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वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू को लेकर यूरोप में जबरदस्त क्रेज
स्पोर्ट्स डेस्क
आयरलैंड के खिलाफ संभावित टी20 डेब्यू से पहले टिकटों की भारी मांग, 7,000 क्षमता वाले स्टेडियम में बढ़ा उत्साह
यूरोप में इन दिनों भारतीय क्रिकेट के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। महज 15 साल की उम्र में जिस तरह से इस खिलाड़ी को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सर्किट में चर्चा तेज हुई है, उसने क्रिकेट प्रेमियों के बीच खासा आकर्षण पैदा कर दिया है। आयरलैंड के खिलाफ उनके संभावित टी20 इंटरनेशनल डेब्यू को लेकर फैंस में अलग ही तरह का क्रेज देखा जा रहा है। खासकर बेलफास्ट के स्टॉर्मोंट ग्राउंड में होने वाले मैच को लेकर टिकटों की भारी मांग ने आयोजकों को भी हैरान कर दिया है। स्टॉर्मोंट ग्राउंड की क्षमता करीब 7,000 दर्शकों की है, लेकिन मैच को लेकर यूरोप के कई देशों से क्रिकेट प्रेमियों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर भी टिकटों की मांग तेजी से बढ़ी है और माना जा रहा है कि अगर वैभव सूर्यवंशी का डेब्यू इस मुकाबले में होता है तो स्टेडियम पूरी तरह से भर सकता है। क्रिकेट से जुड़े जानकारों का कहना है कि इतने कम उम्र के खिलाड़ी को लेकर इस स्तर का उत्साह बहुत कम देखने को मिलता है।
पूर्व भारतीय और आयरिश क्रिकेटर एमवी नरसिम्हा राव, जिन्हें लोग बॉबजी के नाम से भी जानते हैं, ने इस पूरे माहौल पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि वैभव को लेकर यूरोप में असाधारण उत्साह है और यह भारतीय क्रिकेट के लिए एक सकारात्मक संकेत है। राव के अनुसार युवा बल्लेबाज की तकनीक और शॉट खेलने की क्षमता काफी प्रभावशाली है और उनकी बल्लेबाजी शैली में एक अलग तरह की परिपक्वता दिखाई देती है। उन्होंने यह भी कहा कि बेलफास्ट की पिचें आम तौर पर धीमी रहती हैं, जो शुरुआती दौर में वैभव जैसे बल्लेबाज के लिए मददगार साबित हो सकती हैं। हालांकि राव ने यह भी साफ किया कि असली परीक्षा इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में होगी, जहां परिस्थितियां पूरी तरह अलग होंगी। वहां स्विंग गेंदबाजी और बदलते मौसम की स्थिति किसी भी युवा बल्लेबाज के लिए चुनौती बन सकती है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टिके रहने के लिए केवल प्रतिभा ही नहीं बल्कि धैर्य और मानसिक मजबूती भी उतनी ही जरूरी होती है। वैभव के लिए यह दौर सीखने का होगा और उन्हें हर परिस्थिति में खुद को ढालना होगा।
राव ने वैभव सूर्यवंशी की तुलना महान बल्लेबाज सर गारफील्ड सोबर्स से भी की है। उनका कहना है कि इस उम्र में जिस तरह की बल्लेबाजी तकनीक और आत्मविश्वास वैभव में देखा जा रहा है, वह काफी दुर्लभ है। उन्होंने कहा कि कुछ खिलाड़ी शुरुआत से ही अपनी प्रतिभा का संकेत दे देते हैं और वैभव उनमें से एक हो सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबे समय तक टिके रहना किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है। पूर्व क्रिकेटर ने युवा खिलाड़ी को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें सुपरस्टारडम से दूर रहकर अपने खेल पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह तेंदुलकर ने अपने करियर में विनम्रता, अनुशासन और फिटनेस को बनाए रखा, वैभव को भी उसी रास्ते पर चलना चाहिए। राव का मानना है कि आज के समय में सोशल मीडिया और बढ़ती लोकप्रियता युवा खिलाड़ियों पर दबाव डाल सकती है, इसलिए मानसिक संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है।
इस बीच यह भी सामने आया है कि एमवी नरसिम्हा राव को आयरलैंड क्रिकेट में 35 वर्षों के योगदान के लिए विशेष सम्मान दिया जाएगा। उन्हें 28 जून को दूसरे टी20 मुकाबले से पहले प्रतिष्ठित ‘रॉय टॉरेंस बेल’ बजाने का सम्मान मिलेगा। यह उनके लंबे क्रिकेट सफर और योगदान का प्रतीक माना जा रहा है। यूरोप में वैभव सूर्यवंशी को लेकर जिस तरह का माहौल बन रहा है, वह भारतीय क्रिकेट के लिए भी गौरव की बात मानी जा रही है। इतनी कम उम्र में किसी खिलाड़ी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस तरह की चर्चा मिलना बेहद खास माना जाता है। यह सिर्फ शुरुआत है और असली सफर अभी बाकी है। आने वाले मुकाबलों में उनका प्रदर्शन ही तय करेगा कि वह इस उम्मीद और उत्साह पर कितना खरा उतर पाते हैं।
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वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू को लेकर यूरोप में जबरदस्त क्रेज
स्पोर्ट्स डेस्क
यूरोप में इन दिनों भारतीय क्रिकेट के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। महज 15 साल की उम्र में जिस तरह से इस खिलाड़ी को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सर्किट में चर्चा तेज हुई है, उसने क्रिकेट प्रेमियों के बीच खासा आकर्षण पैदा कर दिया है। आयरलैंड के खिलाफ उनके संभावित टी20 इंटरनेशनल डेब्यू को लेकर फैंस में अलग ही तरह का क्रेज देखा जा रहा है। खासकर बेलफास्ट के स्टॉर्मोंट ग्राउंड में होने वाले मैच को लेकर टिकटों की भारी मांग ने आयोजकों को भी हैरान कर दिया है। स्टॉर्मोंट ग्राउंड की क्षमता करीब 7,000 दर्शकों की है, लेकिन मैच को लेकर यूरोप के कई देशों से क्रिकेट प्रेमियों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर भी टिकटों की मांग तेजी से बढ़ी है और माना जा रहा है कि अगर वैभव सूर्यवंशी का डेब्यू इस मुकाबले में होता है तो स्टेडियम पूरी तरह से भर सकता है। क्रिकेट से जुड़े जानकारों का कहना है कि इतने कम उम्र के खिलाड़ी को लेकर इस स्तर का उत्साह बहुत कम देखने को मिलता है।
पूर्व भारतीय और आयरिश क्रिकेटर एमवी नरसिम्हा राव, जिन्हें लोग बॉबजी के नाम से भी जानते हैं, ने इस पूरे माहौल पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि वैभव को लेकर यूरोप में असाधारण उत्साह है और यह भारतीय क्रिकेट के लिए एक सकारात्मक संकेत है। राव के अनुसार युवा बल्लेबाज की तकनीक और शॉट खेलने की क्षमता काफी प्रभावशाली है और उनकी बल्लेबाजी शैली में एक अलग तरह की परिपक्वता दिखाई देती है। उन्होंने यह भी कहा कि बेलफास्ट की पिचें आम तौर पर धीमी रहती हैं, जो शुरुआती दौर में वैभव जैसे बल्लेबाज के लिए मददगार साबित हो सकती हैं। हालांकि राव ने यह भी साफ किया कि असली परीक्षा इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में होगी, जहां परिस्थितियां पूरी तरह अलग होंगी। वहां स्विंग गेंदबाजी और बदलते मौसम की स्थिति किसी भी युवा बल्लेबाज के लिए चुनौती बन सकती है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टिके रहने के लिए केवल प्रतिभा ही नहीं बल्कि धैर्य और मानसिक मजबूती भी उतनी ही जरूरी होती है। वैभव के लिए यह दौर सीखने का होगा और उन्हें हर परिस्थिति में खुद को ढालना होगा।
राव ने वैभव सूर्यवंशी की तुलना महान बल्लेबाज सर गारफील्ड सोबर्स से भी की है। उनका कहना है कि इस उम्र में जिस तरह की बल्लेबाजी तकनीक और आत्मविश्वास वैभव में देखा जा रहा है, वह काफी दुर्लभ है। उन्होंने कहा कि कुछ खिलाड़ी शुरुआत से ही अपनी प्रतिभा का संकेत दे देते हैं और वैभव उनमें से एक हो सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबे समय तक टिके रहना किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है। पूर्व क्रिकेटर ने युवा खिलाड़ी को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें सुपरस्टारडम से दूर रहकर अपने खेल पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह तेंदुलकर ने अपने करियर में विनम्रता, अनुशासन और फिटनेस को बनाए रखा, वैभव को भी उसी रास्ते पर चलना चाहिए। राव का मानना है कि आज के समय में सोशल मीडिया और बढ़ती लोकप्रियता युवा खिलाड़ियों पर दबाव डाल सकती है, इसलिए मानसिक संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है।
इस बीच यह भी सामने आया है कि एमवी नरसिम्हा राव को आयरलैंड क्रिकेट में 35 वर्षों के योगदान के लिए विशेष सम्मान दिया जाएगा। उन्हें 28 जून को दूसरे टी20 मुकाबले से पहले प्रतिष्ठित ‘रॉय टॉरेंस बेल’ बजाने का सम्मान मिलेगा। यह उनके लंबे क्रिकेट सफर और योगदान का प्रतीक माना जा रहा है। यूरोप में वैभव सूर्यवंशी को लेकर जिस तरह का माहौल बन रहा है, वह भारतीय क्रिकेट के लिए भी गौरव की बात मानी जा रही है। इतनी कम उम्र में किसी खिलाड़ी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस तरह की चर्चा मिलना बेहद खास माना जाता है। यह सिर्फ शुरुआत है और असली सफर अभी बाकी है। आने वाले मुकाबलों में उनका प्रदर्शन ही तय करेगा कि वह इस उम्मीद और उत्साह पर कितना खरा उतर पाते हैं।
