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कांग्रेस के पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह का WhatsApp अकाउंट हैक, परिचितों से मांगे ₹28 हजार
Digital Desk
हैकर ने UPI और QR कोड के जरिए पैसे भेजने को कहा, रात 8 बजे रकम लौटाने का दिया भरोसा; शिकायत के बाद साइबर सेल ने शुरू की जांच
रायपुर में कांग्रेस के पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह का WhatsApp अकाउंट हैक होने का मामला सामने आया है। हैकर ने उनके नाम और नंबर का इस्तेमाल कर परिचितों, समर्थकों और संपर्क में मौजूद लोगों को मैसेज भेजकर पैसों की मांग शुरू कर दी। लोगों से 28 हजार रुपए UPI के जरिए भेजने को कहा गया। इतना ही नहीं, सामने वाले को भरोसा दिलाया गया कि रकम रात 8 बजे तक वापस कर दी जाएगी। कुछ लोगों को भुगतान के लिए QR कोड भी भेजे गए।
मामले की जानकारी मिलने के बाद बृहस्पति सिंह ने रायपुर पुलिस से शिकायत की है। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि WhatsApp अकाउंट किस तरीके से हैक किया गया और आरोपी ने कितने लोगों से संपर्क किया।
जानकारी के मुताबिक, हैकर ने सबसे पहले बृहस्पति सिंह के WhatsApp नंबर से उनके परिचितों को सामान्य अंदाज में मैसेज भेजे। बातचीत की शुरुआत कई जगहों पर “Hello” या “एक हेल्प चाहिए थी” जैसे संदेशों से की गई। सामने वाले के जवाब देने के बाद हैकर ने अचानक पैसों की जरूरत बताई और 28 हजार रुपए की मदद मांगी।
हैकर लोगों को यह भी बताता था कि उसका UPI काम नहीं कर रहा है, इसलिए तत्काल किसी दूसरे व्यक्ति के खाते या UPI के जरिए भुगतान करने की जरूरत है। भरोसा बढ़ाने के लिए रात 8 बजे तक रकम वापस करने की बात कही जा रही थी। इसके बाद QR कोड भेजकर भुगतान करने के लिए कहा जाता था।
कुछ परिचितों को जब लगातार इस तरह के मैसेज मिले तो उन्हें शक हुआ। उन्होंने बृहस्पति सिंह से सीधे संपर्क कर मामले की पुष्टि करने की कोशिश की। बातचीत के बाद सामने आया कि पूर्व विधायक ने खुद किसी से पैसे नहीं मांगे थे। इसके बाद WhatsApp अकाउंट के गलत इस्तेमाल की जानकारी सामने आई।
मामले का पता चलते ही बृहस्पति सिंह ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि उनके नाम से अगर किसी व्यक्ति को पैसे मांगने का मैसेज आता है तो उस पर भरोसा न करें। किसी भी तरह का भुगतान करने से पहले सीधे फोन कर पुष्टि करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि WhatsApp अकाउंट हैक होने के कारण उनके नाम से भेजे जा रहे संदेशों का इस्तेमाल ठगी के लिए किया जा सकता है।
पुलिस अब उन नंबरों और डिजिटल माध्यमों की जांच कर रही है, जिनका इस्तेमाल पैसे मांगने के लिए किया गया। साइबर टीम यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हैकर ने WhatsApp अकाउंट का एक्सेस कैसे हासिल किया। साथ ही जिन लोगों को मैसेज भेजे गए हैं, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है।
इस तरह के मामलों में ठग अक्सर किसी परिचित या सार्वजनिक व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल करते हैं। पहले सामान्य बातचीत शुरू की जाती है और फिर अचानक किसी परेशानी का हवाला देकर पैसे मांगे जाते हैं। सामने वाले को जल्द भुगतान करने के लिए दबाव बनाया जाता है। कई मामलों में भरोसा कायम रखने के लिए पैसे वापस करने का वादा भी किया जाता है।
बृहस्पति सिंह के मामले में भी हैकर ने इसी तरह का तरीका अपनाया। पहले सामान्य मैसेज भेजे गए और फिर 28 हजार रुपए की जरूरत बताई गई। UPI और QR कोड के जरिए भुगतान का विकल्प देकर ठगी की कोशिश की गई।
रायपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी परिचित के WhatsApp नंबर से पैसे मांगने का मैसेज आने पर तुरंत भुगतान न करें। अगर मैसेज में जल्द पैसे भेजने का दबाव बनाया जा रहा है या QR कोड भेजा गया है तो पहले फोन करके इसकी पुष्टि करनी चाहिए। संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर पुलिस या साइबर सेल को सूचना देने की अपील की गई है।
पुलिस के मुताबिक, डिजिटल ठगी से जुड़े मामलों में शुरुआती जानकारी और शिकायत मिलने में जितनी जल्दी होती है, जांच और रकम की ट्रैकिंग की संभावना उतनी बेहतर रहती है। इसलिए किसी संदिग्ध भुगतान या ठगी की स्थिति में देरी नहीं करनी चाहिए।
बता दें कि इससे पहले गरियाबंद जिले में भी बीजेपी के कई नेताओं के WhatsApp अकाउंट हैक होने के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे मामलों के बढ़ने के साथ ही पुलिस लगातार लोगों को सोशल मीडिया और डिजिटल भुगतान को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दे रही है।
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कांग्रेस के पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह का WhatsApp अकाउंट हैक, परिचितों से मांगे ₹28 हजार
Digital Desk
रायपुर में कांग्रेस के पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह का WhatsApp अकाउंट हैक होने का मामला सामने आया है। हैकर ने उनके नाम और नंबर का इस्तेमाल कर परिचितों, समर्थकों और संपर्क में मौजूद लोगों को मैसेज भेजकर पैसों की मांग शुरू कर दी। लोगों से 28 हजार रुपए UPI के जरिए भेजने को कहा गया। इतना ही नहीं, सामने वाले को भरोसा दिलाया गया कि रकम रात 8 बजे तक वापस कर दी जाएगी। कुछ लोगों को भुगतान के लिए QR कोड भी भेजे गए।
मामले की जानकारी मिलने के बाद बृहस्पति सिंह ने रायपुर पुलिस से शिकायत की है। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि WhatsApp अकाउंट किस तरीके से हैक किया गया और आरोपी ने कितने लोगों से संपर्क किया।
जानकारी के मुताबिक, हैकर ने सबसे पहले बृहस्पति सिंह के WhatsApp नंबर से उनके परिचितों को सामान्य अंदाज में मैसेज भेजे। बातचीत की शुरुआत कई जगहों पर “Hello” या “एक हेल्प चाहिए थी” जैसे संदेशों से की गई। सामने वाले के जवाब देने के बाद हैकर ने अचानक पैसों की जरूरत बताई और 28 हजार रुपए की मदद मांगी।
हैकर लोगों को यह भी बताता था कि उसका UPI काम नहीं कर रहा है, इसलिए तत्काल किसी दूसरे व्यक्ति के खाते या UPI के जरिए भुगतान करने की जरूरत है। भरोसा बढ़ाने के लिए रात 8 बजे तक रकम वापस करने की बात कही जा रही थी। इसके बाद QR कोड भेजकर भुगतान करने के लिए कहा जाता था।
कुछ परिचितों को जब लगातार इस तरह के मैसेज मिले तो उन्हें शक हुआ। उन्होंने बृहस्पति सिंह से सीधे संपर्क कर मामले की पुष्टि करने की कोशिश की। बातचीत के बाद सामने आया कि पूर्व विधायक ने खुद किसी से पैसे नहीं मांगे थे। इसके बाद WhatsApp अकाउंट के गलत इस्तेमाल की जानकारी सामने आई।
मामले का पता चलते ही बृहस्पति सिंह ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि उनके नाम से अगर किसी व्यक्ति को पैसे मांगने का मैसेज आता है तो उस पर भरोसा न करें। किसी भी तरह का भुगतान करने से पहले सीधे फोन कर पुष्टि करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि WhatsApp अकाउंट हैक होने के कारण उनके नाम से भेजे जा रहे संदेशों का इस्तेमाल ठगी के लिए किया जा सकता है।
पुलिस अब उन नंबरों और डिजिटल माध्यमों की जांच कर रही है, जिनका इस्तेमाल पैसे मांगने के लिए किया गया। साइबर टीम यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हैकर ने WhatsApp अकाउंट का एक्सेस कैसे हासिल किया। साथ ही जिन लोगों को मैसेज भेजे गए हैं, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है।
इस तरह के मामलों में ठग अक्सर किसी परिचित या सार्वजनिक व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल करते हैं। पहले सामान्य बातचीत शुरू की जाती है और फिर अचानक किसी परेशानी का हवाला देकर पैसे मांगे जाते हैं। सामने वाले को जल्द भुगतान करने के लिए दबाव बनाया जाता है। कई मामलों में भरोसा कायम रखने के लिए पैसे वापस करने का वादा भी किया जाता है।
बृहस्पति सिंह के मामले में भी हैकर ने इसी तरह का तरीका अपनाया। पहले सामान्य मैसेज भेजे गए और फिर 28 हजार रुपए की जरूरत बताई गई। UPI और QR कोड के जरिए भुगतान का विकल्प देकर ठगी की कोशिश की गई।
रायपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी परिचित के WhatsApp नंबर से पैसे मांगने का मैसेज आने पर तुरंत भुगतान न करें। अगर मैसेज में जल्द पैसे भेजने का दबाव बनाया जा रहा है या QR कोड भेजा गया है तो पहले फोन करके इसकी पुष्टि करनी चाहिए। संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर पुलिस या साइबर सेल को सूचना देने की अपील की गई है।
पुलिस के मुताबिक, डिजिटल ठगी से जुड़े मामलों में शुरुआती जानकारी और शिकायत मिलने में जितनी जल्दी होती है, जांच और रकम की ट्रैकिंग की संभावना उतनी बेहतर रहती है। इसलिए किसी संदिग्ध भुगतान या ठगी की स्थिति में देरी नहीं करनी चाहिए।
बता दें कि इससे पहले गरियाबंद जिले में भी बीजेपी के कई नेताओं के WhatsApp अकाउंट हैक होने के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे मामलों के बढ़ने के साथ ही पुलिस लगातार लोगों को सोशल मीडिया और डिजिटल भुगतान को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दे रही है।
