जंतर-मंतर प्रदर्शन पर रिजिजू का सवाल, बोले- गोली कहां चली?

भारत

On

केंद्रीय मंत्री ने जेन-जी को अपना बताते हुए बातचीत पर जोर दिया, अभिजीत दीपके की राजनीतिक भूमिका पर भी उठाए सवाल

नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने सरकार का पक्ष रखा है। न्यूज एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में रिजिजू ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई तरह की बातें कही जा रही हैं, लेकिन यह भी देखा जाना चाहिए कि आखिर गोली कहां चली। उनके मुताबिक हजारों लोगों की मौजूदगी के बावजूद किसी प्रदर्शनकारी पर गोली नहीं चली और किसी को गंभीर चोट लगने की स्थिति सामने नहीं आई। रिजिजू ने इस पूरे मामले की तुलना पिछली सरकारों के समय हुए आंदोलनों से करते हुए कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर इसी तरह का आंदोलन कांग्रेस के शासन के दौरान हुआ होता तो स्थिति ज्यादा खराब हो सकती थी और बड़ी संख्या में लोगों की जान जाने की आशंका रहती। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और वहां पुलिस की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है।

रिजिजू ने बातचीत के दौरान जेन-जी को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को लेकर सरकार का रवैया टकराव वाला नहीं है। जेन-जी हमारे बच्चे हैं और उनके साथ बातचीत जारी रहनी चाहिए। उनके मुताबिक युवाओं की बात सुनना जरूरी है और सरकार की तरफ से इस संवाद में कोई कमी नहीं रखी जा रही। रिजिजू ने प्रदर्शन में शामिल युवाओं और उनके मुद्दों को राजनीतिक गतिविधियों से अलग देखने की जरूरत पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि युवाओं के बीच पैदा होने वाले असंतोष को केवल राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। बातचीत से कई गलतफहमियां दूर की जा सकती हैं। हालांकि प्रदर्शन को लेकर विपक्ष और सरकार के दावों में अंतर बना हुआ है। एक तरफ कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं सरकार इसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने की प्रक्रिया बता रही है।

इंटरव्यू में रिजिजू ने कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने दीपके की राजनीतिक पृष्ठभूमि और प्रदर्शन में उनकी भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह आम आदमी पार्टी से जुड़े कार्यकर्ता रहे हैं, फिर छात्र नेता के तौर पर उनकी भूमिका कैसे सामने आई। रिजिजू का आरोप है कि राजनीतिक दल युवाओं और छात्रों से जुड़े आंदोलनों को अपने राजनीतिक हित के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र आंदोलन में युवाओं की वास्तविक भागीदारी और उसके पीछे सक्रिय राजनीतिक भूमिका को अलग-अलग देखना चाहिए। इसी संदर्भ में उन्होंने अभिजीत दीपके का नाम लिया और उनकी भूमिका पर सवाल किया। रिजिजू ने राहुल गांधी और कांग्रेस को लेकर भी इंटरव्यू में कई टिप्पणियां कीं। उनके बयानों में मुख्य मुद्दा यही रहा कि युवाओं के आंदोलन को राजनीतिक रंग देने के बजाय उनके साथ सीधे संवाद होना चाहिए। जंतर-मंतर की घटना को लेकर सरकार और विपक्ष की बयानबाजी के बीच अब पुलिस कार्रवाई, प्रदर्शनकारियों की भूमिका और आंदोलन से जुड़े चेहरों को लेकर चर्चा चल रही है।

www.dainikjagranmpcg.com
18 Aug 2026 By Priyanka

जंतर-मंतर प्रदर्शन पर रिजिजू का सवाल, बोले- गोली कहां चली?

भारत

नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने सरकार का पक्ष रखा है। न्यूज एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में रिजिजू ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई तरह की बातें कही जा रही हैं, लेकिन यह भी देखा जाना चाहिए कि आखिर गोली कहां चली। उनके मुताबिक हजारों लोगों की मौजूदगी के बावजूद किसी प्रदर्शनकारी पर गोली नहीं चली और किसी को गंभीर चोट लगने की स्थिति सामने नहीं आई। रिजिजू ने इस पूरे मामले की तुलना पिछली सरकारों के समय हुए आंदोलनों से करते हुए कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर इसी तरह का आंदोलन कांग्रेस के शासन के दौरान हुआ होता तो स्थिति ज्यादा खराब हो सकती थी और बड़ी संख्या में लोगों की जान जाने की आशंका रहती। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और वहां पुलिस की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है।

रिजिजू ने बातचीत के दौरान जेन-जी को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को लेकर सरकार का रवैया टकराव वाला नहीं है। जेन-जी हमारे बच्चे हैं और उनके साथ बातचीत जारी रहनी चाहिए। उनके मुताबिक युवाओं की बात सुनना जरूरी है और सरकार की तरफ से इस संवाद में कोई कमी नहीं रखी जा रही। रिजिजू ने प्रदर्शन में शामिल युवाओं और उनके मुद्दों को राजनीतिक गतिविधियों से अलग देखने की जरूरत पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि युवाओं के बीच पैदा होने वाले असंतोष को केवल राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। बातचीत से कई गलतफहमियां दूर की जा सकती हैं। हालांकि प्रदर्शन को लेकर विपक्ष और सरकार के दावों में अंतर बना हुआ है। एक तरफ कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं सरकार इसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने की प्रक्रिया बता रही है।

इंटरव्यू में रिजिजू ने कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने दीपके की राजनीतिक पृष्ठभूमि और प्रदर्शन में उनकी भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह आम आदमी पार्टी से जुड़े कार्यकर्ता रहे हैं, फिर छात्र नेता के तौर पर उनकी भूमिका कैसे सामने आई। रिजिजू का आरोप है कि राजनीतिक दल युवाओं और छात्रों से जुड़े आंदोलनों को अपने राजनीतिक हित के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र आंदोलन में युवाओं की वास्तविक भागीदारी और उसके पीछे सक्रिय राजनीतिक भूमिका को अलग-अलग देखना चाहिए। इसी संदर्भ में उन्होंने अभिजीत दीपके का नाम लिया और उनकी भूमिका पर सवाल किया। रिजिजू ने राहुल गांधी और कांग्रेस को लेकर भी इंटरव्यू में कई टिप्पणियां कीं। उनके बयानों में मुख्य मुद्दा यही रहा कि युवाओं के आंदोलन को राजनीतिक रंग देने के बजाय उनके साथ सीधे संवाद होना चाहिए। जंतर-मंतर की घटना को लेकर सरकार और विपक्ष की बयानबाजी के बीच अब पुलिस कार्रवाई, प्रदर्शनकारियों की भूमिका और आंदोलन से जुड़े चेहरों को लेकर चर्चा चल रही है।

https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/rijijus-question-on-jantar-mantar-protest-said-where-was/article-61678

दैनिक जागरण से जुड़ें:

देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:

नवीनतम समाचार

ज्वेलर्स की सुरक्षा के लिए स्टीलएज महोत्सव 2026 शुरू, 200 शहरों तक पहुंचेगा अभियान

गुनेबो सेफ स्टोरेज की पहल में सेफ, वॉल्ट और हाई-सिक्योरिटी लॉकिंग सिस्टम की लाइव डेमो के साथ सुरक्षा जागरूकता पर...
देश विदेश 
ज्वेलर्स की सुरक्षा के लिए स्टीलएज महोत्सव 2026 शुरू, 200 शहरों तक पहुंचेगा अभियान

12 साल बाद खेल रत्न के बिना राष्ट्रीय खेल पुरस्कार, 17 को अर्जुन सम्मान

दिव्या देशमुख, विदित गुजराती, तेजस्विन शंकर और गायत्री-त्रिशा समेत 17 खिलाड़ियों का अर्जुन अवॉर्ड के लिए चयन, फुटबॉल दिग्गज आई....
स्पोर्ट्स 
12 साल बाद खेल रत्न के बिना राष्ट्रीय खेल पुरस्कार, 17 को अर्जुन सम्मान

क्या Minimalism अमीरों के लिए ही आसान है? कम सामान का सच

जरूरतमंदों के लिए समय सुरक्षा सहायक कर्मचारी रखना मजबूरी भी हो सकती है, जबकि आर्थिक वाले लोगों के लिए कम...
ओपीनियन 
क्या Minimalism अमीरों के लिए ही आसान है? कम सामान का सच

यूपी में भाजपा की नई रणनीति, विनोद तावड़े को प्रदेश प्रभारी बनाया

बिहार में चुनावी सफलता दिलाने वाले तावड़े को मिली बड़ी जिम्मेदारी, जगदीश ईश्वरभाई पटेल होंगे सह-प्रभारी
चुनाव 
यूपी में भाजपा की नई रणनीति, विनोद तावड़े को प्रदेश प्रभारी बनाया

बिजनेस

Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.