कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से शेयर बाजार में रिकवरी, सेंसेक्स-निफ्टी बढ़त के साथ खुले

बिजनेस डेस्क

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पिछले सत्र की भारी गिरावट के बाद निवेशकों की लौटी खरीदारी, आईटी और बैंकिंग शेयरों ने संभाला बाजार

घरेलू शेयर बाजार में बुधवार सुबह राहत भरा माहौल देखने को मिला। पिछले कारोबारी सत्र में भारी गिरावट झेलने के बाद निवेशकों ने एक बार फिर खरीदारी का रुख अपनाया, जिससे प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ खुले। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और चुनिंदा ब्लू-चिप शेयरों में खरीदारी के चलते बाजार को शुरुआती समर्थन मिला। कारोबार शुरू होते ही 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 187.63 अंक की बढ़त के साथ 76,388.31 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 57.75 अंक चढ़कर 23,878.85 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। पिछले कुछ दिनों से वैश्विक स्तर पर बने दबाव के बीच निवेशक सतर्क बने हुए हैं, लेकिन कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी ने कुछ राहत दी है। शुरुआती कारोबार में आईटी और बैंकिंग शेयरों में अच्छी खरीदारी देखी गई। टेक महिंद्रा, अदाणी एंटरप्राइजेज, ट्रेंट, डॉ. रेड्डीज लैबोरेट्रीज और आईसीआईसीआई बैंक निफ्टी के प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे। दूसरी ओर बजाज ऑटो, हिंडाल्को, एचडीएफसी लाइफ, एसबीआई और मारुति सुजुकी जैसे शेयरों में कमजोरी दर्ज की गई। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो बाजार में तस्वीर पूरी तरह एक जैसी नहीं रही। पूंजीगत वस्तु, बिजली, दूरसंचार, ऑटो, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं, मीडिया और धातु क्षेत्र के शेयरों में दबाव देखने को मिला। वहीं आईटी, बैंकिंग और एफएमसीजी शेयरों में निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मिश्रित रुख रहा और दोनों सूचकांक मामूली कमजोरी के साथ कारोबार करते नजर आए।

बाजार की शुरुआत से पहले मिले संकेत भी कुछ इसी तरह के थे। गिफ्ट निफ्टी फ्यूचर्स में हल्की बढ़त दर्ज की गई थी, जिससे संकेत मिल रहा था कि भारतीय बाजार सपाट से सकारात्मक शुरुआत कर सकते हैं। गांधीनगर स्थित गिफ्ट सिटी में निफ्टी फ्यूचर्स लगभग 13 अंक ऊपर कारोबार कर रहा था। हालांकि एशियाई बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों ने निवेशकों को पूरी तरह आश्वस्त नहीं किया। मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। वैश्विक बाजारों में बिकवाली और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर नीति को लेकर बढ़ी चिंताओं का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। इसके अलावा टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े शेयरों में वैश्विक स्तर पर हुई बिकवाली ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 1,000 अंकों से अधिक टूट गया था, जबकि निफ्टी 23,785 के निचले स्तर तक फिसल गया था। दिन के अंत में सेंसेक्स 893 अंक गिरकर 76,200.68 पर बंद हुआ था और निफ्टी 249 अंक टूटकर 23,854.15 पर पहुंच गया था।

एशियाई बाजारों में बुधवार को मिला-जुला रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई सूचकांक कमजोरी के साथ कारोबार करता नजर आया, जबकि चीन और हांगकांग के बाजारों में भी दबाव बना रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक हालांकि मजबूत बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। बाजार विश्लेषकों के अनुसार हाल के महीनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला था, लेकिन अब निवेशक उनके मूल्यांकन को लेकर दोबारा विचार कर रहे हैं। अमेरिकी बाजारों में भी मंगलवार को गिरावट दर्ज की गई। तकनीकी शेयरों में बिकवाली के कारण नैस्डैक में दो प्रतिशत से अधिक की कमजोरी रही। एसएंडपी 500 और डॉव जोन्स भी लाल निशान में बंद हुए। निवेशकों को आशंका है कि यदि महंगाई दबाव में कमी नहीं आती तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व वर्ष के अंत तक ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपना सकता है। विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। एनएसई के आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 17.86 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगभग 680 करोड़ रुपये की खरीदारी की। हालांकि इस वर्ष अब तक विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से बड़ी मात्रा में पूंजी निकाल चुके हैं, जिससे बाजार पर समय-समय पर दबाव बना हुआ है।

आज जिन शेयरों पर निवेशकों की नजर रहेगी उनमें इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन यानी आईआरएफसी प्रमुख है। सरकार कंपनी में अपनी दो प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने जा रही है। ऑफर फॉर सेल के जरिए होने वाली इस हिस्सेदारी बिक्री से सरकारी खजाने में 2,300 करोड़ रुपये से अधिक आने का अनुमान है। वहीं लॉजिस्टिक्स कंपनी डेल्हीवरी भी चर्चा में है। निजी इक्विटी फर्म नेक्सस वेंचर पार्टनर्स ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा खुले बाजार में बेच दिया है। इस सौदे की कुल कीमत लगभग 208 करोड़ रुपये बताई जा रही है। कच्चे तेल की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बनी हुई है। शुरुआती कारोबार में आई रिकवरी ने निवेशकों को कुछ राहत जरूर दी है, लेकिन अस्थिरता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। 

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24 Jun 2026 By Vaishnavi.J

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से शेयर बाजार में रिकवरी, सेंसेक्स-निफ्टी बढ़त के साथ खुले

बिजनेस डेस्क

घरेलू शेयर बाजार में बुधवार सुबह राहत भरा माहौल देखने को मिला। पिछले कारोबारी सत्र में भारी गिरावट झेलने के बाद निवेशकों ने एक बार फिर खरीदारी का रुख अपनाया, जिससे प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ खुले। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और चुनिंदा ब्लू-चिप शेयरों में खरीदारी के चलते बाजार को शुरुआती समर्थन मिला। कारोबार शुरू होते ही 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 187.63 अंक की बढ़त के साथ 76,388.31 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 57.75 अंक चढ़कर 23,878.85 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। पिछले कुछ दिनों से वैश्विक स्तर पर बने दबाव के बीच निवेशक सतर्क बने हुए हैं, लेकिन कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी ने कुछ राहत दी है। शुरुआती कारोबार में आईटी और बैंकिंग शेयरों में अच्छी खरीदारी देखी गई। टेक महिंद्रा, अदाणी एंटरप्राइजेज, ट्रेंट, डॉ. रेड्डीज लैबोरेट्रीज और आईसीआईसीआई बैंक निफ्टी के प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे। दूसरी ओर बजाज ऑटो, हिंडाल्को, एचडीएफसी लाइफ, एसबीआई और मारुति सुजुकी जैसे शेयरों में कमजोरी दर्ज की गई। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो बाजार में तस्वीर पूरी तरह एक जैसी नहीं रही। पूंजीगत वस्तु, बिजली, दूरसंचार, ऑटो, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं, मीडिया और धातु क्षेत्र के शेयरों में दबाव देखने को मिला। वहीं आईटी, बैंकिंग और एफएमसीजी शेयरों में निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मिश्रित रुख रहा और दोनों सूचकांक मामूली कमजोरी के साथ कारोबार करते नजर आए।

बाजार की शुरुआत से पहले मिले संकेत भी कुछ इसी तरह के थे। गिफ्ट निफ्टी फ्यूचर्स में हल्की बढ़त दर्ज की गई थी, जिससे संकेत मिल रहा था कि भारतीय बाजार सपाट से सकारात्मक शुरुआत कर सकते हैं। गांधीनगर स्थित गिफ्ट सिटी में निफ्टी फ्यूचर्स लगभग 13 अंक ऊपर कारोबार कर रहा था। हालांकि एशियाई बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों ने निवेशकों को पूरी तरह आश्वस्त नहीं किया। मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। वैश्विक बाजारों में बिकवाली और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर नीति को लेकर बढ़ी चिंताओं का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। इसके अलावा टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े शेयरों में वैश्विक स्तर पर हुई बिकवाली ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 1,000 अंकों से अधिक टूट गया था, जबकि निफ्टी 23,785 के निचले स्तर तक फिसल गया था। दिन के अंत में सेंसेक्स 893 अंक गिरकर 76,200.68 पर बंद हुआ था और निफ्टी 249 अंक टूटकर 23,854.15 पर पहुंच गया था।

एशियाई बाजारों में बुधवार को मिला-जुला रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई सूचकांक कमजोरी के साथ कारोबार करता नजर आया, जबकि चीन और हांगकांग के बाजारों में भी दबाव बना रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक हालांकि मजबूत बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। बाजार विश्लेषकों के अनुसार हाल के महीनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े शेयरों में तेज उछाल देखने को मिला था, लेकिन अब निवेशक उनके मूल्यांकन को लेकर दोबारा विचार कर रहे हैं। अमेरिकी बाजारों में भी मंगलवार को गिरावट दर्ज की गई। तकनीकी शेयरों में बिकवाली के कारण नैस्डैक में दो प्रतिशत से अधिक की कमजोरी रही। एसएंडपी 500 और डॉव जोन्स भी लाल निशान में बंद हुए। निवेशकों को आशंका है कि यदि महंगाई दबाव में कमी नहीं आती तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व वर्ष के अंत तक ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपना सकता है। विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। एनएसई के आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 17.86 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगभग 680 करोड़ रुपये की खरीदारी की। हालांकि इस वर्ष अब तक विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से बड़ी मात्रा में पूंजी निकाल चुके हैं, जिससे बाजार पर समय-समय पर दबाव बना हुआ है।

आज जिन शेयरों पर निवेशकों की नजर रहेगी उनमें इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन यानी आईआरएफसी प्रमुख है। सरकार कंपनी में अपनी दो प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने जा रही है। ऑफर फॉर सेल के जरिए होने वाली इस हिस्सेदारी बिक्री से सरकारी खजाने में 2,300 करोड़ रुपये से अधिक आने का अनुमान है। वहीं लॉजिस्टिक्स कंपनी डेल्हीवरी भी चर्चा में है। निजी इक्विटी फर्म नेक्सस वेंचर पार्टनर्स ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा खुले बाजार में बेच दिया है। इस सौदे की कुल कीमत लगभग 208 करोड़ रुपये बताई जा रही है। कच्चे तेल की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बनी हुई है। शुरुआती कारोबार में आई रिकवरी ने निवेशकों को कुछ राहत जरूर दी है, लेकिन अस्थिरता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। 

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