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आयरलैंड ने पहली बार भारत को हराया, श्रेयस अय्यर कप्तानी डेब्यू में हारे
स्पोर्ट्स डेस्क
बेलफास्ट टी-20 में आयरलैंड की ऐतिहासिक जीत, श्रेयस ने कप्तानी में रोहित शर्मा का रिकॉर्ड भी तोड़ा
आयरलैंड ने बेलफास्ट में खेले गए पहले टी-20 मुकाबले में भारत को 34 रन से हराकर इतिहास रच दिया। यह इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत के खिलाफ आयरलैंड की पहली जीत है। इससे पहले दोनों टीमों के बीच खेले गए 12 मुकाबलों में भारतीय टीम का दबदबा रहा था, लेकिन इस बार आयरिश खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। मुकाबले के साथ ही भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी एक बड़ा रिकॉर्ड बनाया। वह भारत के लिए सबसे ज्यादा टी-20 इंटरनेशनल मैच खेलने के बाद पहली बार कप्तानी करने वाले खिलाड़ी बन गए। हालांकि उनका कप्तानी डेब्यू जीत के साथ नहीं हो सका। भारत के लिए यह हार कई मायनों में अहम रही। पिछले दो वर्षों से टी-20 क्रिकेट में लगातार सीरीज जीत रही भारतीय टीम अब इस सीरीज को जीतने में सफल नहीं हो पाएगी। दो मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला हारने के बाद भारत यदि दूसरा मैच जीत भी लेता है तो सीरीज 1-1 से बराबरी पर खत्म होगी। ऐसे में लगातार 12 टी-20 सीरीज जीतने का भारतीय टीम का शानदार सिलसिला भी थम गया है। मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए आयरलैंड के बल्लेबाजों ने आत्मविश्वास के साथ रन बनाए। कप्तान लॉर्कन टकर ने एक और बेहतरीन अर्धशतकीय पारी खेली और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। टकर लगातार तीसरी बार बतौर टी-20 कप्तान अर्धशतक लगाने वाले दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बन गए। उनके अलावा गैरेथ डेलानी ने भी उपयोगी 49 रन बनाकर भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा।
भारतीय गेंदबाजी इस मुकाबले में उम्मीद के मुताबिक प्रभाव नहीं छोड़ सकी। प्रसिद्ध कृष्णा सबसे महंगे गेंदबाज साबित हुए। उन्होंने अपने चार ओवर में 57 रन खर्च किए। इसके साथ ही वह लगातार दो टी-20 इंटरनेशनल मैचों को मिलाकर सबसे ज्यादा रन देने वाले भारतीय गेंदबाज बन गए। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने पिछले टी-20 मैच में भी उन्होंने 68 रन लुटाए थे। दूसरी ओर शिवम दुबे ने अपने जन्मदिन पर विकेट लेकर एक खास उपलब्धि हासिल की। वह जन्मदिन के दिन टी-20 इंटरनेशनल में विकेट लेने वाले चौथे भारतीय खिलाड़ी बन गए। भारत की बल्लेबाजी की शुरुआत भी निराशाजनक रही। आयरलैंड के तेज गेंदबाज जय मूंदड़ा ने अपने इंटरनेशनल डेब्यू की पहली ही गेंद पर संजू सैमसन को बोल्ड कर भारतीय टीम को बड़ा झटका दिया। इसके बाद डेब्यू कर रहे मैथ्यू हॉलार्ड ने अपनी दूसरी इंटरनेशनल गेंद पर ईशान किशन को आउट कर दिया। शुरुआती झटकों से भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह दबाव में आ गई और टीम मुकाबले में वापसी नहीं कर सकी।
मैथ्यू हॉलार्ड ने अपने पहले ही मुकाबले में तीन विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार जीता। वह टी-20 इंटरनेशनल डेब्यू पर प्लेयर ऑफ द मैच बनने वाले आयरलैंड के तीसरे खिलाड़ी बन गए। भारत के खिलाफ उनके 3 विकेट पर 28 रन के आंकड़े किसी भी आयरिश गेंदबाज के दूसरे सर्वश्रेष्ठ टी-20 प्रदर्शन के रूप में दर्ज हुए। बेलफास्ट में यह किसी आयरिश गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ टी-20 प्रदर्शन भी रहा। श्रेयस अय्यर के लिए यह मुकाबला व्यक्तिगत रूप से भी खास रहा। उन्होंने 113 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेलने के बाद पहली बार भारतीय टीम की कप्तानी संभाली। इस मामले में उन्होंने रोहित शर्मा का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने 80 मैच खेलने के बाद पहली बार टी-20 में भारत की कप्तानी की थी। श्रेयस 31 साल 202 दिन की उम्र में कप्तानी करने वाले भारत के तीसरे सबसे उम्रदराज डेब्यू कप्तान भी बने। हालांकि यह रिकॉर्ड जीत में नहीं बदल सका। भारतीय टीम की फील्डिंग भी इस मुकाबले में सवालों के घेरे में रही। अभिषेक शर्मा ने गैरेथ डेलानी का आसान कैच छोड़ दिया, जब वह सिर्फ आठ रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे। इसके बाद डेलानी ने 49 रन बनाकर भारतीय टीम को भारी नुकसान पहुंचाया। यह कैच मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ क्योंकि आयरलैंड ने उसी साझेदारी के दम पर मजबूत स्कोर खड़ा किया। भारत के लिए यह हार कई रिकॉर्ड भी लेकर आई। श्रेयस अय्यर कप्तानी डेब्यू पर टी-20 हारने वाले चौथे भारतीय कप्तान बन गए। इससे पहले विराट कोहली, ऋषभ पंत और शुभमन गिल भी अपने पहले टी-20 मुकाबले में कप्तान के तौर पर हार का सामना कर चुके हैं। दूसरी ओर आयरलैंड इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत को हराने वाली 11वीं टीम बन गई है। इसके अलावा आयरलैंड अब टेस्ट खेलने वाले आठ देशों के खिलाफ जीत दर्ज कर चुका है। उसे अब केवल ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और श्रीलंका के खिलाफ पहली इंटरनेशनल जीत का इंतजार है। अब दोनों टीमों के बीच दूसरा और अंतिम टी-20 मुकाबला बेहद अहम होगा। भारतीय टीम सीरीज बराबर करने के इरादे से मैदान में उतरेगी, जबकि आयरलैंड की नजर पहली बार भारत के खिलाफ टी-20 सीरीज जीतने पर होगी। पहले मैच में मिली ऐतिहासिक जीत से आयरिश टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है, जबकि भारतीय टीम को अपनी बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में सुधार करना होगा।
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आयरलैंड ने पहली बार भारत को हराया, श्रेयस अय्यर कप्तानी डेब्यू में हारे
स्पोर्ट्स डेस्क
आयरलैंड ने बेलफास्ट में खेले गए पहले टी-20 मुकाबले में भारत को 34 रन से हराकर इतिहास रच दिया। यह इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत के खिलाफ आयरलैंड की पहली जीत है। इससे पहले दोनों टीमों के बीच खेले गए 12 मुकाबलों में भारतीय टीम का दबदबा रहा था, लेकिन इस बार आयरिश खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। मुकाबले के साथ ही भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी एक बड़ा रिकॉर्ड बनाया। वह भारत के लिए सबसे ज्यादा टी-20 इंटरनेशनल मैच खेलने के बाद पहली बार कप्तानी करने वाले खिलाड़ी बन गए। हालांकि उनका कप्तानी डेब्यू जीत के साथ नहीं हो सका। भारत के लिए यह हार कई मायनों में अहम रही। पिछले दो वर्षों से टी-20 क्रिकेट में लगातार सीरीज जीत रही भारतीय टीम अब इस सीरीज को जीतने में सफल नहीं हो पाएगी। दो मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला हारने के बाद भारत यदि दूसरा मैच जीत भी लेता है तो सीरीज 1-1 से बराबरी पर खत्म होगी। ऐसे में लगातार 12 टी-20 सीरीज जीतने का भारतीय टीम का शानदार सिलसिला भी थम गया है। मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए आयरलैंड के बल्लेबाजों ने आत्मविश्वास के साथ रन बनाए। कप्तान लॉर्कन टकर ने एक और बेहतरीन अर्धशतकीय पारी खेली और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। टकर लगातार तीसरी बार बतौर टी-20 कप्तान अर्धशतक लगाने वाले दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बन गए। उनके अलावा गैरेथ डेलानी ने भी उपयोगी 49 रन बनाकर भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा।
भारतीय गेंदबाजी इस मुकाबले में उम्मीद के मुताबिक प्रभाव नहीं छोड़ सकी। प्रसिद्ध कृष्णा सबसे महंगे गेंदबाज साबित हुए। उन्होंने अपने चार ओवर में 57 रन खर्च किए। इसके साथ ही वह लगातार दो टी-20 इंटरनेशनल मैचों को मिलाकर सबसे ज्यादा रन देने वाले भारतीय गेंदबाज बन गए। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने पिछले टी-20 मैच में भी उन्होंने 68 रन लुटाए थे। दूसरी ओर शिवम दुबे ने अपने जन्मदिन पर विकेट लेकर एक खास उपलब्धि हासिल की। वह जन्मदिन के दिन टी-20 इंटरनेशनल में विकेट लेने वाले चौथे भारतीय खिलाड़ी बन गए। भारत की बल्लेबाजी की शुरुआत भी निराशाजनक रही। आयरलैंड के तेज गेंदबाज जय मूंदड़ा ने अपने इंटरनेशनल डेब्यू की पहली ही गेंद पर संजू सैमसन को बोल्ड कर भारतीय टीम को बड़ा झटका दिया। इसके बाद डेब्यू कर रहे मैथ्यू हॉलार्ड ने अपनी दूसरी इंटरनेशनल गेंद पर ईशान किशन को आउट कर दिया। शुरुआती झटकों से भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह दबाव में आ गई और टीम मुकाबले में वापसी नहीं कर सकी।
मैथ्यू हॉलार्ड ने अपने पहले ही मुकाबले में तीन विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार जीता। वह टी-20 इंटरनेशनल डेब्यू पर प्लेयर ऑफ द मैच बनने वाले आयरलैंड के तीसरे खिलाड़ी बन गए। भारत के खिलाफ उनके 3 विकेट पर 28 रन के आंकड़े किसी भी आयरिश गेंदबाज के दूसरे सर्वश्रेष्ठ टी-20 प्रदर्शन के रूप में दर्ज हुए। बेलफास्ट में यह किसी आयरिश गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ टी-20 प्रदर्शन भी रहा। श्रेयस अय्यर के लिए यह मुकाबला व्यक्तिगत रूप से भी खास रहा। उन्होंने 113 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेलने के बाद पहली बार भारतीय टीम की कप्तानी संभाली। इस मामले में उन्होंने रोहित शर्मा का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने 80 मैच खेलने के बाद पहली बार टी-20 में भारत की कप्तानी की थी। श्रेयस 31 साल 202 दिन की उम्र में कप्तानी करने वाले भारत के तीसरे सबसे उम्रदराज डेब्यू कप्तान भी बने। हालांकि यह रिकॉर्ड जीत में नहीं बदल सका। भारतीय टीम की फील्डिंग भी इस मुकाबले में सवालों के घेरे में रही। अभिषेक शर्मा ने गैरेथ डेलानी का आसान कैच छोड़ दिया, जब वह सिर्फ आठ रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे। इसके बाद डेलानी ने 49 रन बनाकर भारतीय टीम को भारी नुकसान पहुंचाया। यह कैच मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ क्योंकि आयरलैंड ने उसी साझेदारी के दम पर मजबूत स्कोर खड़ा किया। भारत के लिए यह हार कई रिकॉर्ड भी लेकर आई। श्रेयस अय्यर कप्तानी डेब्यू पर टी-20 हारने वाले चौथे भारतीय कप्तान बन गए। इससे पहले विराट कोहली, ऋषभ पंत और शुभमन गिल भी अपने पहले टी-20 मुकाबले में कप्तान के तौर पर हार का सामना कर चुके हैं। दूसरी ओर आयरलैंड इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत को हराने वाली 11वीं टीम बन गई है। इसके अलावा आयरलैंड अब टेस्ट खेलने वाले आठ देशों के खिलाफ जीत दर्ज कर चुका है। उसे अब केवल ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और श्रीलंका के खिलाफ पहली इंटरनेशनल जीत का इंतजार है। अब दोनों टीमों के बीच दूसरा और अंतिम टी-20 मुकाबला बेहद अहम होगा। भारतीय टीम सीरीज बराबर करने के इरादे से मैदान में उतरेगी, जबकि आयरलैंड की नजर पहली बार भारत के खिलाफ टी-20 सीरीज जीतने पर होगी। पहले मैच में मिली ऐतिहासिक जीत से आयरिश टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है, जबकि भारतीय टीम को अपनी बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में सुधार करना होगा।
