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आरपीआई (डॉ. भीमराव अंबेडकर) और समाजवादी पार्टी का 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए ऐतिहासिक गठबंधन
Digital Desk
लखनऊ / मुंबई, 6 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव लाने वाले एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (डॉ. भीमराव अंबेडकर) ने वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के साथ बिना किसी शर्त गठबंधन करने की औपचारिक घोषणा की है। माना जा रहा है कि यह गठबंधन प्रदेश की चुनावी राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर अंबेडकरवादी आंदोलन को भी नई दिशा और मजबूती देगा।
रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (डॉ. भीमराव अंबेडकर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नेशनल बहुजन अलायंस के नेता भीमराव यशवंत अंबेडकर ने स्वयं एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों दलों के बीच व्यापक चुनावी समझ विकसित हुई, जिसका उद्देश्य अंबेडकरवादी, बहुजन, धर्मनिरपेक्ष और संविधान समर्थक मतदाताओं को एक साझा "सेक्युलर फोर्स" के मंच पर संगठित करना है।
सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा को बताया गठबंधन का आधार
1 जुलाई 2026 को जारी आधिकारिक पत्र (संदर्भ संख्या: 256/2026-27) में भीमराव यशवंत अंबेडकर ने कहा,
"रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर) की ओर से तथा सामाजिक न्याय के लिए कार्यरत विभिन्न प्रगतिशील, सामाजिक एवं गैर-राजनीतिक संगठनों के संयुक्त मंच के साथ हम आगामी चुनावी और सामाजिक अभियानों के लिए समाजवादी पार्टी के साथ अपना समर्थन और गठबंधन घोषित करते हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि उनकी पार्टी की मूल विचारधारा डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के सिद्धांतों पर आधारित है। उनका मानना है कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवाज उठाई है, जो उनकी पार्टी की विचारधारा से पूरी तरह मेल खाती है।
कई अंबेडकरवादी और बहुजन संगठनों का समर्थन
इस गठबंधन को नेशनल बहुजन अलायंस के साथ-साथ कई प्रभावशाली अंबेडकरवादी और बहुजन संगठनों का समर्थन प्राप्त है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया
- समता सैनिक दल
- डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर एडवोकेट एसोसिएशन ऑफ इंडिया
- रिपब्लिकन स्टूडेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया
- यूथ रिपब्लिकन
- बहुजन मीडिया एसोसिएशन ऑफ इंडिया
- डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की विचारधारा से प्रेरित अन्य अनेक सामाजिक एवं बहुजन संगठन
अंबेडकर स्मारक संरक्षण को लेकर संयुक्त आंदोलन की तैयारी
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने 8 जून 2026 को लखनऊ में आरपीआई द्वारा आयोजित उस बड़े विरोध प्रदर्शन की भी समीक्षा की, जो योगी सरकार पर डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर स्मारक स्थल में हस्तक्षेप के आरोपों को लेकर किया गया था।
दोनों दलों ने इस बात पर सहमति जताई कि बाबासाहेब अंबेडकर के स्मारकों की सुरक्षा, संविधान की रक्षा तथा सामाजिक न्याय, समानता और बंधुत्व के मूल्यों को मजबूत करने के लिए देशव्यापी संयुक्त जनआंदोलन चलाया जाएगा।
राष्ट्रीय स्तर पर अंबेडकरवादी आंदोलन को मिलेगी नई ताकत
इस अवसर पर भीमराव यशवंत अंबेडकर ने कहा कि अंबेडकरवादी और समाजवादी विचारधाराओं का यह एकजुट होना राष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक न्याय के आंदोलन को नई ऊर्जा देगा।
उन्होंने कहा,
"अंबेडकरवादी और समाजवादी शक्तियों का यह मिलन राष्ट्रीय स्तर पर अंबेडकरवादी आंदोलन को नई गति देगा। यह गठबंधन संविधान की रक्षा और बहुसंख्यकवादी राजनीति के खिलाफ लोकतांत्रिक संघर्ष को और मजबूत बनाएगा।"
अखिलेश यादव ने किया गठबंधन का स्वागत
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस गठबंधन का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी पार्टी सामाजिक न्याय, समावेशी विकास और संवैधानिक लोकतंत्र की रक्षा के साझा उद्देश्य के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि समान विचारधारा वाले दलों और संगठनों का यह गठबंधन उत्तर प्रदेश में सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
2027 के चुनाव में विपक्ष को मिल सकती है मजबूती
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह रणनीतिक गठबंधन वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में विपक्ष की स्थिति को मजबूत कर सकता है। अंबेडकरवादी, बहुजन और धर्मनिरपेक्ष मतदाताओं को एक मंच पर लाने की यह कोशिश राज्य की चुनावी राजनीति में नया समीकरण तैयार कर सकती है।
इस गठबंधन के माध्यम से एक स्पष्ट संदेश देने का प्रयास किया गया है कि संविधान, सामाजिक न्याय, समानता और बंधुत्व के मूल्यों में विश्वास रखने वाली ताकतें अब एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरेंगी।
दोनों दलों का कहना है कि यह गठबंधन केवल चुनावी समझौता नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए साझा वैचारिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। आने वाले समय में दोनों पक्ष संयुक्त कार्यक्रमों, जनसभाओं और सामाजिक अभियानों के माध्यम से इस साझेदारी को और मजबूत करेंगे।
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आरपीआई (डॉ. भीमराव अंबेडकर) और समाजवादी पार्टी का 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए ऐतिहासिक गठबंधन
Digital Desk
रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (डॉ. भीमराव अंबेडकर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नेशनल बहुजन अलायंस के नेता भीमराव यशवंत अंबेडकर ने स्वयं एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों दलों के बीच व्यापक चुनावी समझ विकसित हुई, जिसका उद्देश्य अंबेडकरवादी, बहुजन, धर्मनिरपेक्ष और संविधान समर्थक मतदाताओं को एक साझा "सेक्युलर फोर्स" के मंच पर संगठित करना है।
सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा को बताया गठबंधन का आधार
1 जुलाई 2026 को जारी आधिकारिक पत्र (संदर्भ संख्या: 256/2026-27) में भीमराव यशवंत अंबेडकर ने कहा,
"रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर) की ओर से तथा सामाजिक न्याय के लिए कार्यरत विभिन्न प्रगतिशील, सामाजिक एवं गैर-राजनीतिक संगठनों के संयुक्त मंच के साथ हम आगामी चुनावी और सामाजिक अभियानों के लिए समाजवादी पार्टी के साथ अपना समर्थन और गठबंधन घोषित करते हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि उनकी पार्टी की मूल विचारधारा डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के सिद्धांतों पर आधारित है। उनका मानना है कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवाज उठाई है, जो उनकी पार्टी की विचारधारा से पूरी तरह मेल खाती है।
कई अंबेडकरवादी और बहुजन संगठनों का समर्थन
इस गठबंधन को नेशनल बहुजन अलायंस के साथ-साथ कई प्रभावशाली अंबेडकरवादी और बहुजन संगठनों का समर्थन प्राप्त है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया
- समता सैनिक दल
- डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर एडवोकेट एसोसिएशन ऑफ इंडिया
- रिपब्लिकन स्टूडेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया
- यूथ रिपब्लिकन
- बहुजन मीडिया एसोसिएशन ऑफ इंडिया
- डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की विचारधारा से प्रेरित अन्य अनेक सामाजिक एवं बहुजन संगठन
अंबेडकर स्मारक संरक्षण को लेकर संयुक्त आंदोलन की तैयारी
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने 8 जून 2026 को लखनऊ में आरपीआई द्वारा आयोजित उस बड़े विरोध प्रदर्शन की भी समीक्षा की, जो योगी सरकार पर डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर स्मारक स्थल में हस्तक्षेप के आरोपों को लेकर किया गया था।
दोनों दलों ने इस बात पर सहमति जताई कि बाबासाहेब अंबेडकर के स्मारकों की सुरक्षा, संविधान की रक्षा तथा सामाजिक न्याय, समानता और बंधुत्व के मूल्यों को मजबूत करने के लिए देशव्यापी संयुक्त जनआंदोलन चलाया जाएगा।
राष्ट्रीय स्तर पर अंबेडकरवादी आंदोलन को मिलेगी नई ताकत
इस अवसर पर भीमराव यशवंत अंबेडकर ने कहा कि अंबेडकरवादी और समाजवादी विचारधाराओं का यह एकजुट होना राष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक न्याय के आंदोलन को नई ऊर्जा देगा।
उन्होंने कहा,
"अंबेडकरवादी और समाजवादी शक्तियों का यह मिलन राष्ट्रीय स्तर पर अंबेडकरवादी आंदोलन को नई गति देगा। यह गठबंधन संविधान की रक्षा और बहुसंख्यकवादी राजनीति के खिलाफ लोकतांत्रिक संघर्ष को और मजबूत बनाएगा।"
अखिलेश यादव ने किया गठबंधन का स्वागत
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस गठबंधन का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी पार्टी सामाजिक न्याय, समावेशी विकास और संवैधानिक लोकतंत्र की रक्षा के साझा उद्देश्य के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि समान विचारधारा वाले दलों और संगठनों का यह गठबंधन उत्तर प्रदेश में सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
2027 के चुनाव में विपक्ष को मिल सकती है मजबूती
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह रणनीतिक गठबंधन वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में विपक्ष की स्थिति को मजबूत कर सकता है। अंबेडकरवादी, बहुजन और धर्मनिरपेक्ष मतदाताओं को एक मंच पर लाने की यह कोशिश राज्य की चुनावी राजनीति में नया समीकरण तैयार कर सकती है।
इस गठबंधन के माध्यम से एक स्पष्ट संदेश देने का प्रयास किया गया है कि संविधान, सामाजिक न्याय, समानता और बंधुत्व के मूल्यों में विश्वास रखने वाली ताकतें अब एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरेंगी।
दोनों दलों का कहना है कि यह गठबंधन केवल चुनावी समझौता नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए साझा वैचारिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। आने वाले समय में दोनों पक्ष संयुक्त कार्यक्रमों, जनसभाओं और सामाजिक अभियानों के माध्यम से इस साझेदारी को और मजबूत करेंगे।
