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भगवान शिव पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से रायपुर में बवाल, बजरंग दल का प्रदर्शन; अरुण पन्नालाल गिरफ्तार
Digital Desk
सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवाद बढ़ा, हिंदू संगठनों ने कार्रवाई की मांग की; पुलिस ने घर के बाहर तैनात किया बल, 21 अगस्त तक न्यायिक रिमांड
रायपुर में भगवान शिव को लेकर सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद शुक्रवार को विवाद बढ़ गया। मामला इतना गरमा गया कि छत्तीसगढ़ बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने क्रिश्चियन फोरम के पदाधिकारी अरुण पन्नालाल के घर के बाहर पहुंचकर प्रदर्शन किया। बीजेपी और हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट और कमेंट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामले में अरुण पन्नालाल को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। उन्हें 21 अगस्त तक जेल में रखने का आदेश दिया गया है।
मामला रायपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र से जुड़ा है। विवाद की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने अरुण पन्नालाल के घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी थी। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में बजरंग दल और हिंदू संगठन के कार्यकर्ता मौके पर मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, विवाद की शुरुआत गुरुवार को सोशल मीडिया पर सामने आई एक पोस्ट से हुई। पुलिस का कहना है कि हंसराज गोयल नाम के व्यक्ति के सोशल मीडिया पेज पर भगवान शिव को लेकर कथित आपत्तिजनक पोस्ट की गई थी। इसके बाद क्रिश्चियन फोरम के पदाधिकारी अरुण पन्नालाल की ओर से भी कथित तौर पर एक आपत्तिजनक कमेंट किए जाने की बात सामने आई। इसी को लेकर बीजेपी और हिंदू संगठनों ने शिकायत दर्ज कराई और कार्रवाई की मांग की।
मामले के सामने आने के बाद शुक्रवार को राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की सक्रियता बढ़ गई। बीजेपी पदाधिकारी भी पुलिस के पास पहुंचे और सोशल मीडिया पर पोस्ट और कमेंट करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हिंदू संगठनों का कहना है कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी से माहौल बिगड़ सकता है।
बीजेपी प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कहा कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। ऐसे समय में भगवान शिव, शिवलिंग या सनातन धर्म से जुड़े देवी-देवताओं को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करना श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत कर सकता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
उधर छत्तीसगढ़ बजरंग दल के जिलाध्यक्ष योगेश सैनी ने भी मामले में कार्रवाई की मांग की। उन्होंने अरुण पन्नालाल पर हिंदू आस्था के अपमान का आरोप लगाया। सैनी ने कुछ अन्य आरोप भी लगाए हैं, जिनमें विदेशी फंडिंग और घर में अवैध कब्जे का दावा शामिल है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। पुलिस कार्रवाई फिलहाल सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट और कमेंट से जुड़े मामले पर केंद्रित है।
प्रदर्शन के दौरान अरुण पन्नालाल के घर के बाहर काफी संख्या में कार्यकर्ता जमा रहे। पुलिस ने किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए मौके पर अतिरिक्त बल तैनात किया। संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन और भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखी। प्रशासन की कोशिश रही कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। धार्मिक विषयों से जुड़े पोस्ट और कमेंट को लेकर पहले भी अलग-अलग शहरों में विवाद होते रहे हैं। रायपुर के इस मामले में भी पुलिस अब पोस्ट और कमेंट से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अरुण पन्नालाल की गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से 14 दिन की न्यायिक रिमांड मंजूर की गई। इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। फिलहाल 21 अगस्त तक उनके जेल में रहने की स्थिति है। मामले में आगे की जांच पुलिस की ओर से की जा रही है।
बीजेपी और हिंदू संगठनों ने पुलिस से मांग की है कि सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने या उसे बढ़ावा देने वालों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाए। वहीं पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।
रायपुर में सावन के दौरान धार्मिक आयोजनों और श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए प्रशासन के लिए भी यह मामला महत्वपूर्ण हो गया है। पुलिस और प्रशासन की नजर अब सोशल मीडिया गतिविधियों के साथ-साथ शहर में किसी नए विरोध या प्रदर्शन की संभावना पर भी बनी हुई है। फिलहाल गिरफ्तारी के बाद मामला कानूनी प्रक्रिया में पहुंच गया है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
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भगवान शिव पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से रायपुर में बवाल, बजरंग दल का प्रदर्शन; अरुण पन्नालाल गिरफ्तार
Digital Desk
रायपुर में भगवान शिव को लेकर सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद शुक्रवार को विवाद बढ़ गया। मामला इतना गरमा गया कि छत्तीसगढ़ बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने क्रिश्चियन फोरम के पदाधिकारी अरुण पन्नालाल के घर के बाहर पहुंचकर प्रदर्शन किया। बीजेपी और हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट और कमेंट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामले में अरुण पन्नालाल को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। उन्हें 21 अगस्त तक जेल में रखने का आदेश दिया गया है।
मामला रायपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र से जुड़ा है। विवाद की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने अरुण पन्नालाल के घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी थी। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में बजरंग दल और हिंदू संगठन के कार्यकर्ता मौके पर मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, विवाद की शुरुआत गुरुवार को सोशल मीडिया पर सामने आई एक पोस्ट से हुई। पुलिस का कहना है कि हंसराज गोयल नाम के व्यक्ति के सोशल मीडिया पेज पर भगवान शिव को लेकर कथित आपत्तिजनक पोस्ट की गई थी। इसके बाद क्रिश्चियन फोरम के पदाधिकारी अरुण पन्नालाल की ओर से भी कथित तौर पर एक आपत्तिजनक कमेंट किए जाने की बात सामने आई। इसी को लेकर बीजेपी और हिंदू संगठनों ने शिकायत दर्ज कराई और कार्रवाई की मांग की।
मामले के सामने आने के बाद शुक्रवार को राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की सक्रियता बढ़ गई। बीजेपी पदाधिकारी भी पुलिस के पास पहुंचे और सोशल मीडिया पर पोस्ट और कमेंट करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हिंदू संगठनों का कहना है कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी से माहौल बिगड़ सकता है।
बीजेपी प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कहा कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। ऐसे समय में भगवान शिव, शिवलिंग या सनातन धर्म से जुड़े देवी-देवताओं को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करना श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत कर सकता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
उधर छत्तीसगढ़ बजरंग दल के जिलाध्यक्ष योगेश सैनी ने भी मामले में कार्रवाई की मांग की। उन्होंने अरुण पन्नालाल पर हिंदू आस्था के अपमान का आरोप लगाया। सैनी ने कुछ अन्य आरोप भी लगाए हैं, जिनमें विदेशी फंडिंग और घर में अवैध कब्जे का दावा शामिल है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। पुलिस कार्रवाई फिलहाल सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट और कमेंट से जुड़े मामले पर केंद्रित है।
प्रदर्शन के दौरान अरुण पन्नालाल के घर के बाहर काफी संख्या में कार्यकर्ता जमा रहे। पुलिस ने किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए मौके पर अतिरिक्त बल तैनात किया। संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन और भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखी। प्रशासन की कोशिश रही कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। धार्मिक विषयों से जुड़े पोस्ट और कमेंट को लेकर पहले भी अलग-अलग शहरों में विवाद होते रहे हैं। रायपुर के इस मामले में भी पुलिस अब पोस्ट और कमेंट से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अरुण पन्नालाल की गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से 14 दिन की न्यायिक रिमांड मंजूर की गई। इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। फिलहाल 21 अगस्त तक उनके जेल में रहने की स्थिति है। मामले में आगे की जांच पुलिस की ओर से की जा रही है।
बीजेपी और हिंदू संगठनों ने पुलिस से मांग की है कि सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने या उसे बढ़ावा देने वालों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाए। वहीं पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।
रायपुर में सावन के दौरान धार्मिक आयोजनों और श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए प्रशासन के लिए भी यह मामला महत्वपूर्ण हो गया है। पुलिस और प्रशासन की नजर अब सोशल मीडिया गतिविधियों के साथ-साथ शहर में किसी नए विरोध या प्रदर्शन की संभावना पर भी बनी हुई है। फिलहाल गिरफ्तारी के बाद मामला कानूनी प्रक्रिया में पहुंच गया है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
