राम मंदिर चढ़ावा मामले पर मुकेश खन्ना का गुस्सा, बोले- भगवान को भी लूट रहे हैं

बालीवुड डेस्क

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अभिनेता ने चढ़ावा घोटाले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए नकद और गहनों का चढ़ावा बंद करने की अपील की, मामले में अब तक आठ आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं

राम मंदिर में सामने आए कथित चढ़ावा अनियमितता मामले को लेकर वरिष्ठ अभिनेता मुकेश खन्ना ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक लंबा संदेश साझा करते हुए मंदिरों में चढ़ावे की व्यवस्था पर सवाल उठाए और कहा कि जो लोग भगवान के नाम पर चढ़ाए गए धन में गड़बड़ी करते हैं, वे साधारण चोर या बेईमान नहीं, बल्कि उनसे भी बड़े अपराधी हैं। अभिनेता ने श्रद्धालुओं से अपील की कि जब तक व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी नहीं हो जाती, तब तक मंदिरों में नकद राशि और गहनों का चढ़ावा देने से बचना चाहिए। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है और लोग अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। मुकेश खन्ना ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा कि मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई जाने वाली नकद राशि हमेशा भगवान तक नहीं पहुंचती और बीच में ही उसका दुरुपयोग हो जाता है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि समाज में पहले भी चोर, डाकू और बेईमान लोगों की चर्चा होती रही है, लेकिन मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी करने वाले लोग उनसे भी आगे हैं क्योंकि वे केवल भक्तों का ही नहीं बल्कि भगवान के नाम पर दिए गए विश्वास का भी नुकसान कर रहे हैं। उन्होंने लिखा कि यदि चढ़ावा ही नहीं चढ़ेगा तो ऐसे घोटालों की संभावना भी खत्म हो जाएगी। अभिनेता ने विशेष रूप से लोगों से अपील की कि मंदिरों में नकद धनराशि और कीमती गहने चढ़ाने के बजाय अन्य माध्यमों से धार्मिक कार्यों में सहयोग करें। उनका कहना था कि भगवान आस्था से प्रसन्न होते हैं, धन से नहीं। उन्होंने अपने संदेश में एक कहावत का उल्लेख करते हुए लिखा कि यदि चढ़ावा ही नहीं होगा तो घोटाले की गुंजाइश भी समाप्त हो जाएगी। यह बयान सामने आने के बाद उनके समर्थकों और अन्य सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के बीच इस विषय पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई।

यह पूरा मामला 7 जून को सामने आया था, जब राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जानकारी सामने आई। इसके बाद राज्य सरकार के निर्देश पर मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। शुरुआती जांच में दान, चढ़ावे और प्रबंधन से जुड़े कुछ मामलों में अनियमितताओं के संकेत मिलने की बात सामने आई। इसके आधार पर आगे की जांच शुरू की गई और संबंधित दस्तावेजों व रिकॉर्ड की भी जांच की गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आठ नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है। जांच एजेंसियां वित्तीय लेनदेन, रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की भी जांच कर रही हैं ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके। इसी घटनाक्रम के बीच मंदिर प्रबंधन से जुड़े कुछ बड़े प्रशासनिक बदलाव भी देखने को मिले। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। मंदिर निर्माण से जुड़े प्रभारी गोपाल राव को भी मंदिर की व्यवस्थाओं से अलग कर दिया गया है। हालांकि इन बदलावों के पीछे आधिकारिक तौर पर क्या कारण रहे, इस पर संबंधित पक्षों की ओर से विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।मामले के सामने आने के बाद देशभर में मंदिरों के दान प्रबंधन और पारदर्शिता को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। कई सामाजिक संगठनों और धार्मिक मामलों के जानकारों का मानना है कि श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक होना चाहिए, ताकि लोगों का विश्वास बना रहे। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि किसी एक मामले के आधार पर सभी धार्मिक संस्थाओं पर सवाल उठाना उचित नहीं होगा और जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए।चूंकि मामला जांच के दायरे में है, इसलिए अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। पुलिस और जांच एजेंसियां अपने स्तर पर साक्ष्य जुटाने में लगी हैं। यदि जांच में और तथ्य सामने आते हैं तो आरोपियों की संख्या या धाराओं में बदलाव भी संभव है। वहीं जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उन्हें कानून के तहत अपना पक्ष रखने का पूरा अधिकार है। मुकेश खन्ना के बयान ने इस पूरे मामले को एक नई चर्चा दे दी है। एक ओर लोग उनके बयान को आस्था और पारदर्शिता से जोड़कर देख रहे हैं, तो दूसरी ओर कुछ लोग इसे व्यक्तिगत राय मान रहे हैं। 

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27 Jun 2026 By Vaishnavi.J

राम मंदिर चढ़ावा मामले पर मुकेश खन्ना का गुस्सा, बोले- भगवान को भी लूट रहे हैं

बालीवुड डेस्क

राम मंदिर में सामने आए कथित चढ़ावा अनियमितता मामले को लेकर वरिष्ठ अभिनेता मुकेश खन्ना ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक लंबा संदेश साझा करते हुए मंदिरों में चढ़ावे की व्यवस्था पर सवाल उठाए और कहा कि जो लोग भगवान के नाम पर चढ़ाए गए धन में गड़बड़ी करते हैं, वे साधारण चोर या बेईमान नहीं, बल्कि उनसे भी बड़े अपराधी हैं। अभिनेता ने श्रद्धालुओं से अपील की कि जब तक व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी नहीं हो जाती, तब तक मंदिरों में नकद राशि और गहनों का चढ़ावा देने से बचना चाहिए। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है और लोग अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। मुकेश खन्ना ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा कि मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई जाने वाली नकद राशि हमेशा भगवान तक नहीं पहुंचती और बीच में ही उसका दुरुपयोग हो जाता है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि समाज में पहले भी चोर, डाकू और बेईमान लोगों की चर्चा होती रही है, लेकिन मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी करने वाले लोग उनसे भी आगे हैं क्योंकि वे केवल भक्तों का ही नहीं बल्कि भगवान के नाम पर दिए गए विश्वास का भी नुकसान कर रहे हैं। उन्होंने लिखा कि यदि चढ़ावा ही नहीं चढ़ेगा तो ऐसे घोटालों की संभावना भी खत्म हो जाएगी। अभिनेता ने विशेष रूप से लोगों से अपील की कि मंदिरों में नकद धनराशि और कीमती गहने चढ़ाने के बजाय अन्य माध्यमों से धार्मिक कार्यों में सहयोग करें। उनका कहना था कि भगवान आस्था से प्रसन्न होते हैं, धन से नहीं। उन्होंने अपने संदेश में एक कहावत का उल्लेख करते हुए लिखा कि यदि चढ़ावा ही नहीं होगा तो घोटाले की गुंजाइश भी समाप्त हो जाएगी। यह बयान सामने आने के बाद उनके समर्थकों और अन्य सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के बीच इस विषय पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई।

यह पूरा मामला 7 जून को सामने आया था, जब राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जानकारी सामने आई। इसके बाद राज्य सरकार के निर्देश पर मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। शुरुआती जांच में दान, चढ़ावे और प्रबंधन से जुड़े कुछ मामलों में अनियमितताओं के संकेत मिलने की बात सामने आई। इसके आधार पर आगे की जांच शुरू की गई और संबंधित दस्तावेजों व रिकॉर्ड की भी जांच की गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आठ नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है। जांच एजेंसियां वित्तीय लेनदेन, रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की भी जांच कर रही हैं ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके। इसी घटनाक्रम के बीच मंदिर प्रबंधन से जुड़े कुछ बड़े प्रशासनिक बदलाव भी देखने को मिले। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। मंदिर निर्माण से जुड़े प्रभारी गोपाल राव को भी मंदिर की व्यवस्थाओं से अलग कर दिया गया है। हालांकि इन बदलावों के पीछे आधिकारिक तौर पर क्या कारण रहे, इस पर संबंधित पक्षों की ओर से विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।मामले के सामने आने के बाद देशभर में मंदिरों के दान प्रबंधन और पारदर्शिता को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। कई सामाजिक संगठनों और धार्मिक मामलों के जानकारों का मानना है कि श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक होना चाहिए, ताकि लोगों का विश्वास बना रहे। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि किसी एक मामले के आधार पर सभी धार्मिक संस्थाओं पर सवाल उठाना उचित नहीं होगा और जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए।चूंकि मामला जांच के दायरे में है, इसलिए अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। पुलिस और जांच एजेंसियां अपने स्तर पर साक्ष्य जुटाने में लगी हैं। यदि जांच में और तथ्य सामने आते हैं तो आरोपियों की संख्या या धाराओं में बदलाव भी संभव है। वहीं जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उन्हें कानून के तहत अपना पक्ष रखने का पूरा अधिकार है। मुकेश खन्ना के बयान ने इस पूरे मामले को एक नई चर्चा दे दी है। एक ओर लोग उनके बयान को आस्था और पारदर्शिता से जोड़कर देख रहे हैं, तो दूसरी ओर कुछ लोग इसे व्यक्तिगत राय मान रहे हैं। 

https://www.dainikjagranmpcg.com/bollywood/mukesh-khannas-anger-on-ram-temple-offering-issue-says/article-57142

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