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सीधी के अमिलिया बाजार में घुसा मगरमच्छ: रातभर दहशत में रहे लोग, कड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग ने किया रेस्क्यू
रीवा,(म.प्र.)
मुख्य बाजार में मगरमच्छ दिखते ही उमड़ी भीड़, सोन घड़ियाल अभ्यारण्य की टीम ने सुरक्षित पकड़कर सोन नदी के जोगदहा घाट में छोड़ा
सीधी जिले के अमिलिया थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक विशाल मगरमच्छ मुख्य बाजार क्षेत्र में पहुंच गया। बाजार के बीचोंबीच मगरमच्छ दिखाई देने की खबर कुछ ही देर में पूरे इलाके में फैल गई। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। मगरमच्छ को देखने के लिए रात में ही भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जबकि कई लोग भय के कारण अपने घरों से बाहर निकलने से भी कतराने लगे। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की रेस्क्यू टीम को बुलाया गया, लेकिन लोगों का आरोप है कि टीम मौके पर देर से पहुंची। हालांकि, काफी मशक्कत के बाद सोन घड़ियाल अभ्यारण्य की टीम ने मगरमच्छ का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित सोन नदी के जोगदहा घाट में छोड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात अचानक बाजार में लोगों ने एक बड़े मगरमच्छ को सड़क किनारे देखा। पहले तो लोगों को अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ, लेकिन कुछ ही मिनटों में यह खबर पूरे अमिलिया बाजार में फैल गई। इसके बाद आसपास के दुकानदार, राहगीर और स्थानीय निवासी मौके पर पहुंचने लगे। भीड़ बढ़ने के कारण स्थिति को संभालना मुश्किल हो गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह मगरमच्छ कोई नया नहीं था। पिछले कई वर्षों से वह अमिलिया क्षेत्र के एक तालाब में विचरण करता देखा जाता रहा है। बरसात के मौसम में जलस्तर बढ़ने के कारण संभवतः वह तालाब से निकलकर बाजार क्षेत्र तक पहुंच गया। लोगों का मानना है कि पानी का बहाव और लगातार हो रही बारिश के चलते मगरमच्छ अपने प्राकृतिक ठिकाने से भटक गया। मगरमच्छ के बाजार में पहुंचने से लोगों में दहशत फैल गई। कई लोगों ने बच्चों को तुरंत घरों के भीतर बुला लिया, जबकि दुकानदारों ने भी एहतियात के तौर पर अपनी दुकानें बंद कर दीं। हालांकि, कुछ लोग सुरक्षा की परवाह किए बिना मगरमच्छ के काफी करीब पहुंचकर मोबाइल से फोटो और वीडियो बनाने लगे। इससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रही। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने वन विभाग और रेस्क्यू टीम को सूचना दी। ग्रामीणों का कहना है कि सूचना देने के बावजूद टीम को मौके पर पहुंचने में काफी समय लग गया। इस दौरान मगरमच्छ बाजार क्षेत्र में ही मौजूद रहा, जिससे लोगों की चिंता लगातार बढ़ती रही। लोगों ने प्रशासन से मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं के दौरान रेस्क्यू टीम को और अधिक तेजी से मौके पर पहुंचना चाहिए।
कुछ समय बाद सोन घड़ियाल अभ्यारण्य की रेस्क्यू टीम आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने पहले भीड़ को सुरक्षित दूरी पर हटाया और पूरे इलाके को घेर लिया, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। इसके बाद प्रशिक्षित कर्मचारियों ने सावधानीपूर्वक मगरमच्छ को नियंत्रित करने की कार्रवाई शुरू की। रेस्क्यू अभियान आसान नहीं था। मगरमच्छ लगातार इधर-उधर भागने की कोशिश कर रहा था, जिससे टीम को काफी सतर्कता बरतनी पड़ी। लगभग लंबे प्रयास के बाद वन विभाग के कर्मचारियों ने मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। पूरी कार्रवाई के दौरान स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों ने भी सहयोग किया। रेस्क्यू पूरा होने के बाद मगरमच्छ को विशेष वाहन के माध्यम से सोन घड़ियाल अभ्यारण्य क्षेत्र ले जाया गया। वहां से उसे सोन नदी के जोगदहा घाट में सुरक्षित छोड़ दिया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मगरमच्छ पूरी तरह स्वस्थ था और उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया है, ताकि वह सुरक्षित रह सके। बरसात के मौसम में नदी, तालाब और जलाशयों का जलस्तर बढ़ने से मगरमच्छ सहित कई जलीय जीव अपने प्राकृतिक क्षेत्र से बाहर निकल आते हैं। ऐसे समय में लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता होती है। यदि किसी स्थान पर मगरमच्छ दिखाई दे तो उसके पास जाने या उसे पकड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, बल्कि तत्काल वन विभाग को सूचना देनी चाहिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि अमिलिया के तालाब में मगरमच्छ कई वर्षों से दिखाई देता था, लेकिन पहली बार वह मुख्य बाजार तक पहुंचा है। इस घटना के बाद लोगों ने प्रशासन से तालाब और आसपास के क्षेत्रों की नियमित निगरानी करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
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सीधी के अमिलिया बाजार में घुसा मगरमच्छ: रातभर दहशत में रहे लोग, कड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग ने किया रेस्क्यू
रीवा,(म.प्र.)
सीधी जिले के अमिलिया थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक विशाल मगरमच्छ मुख्य बाजार क्षेत्र में पहुंच गया। बाजार के बीचोंबीच मगरमच्छ दिखाई देने की खबर कुछ ही देर में पूरे इलाके में फैल गई। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। मगरमच्छ को देखने के लिए रात में ही भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जबकि कई लोग भय के कारण अपने घरों से बाहर निकलने से भी कतराने लगे। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की रेस्क्यू टीम को बुलाया गया, लेकिन लोगों का आरोप है कि टीम मौके पर देर से पहुंची। हालांकि, काफी मशक्कत के बाद सोन घड़ियाल अभ्यारण्य की टीम ने मगरमच्छ का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित सोन नदी के जोगदहा घाट में छोड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात अचानक बाजार में लोगों ने एक बड़े मगरमच्छ को सड़क किनारे देखा। पहले तो लोगों को अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ, लेकिन कुछ ही मिनटों में यह खबर पूरे अमिलिया बाजार में फैल गई। इसके बाद आसपास के दुकानदार, राहगीर और स्थानीय निवासी मौके पर पहुंचने लगे। भीड़ बढ़ने के कारण स्थिति को संभालना मुश्किल हो गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह मगरमच्छ कोई नया नहीं था। पिछले कई वर्षों से वह अमिलिया क्षेत्र के एक तालाब में विचरण करता देखा जाता रहा है। बरसात के मौसम में जलस्तर बढ़ने के कारण संभवतः वह तालाब से निकलकर बाजार क्षेत्र तक पहुंच गया। लोगों का मानना है कि पानी का बहाव और लगातार हो रही बारिश के चलते मगरमच्छ अपने प्राकृतिक ठिकाने से भटक गया। मगरमच्छ के बाजार में पहुंचने से लोगों में दहशत फैल गई। कई लोगों ने बच्चों को तुरंत घरों के भीतर बुला लिया, जबकि दुकानदारों ने भी एहतियात के तौर पर अपनी दुकानें बंद कर दीं। हालांकि, कुछ लोग सुरक्षा की परवाह किए बिना मगरमच्छ के काफी करीब पहुंचकर मोबाइल से फोटो और वीडियो बनाने लगे। इससे दुर्घटना की आशंका भी बनी रही। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने वन विभाग और रेस्क्यू टीम को सूचना दी। ग्रामीणों का कहना है कि सूचना देने के बावजूद टीम को मौके पर पहुंचने में काफी समय लग गया। इस दौरान मगरमच्छ बाजार क्षेत्र में ही मौजूद रहा, जिससे लोगों की चिंता लगातार बढ़ती रही। लोगों ने प्रशासन से मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं के दौरान रेस्क्यू टीम को और अधिक तेजी से मौके पर पहुंचना चाहिए।
कुछ समय बाद सोन घड़ियाल अभ्यारण्य की रेस्क्यू टीम आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने पहले भीड़ को सुरक्षित दूरी पर हटाया और पूरे इलाके को घेर लिया, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। इसके बाद प्रशिक्षित कर्मचारियों ने सावधानीपूर्वक मगरमच्छ को नियंत्रित करने की कार्रवाई शुरू की। रेस्क्यू अभियान आसान नहीं था। मगरमच्छ लगातार इधर-उधर भागने की कोशिश कर रहा था, जिससे टीम को काफी सतर्कता बरतनी पड़ी। लगभग लंबे प्रयास के बाद वन विभाग के कर्मचारियों ने मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। पूरी कार्रवाई के दौरान स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों ने भी सहयोग किया। रेस्क्यू पूरा होने के बाद मगरमच्छ को विशेष वाहन के माध्यम से सोन घड़ियाल अभ्यारण्य क्षेत्र ले जाया गया। वहां से उसे सोन नदी के जोगदहा घाट में सुरक्षित छोड़ दिया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मगरमच्छ पूरी तरह स्वस्थ था और उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया है, ताकि वह सुरक्षित रह सके। बरसात के मौसम में नदी, तालाब और जलाशयों का जलस्तर बढ़ने से मगरमच्छ सहित कई जलीय जीव अपने प्राकृतिक क्षेत्र से बाहर निकल आते हैं। ऐसे समय में लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता होती है। यदि किसी स्थान पर मगरमच्छ दिखाई दे तो उसके पास जाने या उसे पकड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, बल्कि तत्काल वन विभाग को सूचना देनी चाहिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि अमिलिया के तालाब में मगरमच्छ कई वर्षों से दिखाई देता था, लेकिन पहली बार वह मुख्य बाजार तक पहुंचा है। इस घटना के बाद लोगों ने प्रशासन से तालाब और आसपास के क्षेत्रों की नियमित निगरानी करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
