रायपुर में टैक्स नहीं चुकाने वालों पर निगम सख्त, 4 परिसर सील; एक दिन में 1.33 करोड़ की वसूली

रायपुर,(छ.ग.)

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634 संपत्तियों से संपत्तिकर वसूला गया, 30 जून तक एकमुश्त टैक्स जमा करने पर 6.25 प्रतिशत की छूट; बकायादारों पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी

रायपुर नगर निगम ने बकाया संपत्तिकर वसूली अभियान को और तेज करते हुए एक ही दिन में बड़ी कार्रवाई की है। निगम ने 634 संपत्तियों से कुल 1 करोड़ 33 लाख 20 हजार 157 रुपये का संपत्तिकर वसूल किया। वहीं लंबे समय से टैक्स जमा नहीं करने वाले संपत्तिधारकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए चार आवासीय-सह-व्यावसायिक परिसरों को सील कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान एक संपत्ति मालिक ने मौके पर ही बकाया राशि का भुगतान कर दिया, जिसके बाद निगम अधिकारियों ने आगे की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की। नगर निगम ने साफ संकेत दिए हैं कि जो लोग समय पर टैक्स जमा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ आने वाले दिनों में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। नगर निगम का यह अभियान शहर में राजस्व संग्रह बढ़ाने और बकाया कर की वसूली सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए संपत्तिकर जमा कराने को लेकर लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। निगम का कहना है कि समय पर कर संग्रह होने से शहर में सड़क, नाली, सफाई, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास कार्यों को गति मिलती है।

विशेष अभियान में सभी जोनों की राजस्व टीमों ने अपने-अपने क्षेत्रों में बकायादारों से संपर्क किया। इस दौरान कई लोगों ने स्वेच्छा से बकाया कर जमा किया, जबकि कुछ स्थानों पर निगम की सख्ती भी देखने को मिली। आंकड़ों के अनुसार कुल 634 संपत्तियों से 1.33 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वसूली गई। जोनवार प्रदर्शन में जोन-10 सबसे आगे रहा, जहां 103 संपत्तियों से 22.11 लाख रुपये का कर संग्रह किया गया। इसके अलावा जोन-7 से 16.12 लाख रुपये, जोन-8 से 13.51 लाख रुपये और जोन-2 से 13.36 लाख रुपये की वसूली दर्ज की गई। सबसे सख्त कार्रवाई जोन-6 में देखने को मिली। यहां वार्ड-61 के चार ऐसे आवासीय-सह-व्यावसायिक परिसरों को सील कर दिया गया, जिनके मालिक लंबे समय से संपत्तिकर का भुगतान नहीं कर रहे थे। निगम अधिकारियों ने बताया कि कई बार नोटिस देने और समय देने के बावजूद कर जमा नहीं किया गया था। इसके बाद नियमानुसार सीलबंदी की कार्रवाई की गई।

सीलबंदी के दौरान एक दिलचस्प स्थिति भी सामने आई। जैसे ही निगम की टीम ने कार्रवाई शुरू की, एक संपत्तिधारक ने तुरंत बकाया राशि का आंशिक भुगतान कर दिया। मौके पर ही 33,175 रुपये जमा किए गए। अधिकारियों का कहना है कि कई बार सख्त कार्रवाई के बाद ही लोग बकाया कर जमा करने के लिए आगे आते हैं। हालांकि जिन लोगों ने अब तक कर जमा नहीं किया है, उनके खिलाफ आगे भी सीलबंदी, कुर्की और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम ने शहर के नागरिकों से अपील की है कि वे 30 जून से पहले अपना संपत्तिकर जमा कर विशेष छूट का लाभ उठाएं। निगम के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 का संपत्तिकर एकमुश्त जमा करने वाले करदाताओं को 6.25 प्रतिशत की विशेष छूट दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह सुविधा नागरिकों को समय पर कर भुगतान के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दी गई है। निगम ने कर भुगतान की प्रक्रिया को भी पहले की तुलना में आसान बनाया है। अब नागरिक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से अपना संपत्तिकर जमा कर सकते हैं। ऑनलाइन भुगतान की सुविधा मिलने से लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं, जबकि ऑफलाइन भुगतान के लिए भी सभी जोन कार्यालयों में आवश्यक व्यवस्था की गई है।

नगर निगम का मानना है कि समय पर टैक्स जमा होने से शहर के विकास कार्यों के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे। निगम अधिकारियों के अनुसार, संपत्तिकर शहर के विकास का प्रमुख राजस्व स्रोत है। इसी राशि से सड़क निर्माण, स्ट्रीट लाइट, पेयजल व्यवस्था, सफाई, सीवरेज और अन्य जनसुविधाओं से जुड़े कार्य किए जाते हैं। इसलिए सभी नागरिकों का समय पर कर भुगतान करना शहर के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। गौरतलब है कि यह पहला बड़ा अभियान नहीं है। इससे पहले 19 जून को भी नगर निगम ने 525 संपत्तियों से 1 करोड़ 3 लाख 12 हजार 440 रुपये की वसूली की थी। लगातार दूसरे सफल अभियान के बाद निगम प्रशासन का उत्साह बढ़ा है और अब अंतिम तिथि से पहले अधिक से अधिक करदाताओं से बकाया राशि वसूलने का लक्ष्य रखा गया है। प्रशासन का कहना है कि आगामी दिनों में उन संपत्तियों की सूची तैयार की जा रही है, जिन पर लंबे समय से कर बकाया है। ऐसे मामलों में पहले नोटिस जारी किए जाएंगे और उसके बाद भी भुगतान नहीं होने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की कार्रवाई से बचने का सबसे आसान तरीका समय पर कर जमा करना है। 

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27 Jun 2026 By Vaishnavi.J

रायपुर में टैक्स नहीं चुकाने वालों पर निगम सख्त, 4 परिसर सील; एक दिन में 1.33 करोड़ की वसूली

रायपुर,(छ.ग.)

रायपुर नगर निगम ने बकाया संपत्तिकर वसूली अभियान को और तेज करते हुए एक ही दिन में बड़ी कार्रवाई की है। निगम ने 634 संपत्तियों से कुल 1 करोड़ 33 लाख 20 हजार 157 रुपये का संपत्तिकर वसूल किया। वहीं लंबे समय से टैक्स जमा नहीं करने वाले संपत्तिधारकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए चार आवासीय-सह-व्यावसायिक परिसरों को सील कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान एक संपत्ति मालिक ने मौके पर ही बकाया राशि का भुगतान कर दिया, जिसके बाद निगम अधिकारियों ने आगे की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की। नगर निगम ने साफ संकेत दिए हैं कि जो लोग समय पर टैक्स जमा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ आने वाले दिनों में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। नगर निगम का यह अभियान शहर में राजस्व संग्रह बढ़ाने और बकाया कर की वसूली सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए संपत्तिकर जमा कराने को लेकर लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। निगम का कहना है कि समय पर कर संग्रह होने से शहर में सड़क, नाली, सफाई, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास कार्यों को गति मिलती है।

विशेष अभियान में सभी जोनों की राजस्व टीमों ने अपने-अपने क्षेत्रों में बकायादारों से संपर्क किया। इस दौरान कई लोगों ने स्वेच्छा से बकाया कर जमा किया, जबकि कुछ स्थानों पर निगम की सख्ती भी देखने को मिली। आंकड़ों के अनुसार कुल 634 संपत्तियों से 1.33 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वसूली गई। जोनवार प्रदर्शन में जोन-10 सबसे आगे रहा, जहां 103 संपत्तियों से 22.11 लाख रुपये का कर संग्रह किया गया। इसके अलावा जोन-7 से 16.12 लाख रुपये, जोन-8 से 13.51 लाख रुपये और जोन-2 से 13.36 लाख रुपये की वसूली दर्ज की गई। सबसे सख्त कार्रवाई जोन-6 में देखने को मिली। यहां वार्ड-61 के चार ऐसे आवासीय-सह-व्यावसायिक परिसरों को सील कर दिया गया, जिनके मालिक लंबे समय से संपत्तिकर का भुगतान नहीं कर रहे थे। निगम अधिकारियों ने बताया कि कई बार नोटिस देने और समय देने के बावजूद कर जमा नहीं किया गया था। इसके बाद नियमानुसार सीलबंदी की कार्रवाई की गई।

सीलबंदी के दौरान एक दिलचस्प स्थिति भी सामने आई। जैसे ही निगम की टीम ने कार्रवाई शुरू की, एक संपत्तिधारक ने तुरंत बकाया राशि का आंशिक भुगतान कर दिया। मौके पर ही 33,175 रुपये जमा किए गए। अधिकारियों का कहना है कि कई बार सख्त कार्रवाई के बाद ही लोग बकाया कर जमा करने के लिए आगे आते हैं। हालांकि जिन लोगों ने अब तक कर जमा नहीं किया है, उनके खिलाफ आगे भी सीलबंदी, कुर्की और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम ने शहर के नागरिकों से अपील की है कि वे 30 जून से पहले अपना संपत्तिकर जमा कर विशेष छूट का लाभ उठाएं। निगम के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 का संपत्तिकर एकमुश्त जमा करने वाले करदाताओं को 6.25 प्रतिशत की विशेष छूट दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह सुविधा नागरिकों को समय पर कर भुगतान के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दी गई है। निगम ने कर भुगतान की प्रक्रिया को भी पहले की तुलना में आसान बनाया है। अब नागरिक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से अपना संपत्तिकर जमा कर सकते हैं। ऑनलाइन भुगतान की सुविधा मिलने से लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं, जबकि ऑफलाइन भुगतान के लिए भी सभी जोन कार्यालयों में आवश्यक व्यवस्था की गई है।

नगर निगम का मानना है कि समय पर टैक्स जमा होने से शहर के विकास कार्यों के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे। निगम अधिकारियों के अनुसार, संपत्तिकर शहर के विकास का प्रमुख राजस्व स्रोत है। इसी राशि से सड़क निर्माण, स्ट्रीट लाइट, पेयजल व्यवस्था, सफाई, सीवरेज और अन्य जनसुविधाओं से जुड़े कार्य किए जाते हैं। इसलिए सभी नागरिकों का समय पर कर भुगतान करना शहर के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। गौरतलब है कि यह पहला बड़ा अभियान नहीं है। इससे पहले 19 जून को भी नगर निगम ने 525 संपत्तियों से 1 करोड़ 3 लाख 12 हजार 440 रुपये की वसूली की थी। लगातार दूसरे सफल अभियान के बाद निगम प्रशासन का उत्साह बढ़ा है और अब अंतिम तिथि से पहले अधिक से अधिक करदाताओं से बकाया राशि वसूलने का लक्ष्य रखा गया है। प्रशासन का कहना है कि आगामी दिनों में उन संपत्तियों की सूची तैयार की जा रही है, जिन पर लंबे समय से कर बकाया है। ऐसे मामलों में पहले नोटिस जारी किए जाएंगे और उसके बाद भी भुगतान नहीं होने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की कार्रवाई से बचने का सबसे आसान तरीका समय पर कर जमा करना है। 

https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/corporation-strict-on-non-payment-of-tax-in-raipur-4-premises/article-57166

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