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Happy Birthday Neetu Kapoor: 8 साल की उम्र से शुरू हुआ अभिनय, बनीं सुपरस्टार
बालीवुड डेस्क
8 साल की उम्र में शुरू किया अभिनय, ऋषि कपूर संग प्रेम कहानी बनी मिसाल; शादी के बाद परिवार के लिए छोड़ा करियर, फिर 26 साल बाद दमदार वापसी
बॉलीवुड की सदाबहार अभिनेत्री नीतू कपूर आज अपना 68वां जन्मदिन मना रही हैं। अपनी मासूम मुस्कान, शानदार अभिनय और चुलबुले अंदाज से लाखों दिलों पर राज करने वाली नीतू कपूर का फिल्मी सफर जितना सफल रहा, उनकी निजी जिंदगी उतनी ही उतार-चढ़ाव भरी रही। बचपन में पिता का साया उठने के बाद आर्थिक तंगी से जूझते परिवार की जिम्मेदारी उनके नन्हे कंधों पर आ गई। महज आठ साल की उम्र में कैमरे के सामने खड़ी हुई यह बच्ची आगे चलकर हिंदी सिनेमा की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शामिल हो गई। नीतू कपूर का जन्म 8 जुलाई 1958 को दिल्ली में एक पंजाबी सिख परिवार में हुआ था। उनका असली नाम हरमीत कौर था। जन्म के कुछ समय बाद उनका परिवार मुंबई आ गया। लेकिन बचपन में ही पिता के निधन ने परिवार को गहरे आर्थिक संकट में डाल दिया। घर की जिम्मेदारियां बढ़ीं तो उनकी मां राजी कौर ने फिल्मों में काम तलाशने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने अपनी बेटी के जरिए अपना सपना पूरा करने का फैसला किया।
राजी कौर छोटी नीतू को लेकर फिल्म स्टूडियो के चक्कर लगाने लगीं। शुरुआत में कई बार निराशा हाथ लगी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। आखिरकार नीतू को फिल्मों में काम मिला और उन्होंने बाल कलाकार के रूप में अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। उस दौर में उन्हें 'बेबी सोनिया' के नाम से जाना जाता था।
महज आठ साल की उम्र में फिल्म 'सूरज' (1966) से उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा। इसके बाद 'दस लाख', 'दो कलियां', 'वारिस' और 'दो दूनी चार' जैसी फिल्मों में बाल कलाकार के रूप में उनकी अदाकारी को खूब सराहा गया। कैमरे के सामने उनका आत्मविश्वास और सहज अभिनय देखकर निर्देशक भी प्रभावित रहते थे। धीरे-धीरे उन्होंने अभिनय की बारीकियां सीखीं और बाल कलाकार के रूप में अपनी अलग पहचान बना ली।
साल 1973 में फिल्म 'रिक्शावाला' से उन्होंने मुख्य अभिनेत्री के रूप में अपना सफर शुरू किया। उस समय उनकी उम्र केवल 15 वर्ष थी। इस फिल्म में उन्होंने रणधीर कपूर के साथ काम किया। इसके बाद उनके करियर ने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि वे कुछ ही वर्षों में बॉलीवुड की सबसे व्यस्त और सफल अभिनेत्रियों में शामिल हो गईं।
नीतू कपूर ने अपने फिल्मी करियर में कई सुपरहिट फिल्मों में अभिनय किया। 'दीवार', 'खेल-खेल में', 'रफू चक्कर', 'कभी-कभी', 'अमर अकबर एंथनी', 'धरम-वीर', 'कस्मे वादे', 'याराना' और 'झूठा कहीं का' जैसी फिल्मों ने उन्हें स्टारडम की ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनकी स्वाभाविक अभिनय शैली और चुलबुला अंदाज दर्शकों को बेहद पसंद आता था।
हालांकि, नीतू कपूर के करियर की सबसे चर्चित बात उनकी और ऋषि कपूर की प्रेम कहानी रही। दोनों की पहली मुलाकात फिल्म 'जहरीला इंसान' की शूटिंग के दौरान हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच अक्सर नोकझोंक होती थी। ऋषि कपूर मजाक-मस्ती में नीतू को काफी परेशान किया करते थे, जिससे वह कई बार नाराज भी हो जाती थीं। लेकिन यही तकरार धीरे-धीरे दोस्ती में बदल गई।
दिलचस्प बात यह भी रही कि एक समय नीतू कपूर, ऋषि कपूर की दूसरी गर्लफ्रेंड्स के लिए उनकी ओर से प्रेम पत्र तक लिखा करती थीं। लेकिन वक्त के साथ दोनों एक-दूसरे के करीब आए और फिल्म 'अमर अकबर एंथनी' की शूटिंग के दौरान उनका रिश्ता प्यार में बदल गया। इसके बाद दोनों ने एक साथ 12 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और उनकी जोड़ी दर्शकों की सबसे पसंदीदा ऑनस्क्रीन जोड़ियों में शामिल हो गई।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जब नीतू कपूर की मां को उनके और ऋषि कपूर के रिश्ते की जानकारी मिली तो वह काफी नाराज हो गई थीं। उन्होंने नीतू को डांटा और थप्पड़ भी मारा था। परिवार को उनकी कम उम्र और करियर की चिंता थी। हालांकि समय के साथ दोनों परिवारों ने इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया।
22 जनवरी 1980 को ऋषि कपूर और नीतू कपूर शादी के बंधन में बंध गए। यह बॉलीवुड की सबसे चर्चित शादियों में गिनी जाती है। शादी में फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े सितारे शामिल हुए थे। बाद में दोनों ने एक इंटरव्यू में बताया था कि शादी के दौरान लगातार चल रही रस्मों, भारी भीड़ और थकान की वजह से दोनों कुछ समय के लिए बेहोश हो गए थे। नीतू का भारी लहंगा और लंबे समय तक चलने वाली रस्में उनके लिए काफी मुश्किल साबित हुई थीं।
शादी के बाद नीतू कपूर ने अपने फिल्मी करियर से दूरी बना ली और परिवार की जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दी। उन्होंने अपने बच्चों रणबीर कपूर और रिद्धिमा कपूर साहनी की परवरिश पर पूरा ध्यान दिया। कई इंटरव्यू में ऋषि कपूर ने भी स्वीकार किया था कि शादी के बाद नीतू ने परिवार के लिए अपने करियर से समझौता किया।
करीब 26 साल बाद नीतू कपूर ने फिल्मों में वापसी की। उनकी वापसी को दर्शकों और समीक्षकों ने खूब सराहा। उन्होंने साबित कर दिया कि अभिनय प्रतिभा समय के साथ कम नहीं होती। फिल्मों के अलावा वह कई टीवी रियलिटी शो और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी नजर आती रही हैं।
साल 2020 में ऋषि कपूर के निधन के बाद नीतू कपूर ने खुद को संभाला और अपने परिवार के साथ मजबूती से खड़ी रहीं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने जीवन में सकारात्मक सोच बनाए रखी और फिर से अपने काम पर लौटकर लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन गईं।
आज 68 वर्ष की उम्र में भी नीतू कपूर अपनी ऊर्जा, मुस्कान और सकारात्मक व्यक्तित्व के कारण दर्शकों की पसंद बनी हुई हैं। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि संघर्ष चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के दम पर हर मुकाम हासिल किया जा सकता है। बाल कलाकार से सुपरस्टार और फिर एक मजबूत महिला के रूप में उनकी यात्रा हिंदी सिनेमा के इतिहास में हमेशा याद की जाएगी।
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Happy Birthday Neetu Kapoor: 8 साल की उम्र से शुरू हुआ अभिनय, बनीं सुपरस्टार
बालीवुड डेस्क
बॉलीवुड की सदाबहार अभिनेत्री नीतू कपूर आज अपना 68वां जन्मदिन मना रही हैं। अपनी मासूम मुस्कान, शानदार अभिनय और चुलबुले अंदाज से लाखों दिलों पर राज करने वाली नीतू कपूर का फिल्मी सफर जितना सफल रहा, उनकी निजी जिंदगी उतनी ही उतार-चढ़ाव भरी रही। बचपन में पिता का साया उठने के बाद आर्थिक तंगी से जूझते परिवार की जिम्मेदारी उनके नन्हे कंधों पर आ गई। महज आठ साल की उम्र में कैमरे के सामने खड़ी हुई यह बच्ची आगे चलकर हिंदी सिनेमा की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शामिल हो गई। नीतू कपूर का जन्म 8 जुलाई 1958 को दिल्ली में एक पंजाबी सिख परिवार में हुआ था। उनका असली नाम हरमीत कौर था। जन्म के कुछ समय बाद उनका परिवार मुंबई आ गया। लेकिन बचपन में ही पिता के निधन ने परिवार को गहरे आर्थिक संकट में डाल दिया। घर की जिम्मेदारियां बढ़ीं तो उनकी मां राजी कौर ने फिल्मों में काम तलाशने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने अपनी बेटी के जरिए अपना सपना पूरा करने का फैसला किया।
राजी कौर छोटी नीतू को लेकर फिल्म स्टूडियो के चक्कर लगाने लगीं। शुरुआत में कई बार निराशा हाथ लगी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। आखिरकार नीतू को फिल्मों में काम मिला और उन्होंने बाल कलाकार के रूप में अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। उस दौर में उन्हें 'बेबी सोनिया' के नाम से जाना जाता था।
महज आठ साल की उम्र में फिल्म 'सूरज' (1966) से उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा। इसके बाद 'दस लाख', 'दो कलियां', 'वारिस' और 'दो दूनी चार' जैसी फिल्मों में बाल कलाकार के रूप में उनकी अदाकारी को खूब सराहा गया। कैमरे के सामने उनका आत्मविश्वास और सहज अभिनय देखकर निर्देशक भी प्रभावित रहते थे। धीरे-धीरे उन्होंने अभिनय की बारीकियां सीखीं और बाल कलाकार के रूप में अपनी अलग पहचान बना ली।
साल 1973 में फिल्म 'रिक्शावाला' से उन्होंने मुख्य अभिनेत्री के रूप में अपना सफर शुरू किया। उस समय उनकी उम्र केवल 15 वर्ष थी। इस फिल्म में उन्होंने रणधीर कपूर के साथ काम किया। इसके बाद उनके करियर ने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि वे कुछ ही वर्षों में बॉलीवुड की सबसे व्यस्त और सफल अभिनेत्रियों में शामिल हो गईं।
नीतू कपूर ने अपने फिल्मी करियर में कई सुपरहिट फिल्मों में अभिनय किया। 'दीवार', 'खेल-खेल में', 'रफू चक्कर', 'कभी-कभी', 'अमर अकबर एंथनी', 'धरम-वीर', 'कस्मे वादे', 'याराना' और 'झूठा कहीं का' जैसी फिल्मों ने उन्हें स्टारडम की ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनकी स्वाभाविक अभिनय शैली और चुलबुला अंदाज दर्शकों को बेहद पसंद आता था।
हालांकि, नीतू कपूर के करियर की सबसे चर्चित बात उनकी और ऋषि कपूर की प्रेम कहानी रही। दोनों की पहली मुलाकात फिल्म 'जहरीला इंसान' की शूटिंग के दौरान हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच अक्सर नोकझोंक होती थी। ऋषि कपूर मजाक-मस्ती में नीतू को काफी परेशान किया करते थे, जिससे वह कई बार नाराज भी हो जाती थीं। लेकिन यही तकरार धीरे-धीरे दोस्ती में बदल गई।
दिलचस्प बात यह भी रही कि एक समय नीतू कपूर, ऋषि कपूर की दूसरी गर्लफ्रेंड्स के लिए उनकी ओर से प्रेम पत्र तक लिखा करती थीं। लेकिन वक्त के साथ दोनों एक-दूसरे के करीब आए और फिल्म 'अमर अकबर एंथनी' की शूटिंग के दौरान उनका रिश्ता प्यार में बदल गया। इसके बाद दोनों ने एक साथ 12 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और उनकी जोड़ी दर्शकों की सबसे पसंदीदा ऑनस्क्रीन जोड़ियों में शामिल हो गई।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जब नीतू कपूर की मां को उनके और ऋषि कपूर के रिश्ते की जानकारी मिली तो वह काफी नाराज हो गई थीं। उन्होंने नीतू को डांटा और थप्पड़ भी मारा था। परिवार को उनकी कम उम्र और करियर की चिंता थी। हालांकि समय के साथ दोनों परिवारों ने इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया।
22 जनवरी 1980 को ऋषि कपूर और नीतू कपूर शादी के बंधन में बंध गए। यह बॉलीवुड की सबसे चर्चित शादियों में गिनी जाती है। शादी में फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े सितारे शामिल हुए थे। बाद में दोनों ने एक इंटरव्यू में बताया था कि शादी के दौरान लगातार चल रही रस्मों, भारी भीड़ और थकान की वजह से दोनों कुछ समय के लिए बेहोश हो गए थे। नीतू का भारी लहंगा और लंबे समय तक चलने वाली रस्में उनके लिए काफी मुश्किल साबित हुई थीं।
शादी के बाद नीतू कपूर ने अपने फिल्मी करियर से दूरी बना ली और परिवार की जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दी। उन्होंने अपने बच्चों रणबीर कपूर और रिद्धिमा कपूर साहनी की परवरिश पर पूरा ध्यान दिया। कई इंटरव्यू में ऋषि कपूर ने भी स्वीकार किया था कि शादी के बाद नीतू ने परिवार के लिए अपने करियर से समझौता किया।
करीब 26 साल बाद नीतू कपूर ने फिल्मों में वापसी की। उनकी वापसी को दर्शकों और समीक्षकों ने खूब सराहा। उन्होंने साबित कर दिया कि अभिनय प्रतिभा समय के साथ कम नहीं होती। फिल्मों के अलावा वह कई टीवी रियलिटी शो और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी नजर आती रही हैं।
साल 2020 में ऋषि कपूर के निधन के बाद नीतू कपूर ने खुद को संभाला और अपने परिवार के साथ मजबूती से खड़ी रहीं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने जीवन में सकारात्मक सोच बनाए रखी और फिर से अपने काम पर लौटकर लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन गईं।
आज 68 वर्ष की उम्र में भी नीतू कपूर अपनी ऊर्जा, मुस्कान और सकारात्मक व्यक्तित्व के कारण दर्शकों की पसंद बनी हुई हैं। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि संघर्ष चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के दम पर हर मुकाम हासिल किया जा सकता है। बाल कलाकार से सुपरस्टार और फिर एक मजबूत महिला के रूप में उनकी यात्रा हिंदी सिनेमा के इतिहास में हमेशा याद की जाएगी।
