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वायरल वीडियो के बाद प्रणित मोरे और हिमांशु जांगड़ा पर FIR
बालीवुड डेस्क
गुरुग्राम में वायरल वीडियो के बाद कार्रवाई, महिलाओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे और वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा के खिलाफ एफआईआर
गुरुग्राम में आयोजित एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो के दौरान महिलाओं को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों का मामला अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर पुलिस ने स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे और वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के नोटिस के बाद की गई है। मामले ने सोशल मीडिया से लेकर सार्वजनिक मंचों तक व्यापक बहस छेड़ दी है, जहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और महिलाओं के सम्मान के बीच संतुलन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। यह घटना 12 अप्रैल को गुरुग्राम के सेक्टर-24 स्थित डीएलएफ साइबर हब में आयोजित एक कॉमेडी शो के दौरान हुई थी। कार्यक्रम के दौरान दर्शकों में मौजूद एक व्यक्ति द्वारा महिलाओं को लेकर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। आरोप है कि इस टिप्पणी को मंच पर मौजूद कॉमेडियन ने न केवल आगे बढ़ाया बल्कि उस पर प्रतिक्रिया देकर माहौल को और बढ़ावा दिया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों की हंसी और तालियों के बीच यह पूरा घटनाक्रम रिकॉर्ड हो गया, जिसका वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो सामने आने के बाद कई लोगों ने इसे महिलाओं की गरिमा के खिलाफ बताया। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने इस पर आपत्ति जताई और कार्रवाई की मांग की। बढ़ते विवाद के बीच राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए हरियाणा पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी किया। आयोग ने अपने नोटिस में कहा कि महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणियों को मनोरंजन के रूप में प्रस्तुत करना गंभीर चिंता का विषय है। महिला आयोग ने पूरे घटनाक्रम को महिलाओं की मर्यादा और सम्मान के खिलाफ बताया। आयोग के अनुसार किसी महिला के संदर्भ में की गई कथित टिप्पणी, उस पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया और पूरे माहौल को मनोरंजन के रूप में पेश करना सामाजिक दृष्टि से गलत संदेश देता है। आयोग ने मामले में कानूनी कार्रवाई करने और जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद गुरुग्राम पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक राज्य पुलिस मुख्यालय से महिला आयोग का नोटिस मिलने के बाद कार्रवाई की गई। जांच के दौरान वायरल वीडियो को साक्ष्य के रूप में जब्त किया गया है। साथ ही कार्यक्रम स्थल से सीसीटीवी फुटेज भी एकत्र किए गए हैं ताकि पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की जा सके।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें यौन उत्पीड़न, यौन रंग वाली टिप्पणियां, अश्लील सामग्री के प्रसार और सार्वजनिक शरारत को बढ़ावा देने से जुड़ी धाराएं शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड करने और उसके प्रचार-प्रसार में किसकी क्या भूमिका रही। मामले के तूल पकड़ने के बाद दोनों आरोपियों ने सोशल मीडिया के जरिए सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी है। प्रणित मोरे और हिमांशु जांगड़ा ने अपने बयान में कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं था और यदि उनकी बातों से किसी को ठेस पहुंची है तो उन्हें इसका खेद है। हालांकि पुलिस का स्पष्ट कहना है कि सार्वजनिक माफी का कानूनी प्रक्रिया पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और जांच नियमानुसार जारी रहेगी।
इस विवाद का असर हिमांशु जांगड़ा के पेशेवर जीवन पर भी पड़ा है। जिस निजी कंपनी में वह कार्यरत थे, वहां से उन्हें नौकरी से हटा दिया गया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद कंपनी पर भी प्रतिक्रिया आई थी, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। हालांकि कंपनी की ओर से इस संबंध में कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है। सोशल मीडिया के दौर में सार्वजनिक मंचों पर कही गई बातें तेजी से व्यापक दर्शकों तक पहुंचती हैं। ऐसे में किसी भी टिप्पणी के सामाजिक और कानूनी परिणाम पहले की तुलना में कहीं अधिक गंभीर हो सकते हैं। विशेषकर जब मामला महिलाओं की गरिमा और सम्मान से जुड़ा हो, तब कानून प्रवर्तन एजेंसियां अधिक संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करती हैं। दूसरी ओर, कुछ लोग यह भी तर्क दे रहे हैं कि कॉमेडी और व्यंग्य की दुनिया में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का भी महत्व है। हालांकि अधिकांश विशेषज्ञों का कहना है कि हास्य और मनोरंजन के नाम पर किसी वर्ग, समुदाय या व्यक्ति के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणियों को उचित नहीं ठहराया जा सकता। पुलिस ने दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी कर दिए हैं। जांच एजेंसियां वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही हैं।
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वायरल वीडियो के बाद प्रणित मोरे और हिमांशु जांगड़ा पर FIR
बालीवुड डेस्क
गुरुग्राम में आयोजित एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो के दौरान महिलाओं को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों का मामला अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर पुलिस ने स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे और वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के नोटिस के बाद की गई है। मामले ने सोशल मीडिया से लेकर सार्वजनिक मंचों तक व्यापक बहस छेड़ दी है, जहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और महिलाओं के सम्मान के बीच संतुलन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। यह घटना 12 अप्रैल को गुरुग्राम के सेक्टर-24 स्थित डीएलएफ साइबर हब में आयोजित एक कॉमेडी शो के दौरान हुई थी। कार्यक्रम के दौरान दर्शकों में मौजूद एक व्यक्ति द्वारा महिलाओं को लेकर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। आरोप है कि इस टिप्पणी को मंच पर मौजूद कॉमेडियन ने न केवल आगे बढ़ाया बल्कि उस पर प्रतिक्रिया देकर माहौल को और बढ़ावा दिया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों की हंसी और तालियों के बीच यह पूरा घटनाक्रम रिकॉर्ड हो गया, जिसका वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो सामने आने के बाद कई लोगों ने इसे महिलाओं की गरिमा के खिलाफ बताया। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने इस पर आपत्ति जताई और कार्रवाई की मांग की। बढ़ते विवाद के बीच राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए हरियाणा पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी किया। आयोग ने अपने नोटिस में कहा कि महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणियों को मनोरंजन के रूप में प्रस्तुत करना गंभीर चिंता का विषय है। महिला आयोग ने पूरे घटनाक्रम को महिलाओं की मर्यादा और सम्मान के खिलाफ बताया। आयोग के अनुसार किसी महिला के संदर्भ में की गई कथित टिप्पणी, उस पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया और पूरे माहौल को मनोरंजन के रूप में पेश करना सामाजिक दृष्टि से गलत संदेश देता है। आयोग ने मामले में कानूनी कार्रवाई करने और जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद गुरुग्राम पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक राज्य पुलिस मुख्यालय से महिला आयोग का नोटिस मिलने के बाद कार्रवाई की गई। जांच के दौरान वायरल वीडियो को साक्ष्य के रूप में जब्त किया गया है। साथ ही कार्यक्रम स्थल से सीसीटीवी फुटेज भी एकत्र किए गए हैं ताकि पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की जा सके।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें यौन उत्पीड़न, यौन रंग वाली टिप्पणियां, अश्लील सामग्री के प्रसार और सार्वजनिक शरारत को बढ़ावा देने से जुड़ी धाराएं शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड करने और उसके प्रचार-प्रसार में किसकी क्या भूमिका रही। मामले के तूल पकड़ने के बाद दोनों आरोपियों ने सोशल मीडिया के जरिए सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी है। प्रणित मोरे और हिमांशु जांगड़ा ने अपने बयान में कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं था और यदि उनकी बातों से किसी को ठेस पहुंची है तो उन्हें इसका खेद है। हालांकि पुलिस का स्पष्ट कहना है कि सार्वजनिक माफी का कानूनी प्रक्रिया पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और जांच नियमानुसार जारी रहेगी।
इस विवाद का असर हिमांशु जांगड़ा के पेशेवर जीवन पर भी पड़ा है। जिस निजी कंपनी में वह कार्यरत थे, वहां से उन्हें नौकरी से हटा दिया गया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद कंपनी पर भी प्रतिक्रिया आई थी, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। हालांकि कंपनी की ओर से इस संबंध में कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है। सोशल मीडिया के दौर में सार्वजनिक मंचों पर कही गई बातें तेजी से व्यापक दर्शकों तक पहुंचती हैं। ऐसे में किसी भी टिप्पणी के सामाजिक और कानूनी परिणाम पहले की तुलना में कहीं अधिक गंभीर हो सकते हैं। विशेषकर जब मामला महिलाओं की गरिमा और सम्मान से जुड़ा हो, तब कानून प्रवर्तन एजेंसियां अधिक संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करती हैं। दूसरी ओर, कुछ लोग यह भी तर्क दे रहे हैं कि कॉमेडी और व्यंग्य की दुनिया में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का भी महत्व है। हालांकि अधिकांश विशेषज्ञों का कहना है कि हास्य और मनोरंजन के नाम पर किसी वर्ग, समुदाय या व्यक्ति के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणियों को उचित नहीं ठहराया जा सकता। पुलिस ने दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी कर दिए हैं। जांच एजेंसियां वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही हैं।
