कम बजट की 6 भारतीय फिल्मों ने दिखाया दम, औसतन 7 गुना ज्यादा कमाई से रचा नया रिकॉर्ड

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सिर्फ ₹102 करोड़ के कुल बजट में बनी फिल्मों ने कमाए करीब ₹756 करोड़; ‘हनुमान अंश’ जैसी फिल्मों ने बदला बॉक्स ऑफिस का ट्रेंड

भारतीय बॉक्स ऑफिस पर हाल के समय में कुछ ऐसी फिल्मों ने सफलता हासिल की है, जिन्होंने कम लागत में बड़ी कमाई कर सबको चौंका दिया। इन फिल्मों ने यह दिखाया कि मजबूत कहानी और दर्शकों से जुड़ाव होने पर कम बजट की फिल्में भी बड़ी व्यावसायिक सफलता हासिल कर सकती हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, ऐसी छह भारतीय फिल्मों का कुल निर्माण बजट करीब ₹102 करोड़ रहा, जबकि इनकी कुल कमाई लगभग ₹756 करोड़ तक पहुंच गई। यानी इन फिल्मों ने अपनी लागत के मुकाबले औसतन करीब सात गुना ज्यादा कारोबार किया। इन फिल्मों में सबसे ज्यादा चर्चा ‘हनुमान अंश’ की रही है। करीब ₹2 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया और कई रिपोर्ट्स के अनुसार इसकी कमाई ₹70 करोड़ से ऊपर पहुंची।

‘हनुमान अंश’ ने बदला समीकरण

‘हनुमान अंश’ की सफलता को कम बजट वाली फिल्मों के लिए एक उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है। फिल्म की कहानी और दर्शकों की प्रतिक्रिया ने इसे लंबे समय तक सिनेमाघरों में बनाए रखा। जहां बड़े बजट की फिल्मों को अपनी लागत निकालने के लिए शुरुआती दिनों में भारी कमाई की जरूरत होती है, वहीं कम खर्च में बनी फिल्मों के लिए सीमित कलेक्शन भी बड़ा मुनाफा साबित हो सकता है।

कम लागत में बड़ी सफलता पाने वाली अन्य फिल्में

ऐसी फिल्मों में कुछ अन्य उदाहरण भी शामिल हैं, जिन्होंने सीमित बजट में बेहतर प्रदर्शन किया।

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  • ‘अन्नपूर्णा ओका राजू’ जैसी फिल्म ने कम बजट में अच्छी कमाई दर्ज की।
  • ‘कांतारा’ ने क्षेत्रीय कहानी के दम पर देशभर में पहचान बनाई।
  • ‘लापता लेडीज’ ने सीमित लागत के बावजूद दर्शकों और समीक्षकों का ध्यान खींचा।
  • ‘12वीं फेल’ जैसी फिल्म ने कंटेंट आधारित सिनेमा की ताकत दिखाई।
हॉलीवुड में भी दिख रहा है ऐसा ट्रेंड

कम बजट में ज्यादा कमाई का ट्रेंड सिर्फ भारतीय सिनेमा तक सीमित नहीं है। हॉलीवुड में भी कई फिल्मों ने सीमित निवेश के बावजूद बड़े बॉक्स ऑफिस आंकड़े हासिल किए हैं। कम लागत, मजबूत कहानी और दर्शकों से जुड़ाव वाली फिल्मों को अब स्टूडियो अधिक महत्व दे रहे हैं।

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दर्शकों की पसंद में बदलाव

फिल्म व्यापार विशेषज्ञों के मुताबिक, अब दर्शक केवल बड़े स्टार या बड़े बजट के आधार पर फिल्म देखने नहीं पहुंचते। कहानी, विषय और भावनात्मक जुड़ाव भी सफलता में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसी वजह से छोटे बजट की कई फिल्में बड़े प्रोजेक्ट्स के बीच अपनी जगह बनाने में सफल रही हैं।

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