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विवाद के बाद कंगना के बदले सुर, अब बोलीं- जेन-जी हमारी सबसे बड़ी ताकत
बालीवुड न्यूज़
पहले प्रदर्शनकारी युवाओं और नई पीढ़ी पर तीखी टिप्पणी करने वाली कंगना रनोट ने अब जेन-जी की तारीफ की, कहा- कुछ मुट्ठीभर लोग पूरी पीढ़ी का नाम खराब कर रहे हैं
जेन-जी और छात्रों को लेकर दिए गए अपने पुराने बयानों पर विवाद के बीच भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनोट के सुर अब बदले हुए नजर आ रहे हैं। हालिया बयान में कंगना ने जेन-जी की तारीफ करते हुए इसे देश और सरकार की ताकत बताया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के व्यवहार को पूरी जेन-जी पीढ़ी से जोड़ना ठीक नहीं है। कंगना ने कहा कि देश के कई युवा अच्छे तरीके से अपनी बात रख रहे हैं और उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। ऐसे युवाओं पर गर्व होना चाहिए।
संसद के बाहर कंगना से जब राहुल गांधी के उस बयान को लेकर सवाल किया गया, जिसमें उन्होंने सरकार से जेन-जी की बात सुनने की अपील की थी, तो कंगना ने कहा कि जेन-जी सरकार का हिस्सा है। उनके मुताबिक, इसी पीढ़ी के लोगों के योगदान और जनादेश से मौजूदा सरकार सत्ता में है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों की ओर से की गई आपत्तिजनक भाषा को पूरी जेन-जी का प्रतिनिधित्व नहीं माना जा सकता।
कंगना ने अपने ताजा बयान में कहा कि झारखंड में प्रदर्शन कर रहे बच्चे और देश के लिए मेडल जीतकर उन्हें प्रधानमंत्री को समर्पित करने वाले युवा जेन-जी की सकारात्मक तस्वीर पेश करते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ मुट्ठीभर लोग ऐसा व्यवहार कर रहे हैं, जिससे पूरी पीढ़ी का नाम खराब हो रहा है। उनके मुताबिक जेन-जी देश की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है और उन्हें इस पीढ़ी पर गर्व है।
कंगना के इस बयान की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि कुछ समय पहले उन्होंने छात्र आंदोलन और जेन-जी को लेकर काफी सख्त टिप्पणी की थी। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के बाद कंगना ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रदर्शनकारियों के व्यवहार और भाषा पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि प्रदर्शन में इस्तेमाल की जा रही भाषा और कुछ वीडियो देखकर उन्हें बेहद खराब महसूस हुआ।
उस समय कंगना ने नई पीढ़ी, खासकर कुछ युवा महिलाओं को लेकर भी तीखी टिप्पणी की थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में ऐसी पीढ़ी को ‘गटर जेनरेशन’ तक कह दिया था। उन्होंने पश्चिमी जीवनशैली की नकल, नशे, शराब और कथित गैर-जिम्मेदार व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए थे। कंगना का कहना था कि स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी है और केवल आजादी की बात करना पर्याप्त नहीं है।
कंगना के इन बयानों के बाद सोशल मीडिया पर विवाद तेज हो गया था। कई लोगों ने उनके बयान को लेकर आपत्ति जताई। फिल्म इंडस्ट्री से भी कुछ लोगों ने उनकी टिप्पणियों की आलोचना की। अभिनेता सोनू सूद समेत कई लोगों ने सार्वजनिक तौर पर इस तरह की भाषा पर सवाल उठाए थे। विवाद बढ़ने के बाद सोशल मीडिया पर कंगना से जुड़े पुराने वीडियो और फिल्मों के कुछ सीन भी शेयर किए जाने लगे।
इसके जवाब में कंगना ने फिल्मों में निभाए गए किरदारों और निजी जिंदगी के विचारों को अलग-अलग देखने की बात कही थी। उन्होंने लोगों से अपील की थी कि किसी अभिनेता के फिल्मी किरदार और उसकी वास्तविक सोच को एक जैसा नहीं माना जाना चाहिए। उनका कहना था कि रील और रियल लाइफ के बीच अंतर समझना जरूरी है।
अब जेन-जी को लेकर दिए गए नए बयान ने पूरे मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। कंगना ने इस बार प्रदर्शन करने वाले युवाओं को पूरी पीढ़ी का प्रतिनिधि मानने से इनकार किया है। उन्होंने उन युवाओं का उदाहरण दिया जो देश के लिए खेलों में उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं और प्रधानमंत्री को अपनी सफलता समर्पित कर रहे हैं।
राजनीतिक तौर पर भी कंगना का यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि जेन-जी आने वाले वर्षों में देश के सबसे बड़े युवा मतदाता समूहों में शामिल होने वाली है। ऐसे में राजनीतिक दलों के लिए युवाओं के मुद्दे, उनकी नाराजगी और उनकी उम्मीदें लगातार अहम होती जा रही हैं। कंगना ने भी अपने बयान में इसी बदलती युवा भूमिका की ओर इशारा किया।
विवाद के बाद कंगना के बदले सुर, अब बोलीं- जेन-जी हमारी सबसे बड़ी ताकत
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जेन-जी और छात्रों को लेकर दिए गए अपने पुराने बयानों पर विवाद के बीच भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनोट के सुर अब बदले हुए नजर आ रहे हैं। हालिया बयान में कंगना ने जेन-जी की तारीफ करते हुए इसे देश और सरकार की ताकत बताया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के व्यवहार को पूरी जेन-जी पीढ़ी से जोड़ना ठीक नहीं है। कंगना ने कहा कि देश के कई युवा अच्छे तरीके से अपनी बात रख रहे हैं और उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। ऐसे युवाओं पर गर्व होना चाहिए।
संसद के बाहर कंगना से जब राहुल गांधी के उस बयान को लेकर सवाल किया गया, जिसमें उन्होंने सरकार से जेन-जी की बात सुनने की अपील की थी, तो कंगना ने कहा कि जेन-जी सरकार का हिस्सा है। उनके मुताबिक, इसी पीढ़ी के लोगों के योगदान और जनादेश से मौजूदा सरकार सत्ता में है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों की ओर से की गई आपत्तिजनक भाषा को पूरी जेन-जी का प्रतिनिधित्व नहीं माना जा सकता।
कंगना ने अपने ताजा बयान में कहा कि झारखंड में प्रदर्शन कर रहे बच्चे और देश के लिए मेडल जीतकर उन्हें प्रधानमंत्री को समर्पित करने वाले युवा जेन-जी की सकारात्मक तस्वीर पेश करते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ मुट्ठीभर लोग ऐसा व्यवहार कर रहे हैं, जिससे पूरी पीढ़ी का नाम खराब हो रहा है। उनके मुताबिक जेन-जी देश की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है और उन्हें इस पीढ़ी पर गर्व है।
कंगना के इस बयान की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि कुछ समय पहले उन्होंने छात्र आंदोलन और जेन-जी को लेकर काफी सख्त टिप्पणी की थी। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के बाद कंगना ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रदर्शनकारियों के व्यवहार और भाषा पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि प्रदर्शन में इस्तेमाल की जा रही भाषा और कुछ वीडियो देखकर उन्हें बेहद खराब महसूस हुआ।
उस समय कंगना ने नई पीढ़ी, खासकर कुछ युवा महिलाओं को लेकर भी तीखी टिप्पणी की थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में ऐसी पीढ़ी को ‘गटर जेनरेशन’ तक कह दिया था। उन्होंने पश्चिमी जीवनशैली की नकल, नशे, शराब और कथित गैर-जिम्मेदार व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए थे। कंगना का कहना था कि स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी है और केवल आजादी की बात करना पर्याप्त नहीं है।
कंगना के इन बयानों के बाद सोशल मीडिया पर विवाद तेज हो गया था। कई लोगों ने उनके बयान को लेकर आपत्ति जताई। फिल्म इंडस्ट्री से भी कुछ लोगों ने उनकी टिप्पणियों की आलोचना की। अभिनेता सोनू सूद समेत कई लोगों ने सार्वजनिक तौर पर इस तरह की भाषा पर सवाल उठाए थे। विवाद बढ़ने के बाद सोशल मीडिया पर कंगना से जुड़े पुराने वीडियो और फिल्मों के कुछ सीन भी शेयर किए जाने लगे।
इसके जवाब में कंगना ने फिल्मों में निभाए गए किरदारों और निजी जिंदगी के विचारों को अलग-अलग देखने की बात कही थी। उन्होंने लोगों से अपील की थी कि किसी अभिनेता के फिल्मी किरदार और उसकी वास्तविक सोच को एक जैसा नहीं माना जाना चाहिए। उनका कहना था कि रील और रियल लाइफ के बीच अंतर समझना जरूरी है।
अब जेन-जी को लेकर दिए गए नए बयान ने पूरे मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। कंगना ने इस बार प्रदर्शन करने वाले युवाओं को पूरी पीढ़ी का प्रतिनिधि मानने से इनकार किया है। उन्होंने उन युवाओं का उदाहरण दिया जो देश के लिए खेलों में उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं और प्रधानमंत्री को अपनी सफलता समर्पित कर रहे हैं।
राजनीतिक तौर पर भी कंगना का यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि जेन-जी आने वाले वर्षों में देश के सबसे बड़े युवा मतदाता समूहों में शामिल होने वाली है। ऐसे में राजनीतिक दलों के लिए युवाओं के मुद्दे, उनकी नाराजगी और उनकी उम्मीदें लगातार अहम होती जा रही हैं। कंगना ने भी अपने बयान में इसी बदलती युवा भूमिका की ओर इशारा किया।
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