- Hindi News
- बालीवुड
- 80 के दशक में दूरदर्शन का अनोखा सीरियल, लीड रोल में नजर आया था आज का टॉप डायरेक्टर, सिर्फ 13 एपिसोड
80 के दशक में दूरदर्शन का अनोखा सीरियल, लीड रोल में नजर आया था आज का टॉप डायरेक्टर, सिर्फ 13 एपिसोड में खत्म
Digital Desk
यह शो केवल 13 एपिसोड तक ही चला, लेकिन अपने अलग विषय और रोचक कहानी के कारण आज भी इसे दूरदर्शन के यादगार धारावाहिकों में गिना जाता है।
आज के समय में टीवी सीरियल्स अक्सर कई सालों तक चलते रहते हैं। ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ और ‘अनुपमा’ जैसे शो इसका उदाहरण हैं, जो लंबे समय से दर्शकों का मनोरंजन कर रहे हैं। लेकिन एक समय ऐसा भी था जब कुछ धारावाहिक अपनी अनोखी कहानी और अलग विषय के कारण कम एपिसोड में ही यादगार बन गए। 80 के दशक के आखिर में प्रसारित हुआ दूरदर्शन का सीरियल ‘इंद्रधनुष’ इसी तरह का एक प्रयोग था, जिसने उस दौर में विज्ञान और कल्पना की दुनिया को टीवी स्क्रीन पर उतार दिया था।
पौराणिक धारावाहिकों के दौर में आया अलग विषय
1980 के दशक में भारतीय टेलीविजन पर ज्यादातर पौराणिक या पारिवारिक कहानियों पर आधारित धारावाहिक ही प्रसारित होते थे। ऐसे माहौल में ‘इंद्रधनुष’ का आना अपने आप में एक अलग पहल थी। 1989 में दूरदर्शन पर प्रसारित इस सीरियल ने साइंस फिक्शन, रोमांच और रहस्य को एक साथ जोड़कर दर्शकों के सामने नई तरह की कहानी पेश की। उस समय यह विषय काफी नया था, इसलिए बच्चों और युवाओं के बीच यह शो तेजी से लोकप्रिय हो गया।
टाइम मशीन और एलियन से जुड़ी थी कहानी
‘इंद्रधनुष’ की कहानी श्रीकांत नाम के एक लड़के और उसके दोस्तों के इर्द-गिर्द घूमती है। ये सभी मिलकर एक खास तरह का कंप्यूटर सिस्टम तैयार करते हैं, जो दरअसल एक टाइम मशीन की तरह काम करता है। इस मशीन के जरिए वे समय की सीमाओं से परे जाने का सपना देखते हैं।
कहानी में रोमांच तब और बढ़ जाता है जब एक रहस्यमयी एलियन की एंट्री होती है, जो एंड्रोमेडा गैलेक्सी से पृथ्वी पर आता है। एलियन के आने के बाद श्रीकांत और उसके दोस्तों की जिंदगी अचानक बदल जाती है। वे ऐसी घटनाओं में उलझ जाते हैं जो रहस्य, रोमांच और विज्ञान से भरपूर होती हैं। हर एपिसोड में नए मोड़ और रोमांचक घटनाएं दर्शकों को अंत तक बांधे रखती थीं।
करण जौहर का यहीं से शुरू हुआ अभिनय सफर
इस सीरियल की एक खास बात यह भी है कि आज के समय के प्रसिद्ध फिल्म निर्माता करण जौहर ने इसी शो के जरिए अभिनय की दुनिया में कदम रखा था। उस समय करण जौहर की उम्र करीब 14 से 15 साल के बीच थी और उन्होंने इस सीरियल में श्रीकांत की भूमिका निभाई थी।
आनंद महेंद्रू के निर्देशन में बने इस शो में करण जौहर के साथ सागर आर्य, विशाल सिंह और जीतेंद्र राजपाल जैसे कलाकार नजर आए थे। इसके अलावा उर्मिला मातोंडकर भी इस धारावाहिक का हिस्सा थीं। बाद के वर्षों में ये सभी कलाकार फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाने में सफल रहे।
सिर्फ 13 एपिसोड में खत्म हो गया सफर
‘इंद्रधनुष’ को दर्शकों का अच्छा प्रतिसाद मिला था, लेकिन इसके बावजूद यह सीरियल ज्यादा लंबा नहीं चल पाया। इसकी कहानी केवल 13 एपिसोड में ही समाप्त कर दी गई थी। हालांकि कम एपिसोड होने के बावजूद यह शो दर्शकों के बीच यादगार बन गया।
आज भी पुराने टीवी शो के प्रशंसक ‘इंद्रधनुष’ को भारतीय टेलीविजन के शुरुआती साइंस फिक्शन प्रयोगों में से एक मानते हैं। इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आईएमडीबी पर इसे 8 से अधिक की रेटिंग मिली हुई है। कम समय में भी यह सीरियल अपने अनोखे विषय और रोचक कहानी के कारण दर्शकों की स्मृतियों में दर्ज हो गया।
-------------------------------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!


