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पद्म भूषण मिलने के बाद भावुक हुईं अल्का याग्निक, साझा किया संघर्ष का दौर
बालीवुड डेस्क
राष्ट्रपति भवन में सम्मान लेते ही सिंगर ने कहा—पिछले दो साल रहे बेहद कठिन, बीमारी के चलते संगीत से दूरी
मशहूर पार्श्व गायिका अल्का याग्निक को मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में देश के प्रतिष्ठित सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। इस मौके पर वह बेहद भावुक नजर आईं। सम्मान ग्रहण करने से पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आशीर्वाद लिया और फिर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों अवॉर्ड स्वीकार किया। लेकिन इस सम्मान के बाद उन्होंने जो बात साझा की, उसने उनके फैंस को भी भावुक कर दिया। अल्का याग्निक ने बताया कि वह पिछले दो साल से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही हैं और इसी कारण वह सार्वजनिक जीवन और संगीत से दूर रहीं। अवॉर्ड मिलने के बाद अल्का याग्निक ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट साझा किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ अपनी तस्वीर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा कि पिछले दो साल उनके लिए बेहद कठिन रहे हैं और वह इस दौरान लोगों की नजरों से दूर रहीं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य कारणों से वह न तो किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल हो पाईं और न ही अपने प्रशंसकों के साथ पहले की तरह जुड़ पाईं। इस दौरान मिले प्यार, दुआओं और समर्थन के लिए उन्होंने अपने चाहने वालों का आभार भी जताया।
अपने संदेश में अल्का याग्निक ने आगे लिखा कि जब वह पद्म भूषण लेने के लिए राष्ट्रपति भवन पहुंचीं तो उनका दिल कृतज्ञता से भर गया था। उन्होंने कहा कि यह सम्मान भले ही उनके नाम पर है, लेकिन असल में यह उन सभी लोगों का है जिन्होंने उनकी आवाज को वर्षों तक अपनाया और उनके गीतों को पीढ़ियों तक जीवित रखा। उन्होंने यह भी कहा कि उनके अच्छे और बुरे हर दौर में उनके फैंस उनके साथ खड़े रहे, जो उनके लिए सबसे बड़ी ताकत रही। अल्का याग्निक ने यह भी माना कि यह पल उनके लिए सिर्फ एक उपलब्धि नहीं बल्कि भावनात्मक यात्रा का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें याद दिलाता है कि कैसे प्यार, उम्मीद और हौसला इंसान को मुश्किल समय से बाहर निकाल सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि वह धीरे-धीरे अपने जीवन और स्वास्थ्य की ओर वापस लौटने की कोशिश कर रही हैं और यह दिन उनके लिए बेहद खास है।
गौरतलब है कि अल्का याग्निक पिछले लगभग दो वर्षों से संगीत की दुनिया से दूर हैं। उन्हें एक रेयर न्यूरो संबंधी बीमारी सेंसरी न्यूरल हियरिंग लॉस हुई है, जिसके कारण उनकी सुनने की क्षमता प्रभावित हुई है। इस बीमारी के कारण डॉक्टरों ने उन्हें तेज आवाज और लाउड म्यूजिक से दूर रहने की सलाह दी है। इसी वजह से उन्होंने अस्थायी रूप से गायन और मंचीय प्रस्तुतियों से दूरी बना ली थी। करीब दो साल पहले उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा की थी कि एक फ्लाइट यात्रा के बाद अचानक उन्हें सुनाई देना बंद हो गया था। इसके बाद कई हफ्तों की जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें इस दुर्लभ बीमारी के बारे में बताया। उस समय उन्होंने अपने फैंस से दुआओं की अपील की थी और बताया था कि वह इस स्थिति को समझने और स्वीकार करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने युवा कलाकारों को भी तेज आवाज और हेडफोन के अत्यधिक इस्तेमाल से सावधान रहने की सलाह दी थी।
इस बीच राष्ट्रपति भवन में आयोजित सम्मान समारोह में अल्का याग्निक की मौजूदगी ने सभी का ध्यान खींचा। लंबे समय बाद सार्वजनिक रूप से नजर आने पर उनके प्रशंसकों ने राहत और खुशी व्यक्त की। कार्यक्रम में उन्होंने शांत लेकिन भावुक अंदाज में सम्मान स्वीकार किया, जो उनके संघर्ष की कहानी को और भी गहरा कर गया। उसी समारोह में अन्य दिग्गजों को भी सम्मानित किया गया। मलयालम सिनेमा के सुपरस्टार ममूटी को भी पद्म भूषण से नवाजा गया, जिन्होंने अपने लंबे फिल्मी करियर में 400 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया है। वहीं दिवंगत अभिनेता सतीश कौशिक को मरणोपरांत पद्म श्री सम्मान प्रदान किया गया, जिसे उनके परिवार ने ग्रहण किया। इसके अलावा अभिनेता, फिल्ममेकर और लेखक आर. माधवन रंगनाथन को भी कला और सिनेमा में योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया।
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पद्म भूषण मिलने के बाद भावुक हुईं अल्का याग्निक, साझा किया संघर्ष का दौर
बालीवुड डेस्क
मशहूर पार्श्व गायिका अल्का याग्निक को मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में देश के प्रतिष्ठित सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। इस मौके पर वह बेहद भावुक नजर आईं। सम्मान ग्रहण करने से पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आशीर्वाद लिया और फिर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों अवॉर्ड स्वीकार किया। लेकिन इस सम्मान के बाद उन्होंने जो बात साझा की, उसने उनके फैंस को भी भावुक कर दिया। अल्का याग्निक ने बताया कि वह पिछले दो साल से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही हैं और इसी कारण वह सार्वजनिक जीवन और संगीत से दूर रहीं। अवॉर्ड मिलने के बाद अल्का याग्निक ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट साझा किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ अपनी तस्वीर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा कि पिछले दो साल उनके लिए बेहद कठिन रहे हैं और वह इस दौरान लोगों की नजरों से दूर रहीं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य कारणों से वह न तो किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल हो पाईं और न ही अपने प्रशंसकों के साथ पहले की तरह जुड़ पाईं। इस दौरान मिले प्यार, दुआओं और समर्थन के लिए उन्होंने अपने चाहने वालों का आभार भी जताया।
अपने संदेश में अल्का याग्निक ने आगे लिखा कि जब वह पद्म भूषण लेने के लिए राष्ट्रपति भवन पहुंचीं तो उनका दिल कृतज्ञता से भर गया था। उन्होंने कहा कि यह सम्मान भले ही उनके नाम पर है, लेकिन असल में यह उन सभी लोगों का है जिन्होंने उनकी आवाज को वर्षों तक अपनाया और उनके गीतों को पीढ़ियों तक जीवित रखा। उन्होंने यह भी कहा कि उनके अच्छे और बुरे हर दौर में उनके फैंस उनके साथ खड़े रहे, जो उनके लिए सबसे बड़ी ताकत रही। अल्का याग्निक ने यह भी माना कि यह पल उनके लिए सिर्फ एक उपलब्धि नहीं बल्कि भावनात्मक यात्रा का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें याद दिलाता है कि कैसे प्यार, उम्मीद और हौसला इंसान को मुश्किल समय से बाहर निकाल सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि वह धीरे-धीरे अपने जीवन और स्वास्थ्य की ओर वापस लौटने की कोशिश कर रही हैं और यह दिन उनके लिए बेहद खास है।
गौरतलब है कि अल्का याग्निक पिछले लगभग दो वर्षों से संगीत की दुनिया से दूर हैं। उन्हें एक रेयर न्यूरो संबंधी बीमारी सेंसरी न्यूरल हियरिंग लॉस हुई है, जिसके कारण उनकी सुनने की क्षमता प्रभावित हुई है। इस बीमारी के कारण डॉक्टरों ने उन्हें तेज आवाज और लाउड म्यूजिक से दूर रहने की सलाह दी है। इसी वजह से उन्होंने अस्थायी रूप से गायन और मंचीय प्रस्तुतियों से दूरी बना ली थी। करीब दो साल पहले उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा की थी कि एक फ्लाइट यात्रा के बाद अचानक उन्हें सुनाई देना बंद हो गया था। इसके बाद कई हफ्तों की जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें इस दुर्लभ बीमारी के बारे में बताया। उस समय उन्होंने अपने फैंस से दुआओं की अपील की थी और बताया था कि वह इस स्थिति को समझने और स्वीकार करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने युवा कलाकारों को भी तेज आवाज और हेडफोन के अत्यधिक इस्तेमाल से सावधान रहने की सलाह दी थी।
इस बीच राष्ट्रपति भवन में आयोजित सम्मान समारोह में अल्का याग्निक की मौजूदगी ने सभी का ध्यान खींचा। लंबे समय बाद सार्वजनिक रूप से नजर आने पर उनके प्रशंसकों ने राहत और खुशी व्यक्त की। कार्यक्रम में उन्होंने शांत लेकिन भावुक अंदाज में सम्मान स्वीकार किया, जो उनके संघर्ष की कहानी को और भी गहरा कर गया। उसी समारोह में अन्य दिग्गजों को भी सम्मानित किया गया। मलयालम सिनेमा के सुपरस्टार ममूटी को भी पद्म भूषण से नवाजा गया, जिन्होंने अपने लंबे फिल्मी करियर में 400 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया है। वहीं दिवंगत अभिनेता सतीश कौशिक को मरणोपरांत पद्म श्री सम्मान प्रदान किया गया, जिसे उनके परिवार ने ग्रहण किया। इसके अलावा अभिनेता, फिल्ममेकर और लेखक आर. माधवन रंगनाथन को भी कला और सिनेमा में योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया।
