रिटायरमेंट के बाद नियमित आय की तलाश कर रहे वरिष्ठ नागरिकों के लिए India Post की सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम (SCSS) एक प्रमुख विकल्प के रूप में उभर रही है। मौजूदा समय में इस योजना पर 8.2% वार्षिक ब्याज मिल रहा है, जो तिमाही आधार पर खाताधारकों के खाते में जमा होता है। अधिकतम निवेश सीमा ₹30 लाख तय है, जिस पर निवेशक को सालाना ₹2,46,000 तक ब्याज प्राप्त हो सकता है—यानी औसतन हर महीने ₹20,500 की आय।
यह योजना विशेष रूप से 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिकों के लिए बनाई गई है। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले 55 से 60 वर्ष आयु वर्ग के लोग तथा रक्षा सेवाओं से सेवानिवृत्त 50 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति भी निर्धारित शर्तों के साथ इसमें निवेश कर सकते हैं। खाता न्यूनतम ₹1,000 से खोला जा सकता है और ब्याज 1 अप्रैल, 1 जुलाई, 1 अक्टूबर और 1 जनवरी को तिमाही किस्तों में दिया जाता है।
सरकारी समर्थन और निश्चित रिटर्न के कारण यह योजना जोखिम से बचने वाले निवेशकों के बीच लोकप्रिय हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में उतार-चढ़ाव के दौर में स्थिर आय वाली योजनाएं रिटायरमेंट सुरक्षा को मजबूत करती हैं। SCSS की 5 वर्ष की परिपक्वता अवधि है, जिसे तीन-तीन वर्ष के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है। समय से पहले खाता बंद करने पर निर्धारित शर्तों के तहत जुर्माना लागू होता है।
योजना का एक प्रमुख आकर्षण आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत मिलने वाला कर लाभ भी है। निवेशक अधिकतम ₹1.5 लाख तक की कर कटौती का दावा कर सकते हैं। हालांकि, तिमाही ब्याज को निकालना या न निकालना निवेशक के विवेक पर निर्भर करता है। यदि ब्याज राशि खाते में ही बनी रहती है तो उस पर अतिरिक्त ब्याज नहीं मिलता।
वित्तीय योजनाकारों का कहना है कि नियमित नकदी प्रवाह, पूंजी की सुरक्षा और सरकारी विश्वसनीयता SCSS को वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपयोगी बनाती है। हालांकि वे निवेश से पहले व्यक्तिगत वित्तीय जरूरतों और कर देनदारी का मूल्यांकन करने की सलाह देते हैं।
