हाईटेक सेक्टर में इन खनिजों की बढ़ती जरूरत को देखते हुए, इस समझौते को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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Quad बैठक के बाद जयशंकर का बड़ा ऐलान, भारत-अमेरिका बनाएंगे खास मिनरल फ्रेमवर्क
नेशनल डेस्क
नई दिल्ली में मंगलवार को Quad देशों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि भारत और अमेरिका खास खनिजों और दुर्लभ धातुओं की सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए एक नया द्विपक्षीय ढांचा तैयार कर रहे हैं। इस बैठक में अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों ने भी भाग लिया। चर्चा में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा, समुद्री सहयोग, साइबर सुरक्षा, AI तकनीक और वैश्विक सप्लाई चेन पर गहराई से बात की गई। वैश्विक तनाव और मध्य पूर्व की स्थितियों का असर भी प्रमुख विषय रहा।
बैठक के बाद, संयुक्त प्रेस बयान में जयशंकर ने कहा कि चारों देशों के बीच समन्वय लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि समुद्री निगरानी, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, अंडरसी केबल, प्रशिक्षण और आपदा राहत जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है और इसे और भी मजबूत किया जाएगा। विदेश मंत्री ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति हमेशा से रही है। उन्होंने ये भी बताया कि वर्तमान वैश्विक हालात के मद्देनज़र, एक भरोसेमंद और मजबूत सप्लाई चेन बनाना बहुत जरूरी हो गया है। इसी दिशा में भारत और अमेरिका के बीच नया ढांचा तैयार किया जा रहा है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बैठक के बाद दो बड़ी समुद्री सुरक्षा पहलों का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि ‘इंडो-पैसिफिक समुद्री निगरानी सहयोग पहल’ शुरू हो रही है, जिससे सदस्य देशों के बीच समुद्री सूचनाओं का आदान-प्रदान बेहतर होगा। इसके अलावा, ‘इंडो-पैसिफिक समुद्री क्षेत्र जागरूकता पहल’ का विस्तार किया जाएगा ताकि क्षेत्रीय देशों को रियल टाइम समुद्री डेटा मिल सके। रुबियो ने भारत को ‘क्वाड एट सी’ मिशन के अगले चरण की मेज़बानी के लिए धन्यवाद भी दिया।
जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने कहा कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में तेजी से बदलते हालात को देखते हुए Quad की भूमिका पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने बताया कि क्षेत्र में रणनीतिक तनाव बढ़ रहा है और ऊर्जा सुरक्षा पर भी दबाव है। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े हालात का हवाला देते हुए समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता बनाए रखने पर जोर दिया।
बैठक के बाद, भारत और अमेरिका के बीच महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ धातुओं के खनन, प्रोसेसिंग और रिसाइक्लिंग को लेकर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। जयशंकर ने कहा कि यह ढांचा सप्लाई चेन को और अधिक लचीला और सुरक्षित बनाएगा, साथ ही निवेश और तकनीकी सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। सूत्रों के अनुसार, इलेक्ट्रिक व्हीकल, सेमीकंडक्टर और हाईटेक सेक्टर में इन खनिजों की बढ़ती जरूरत को देखते हुए, इस समझौते को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
