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‘हिटलर की मौत के बाद बनीं उसके खिलाफ फिल्में’— ‘टॉक्सिक’ विवाद पर अनुराग कश्यप का दो टूक जवाब
बॉलीवुड न्यूज
यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ के टीजर पर मचे बवाल के बीच बेंगलुरु फिल्म फेस्टिवल में अनुराग कश्यप ने अभिव्यक्ति की आज़ादी, सांस्कृतिक पाखंड और राजनीतिक सिनेमा पर खुलकर रखी बात
यश की अपकमिंग फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स’ के टीजर को लेकर उठे विवाद पर फिल्ममेकर अनुराग कश्यप खुलकर सामने आ गए हैं। 17वें बेंगलुरु इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में बोलते हुए कश्यप ने न केवल फिल्म की निर्देशक गीतू मोहनदास का बचाव किया, बल्कि मौजूदा दौर में सिनेमा, राजनीति और नैतिकता के रिश्ते पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है— “जर्मनी में हिटलर के खिलाफ फिल्में उसकी मौत के बाद ही बन पाईं। हर चीज़ का अपना समय होता है।”
क्या है मामला
KGF फेम यश की फिल्म टॉक्सिक का टीजर 8 जनवरी को रिलीज हुआ था। टीजर में एक कार के अंदर फिल्माया गया इंटीमेट सीन सोशल मीडिया पर विवाद का कारण बन गया। एक वर्ग ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए कड़ी आलोचना की, वहीं कर्नाटक राज्य महिला आयोग ने भी कंटेंट पर नाराज़गी जताई। ट्रोलिंग के दबाव में टीजर में दिखीं विदेशी अभिनेत्री बीट्रिज टॉफेनबैक को अपना सोशल मीडिया अकाउंट प्राइवेट करना पड़ा।
कश्यप की प्रतिक्रिया
फेस्टिवल के ‘फियरलेस फिल्ममेकिंग’ सत्र में अनुराग कश्यप ने कहा कि इस तरह की प्रतिक्रियाएं समाज के “सांस्कृतिक पाखंड” को उजागर करती हैं। उनके शब्दों में, जब पुरुष कलाकार मर्दानगी या हिंसा दिखाते हैं, तब सवाल नहीं उठते, लेकिन जैसे ही कोई महिला अपनी कामुकता या स्वतंत्रता के साथ सामने आती है, विरोध शुरू हो जाता है। उन्होंने साफ कहा कि सिनेमा को नैतिक पुलिसिंग से मुक्त होना चाहिए।
राजनीतिक सिनेमा पर टिप्पणी
कश्यप ने यह भी कहा कि आज के भारत में ‘ब्लैक फ्राइडे’ या ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ जैसी फिल्में बनाना लगभग असंभव हो गया है। कई विषय राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो चुके हैं और फिल्मकार विवादों के डर से पीछे हट रहे हैं। उन्होंने ईरान और रूस जैसे देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के निर्देशक कड़े प्रतिबंधों के बावजूद साहसिक फिल्में बना रहे हैं, जबकि भारतीय सिनेमा में आत्म-सेंसरशिप बढ़ रही है।
हिटलर वाला बयान क्यों अहम
हिटलर के संदर्भ में दिया गया बयान मौजूदा बहस को ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य देता है। कश्यप का तर्क था कि सत्ता के दौर में उसके खिलाफ बोलना हमेशा आसान नहीं होता। कई बार कला और आलोचना को समय का इंतजार करना पड़ता है। इसे मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक माहौल से जोड़कर देखा जा रहा है।
टॉक्सिक 19 मार्च 2026 को पैन-इंडिया रिलीज होने जा रही है। फिल्म में यश के साथ कियारा आडवाणी, नयनतारा, हुमा कुरैशी और तारा सुतारिया जैसे बड़े नाम शामिल हैं। विवाद के बावजूद टीजर को करोड़ों व्यूज़ मिल चुके हैं, जिससे साफ है कि फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता बनी हुई है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि रिलीज के बाद फिल्म दर्शकों और आलोचकों के बीच कैसी प्रतिक्रिया पाती है।
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