- Hindi News
- बिजनेस
- प्रीमियम स्वाद, कड़क सोच की बदौलत भारतीयों के बीच भरोसेमंद ब्रांड के रूप में उभरी 'रुंगटा टी'
प्रीमियम स्वाद, कड़क सोच की बदौलत भारतीयों के बीच भरोसेमंद ब्रांड के रूप में उभरी 'रुंगटा टी'
डिजिटल डेस्क
ग्रामीण बाजार की बढ़ती मांग और प्रीमियम सेगमेंट पर फोकस के साथ विस्तार की रणनीति
भारतीयों के लिए चाय सिर्फ एक पेय नहीं, बल्कि रूह को छू लेने वाला कड़क एहसास है। सुबह की तरोताजा शुरुआत करने से लेकर दिन की थकान मिटाने और शाम को गपशप का बहाना ढूंढने तक के लिए भारतीय चाय की चुस्की का सहारा लेते हैं। 'रुंगटा टी' चाय के प्रति भारतीयों की इसी दीवानगी और प्रीमियम क्वालिटी वाले प्रोडक्ट उपलब्ध कराने की अपनी कमिटमेंट की बदौलत एक भरोसेमंद ब्रांड के रूप में उभरी है।
'रुंगटा टी' के संस्थापक गिरजेश रुंगटा ने 'द स्टार्टअप कैफे' पॉडकास्ट में होस्ट श्रीवंत वारिज के साथ बातचीत में अपने ब्रांड में उपभोक्ताओं के बढ़ते भरोसे के पीछे की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि कैसे क्वालिटी से कभी समझौता न करने की कड़क सोच और बाजार में मौजूद संभावनाओं का फायदा उठाने के लिए अपने इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार करने के विजन ने उन्हें एक ऐसे सेक्टर में जगह बनाने में मदद की, जहां कॉम्पटीशन काफी तगड़ा है।
रुंगटा ब्रांड मार्केटिंग के क्षेत्र में लगभग 25 साल का अनुभव रखते हैं। उन्होंने साल 2001 में 'रुंगटा टी' की स्थापना की थी। वह ग्रामीण एफएमसीजी बाजार में उछाल को चाय उद्योग के लिए अवसर के तौर पर देखते हैं। रुंगटा के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों में एफएमसीजी उत्पादों के कारोबार में 8.4 फीसदी की बढ़ोतरी रिकॉर्ड की गई है, जो शहरी इलाकों में दर्ज 4.6 फीसदी की बढ़ोतरी के मुकाबले लगभग दोगुनी है। उन्होंने कहा कि हम इस वृद्धि को न सिर्फ एक अवसर, बल्कि चुनौती के तौर पर भी लेते हैं, क्योंकि ग्रामीण भारत अब केवल कीमत नहीं देखता, बल्कि क्वालिटी भी चाहता है और हमने तय किया है कि हम ब्रांड की क्वालिटी और स्वाद से कभी समझौता नहीं करेंगे।
रुंगटा ने कहा, “हम रोजाना चाय के 1,000 नमूनों की टेस्टिंग करते हैं, लेकिन प्रोडक्शन के लिए इनमें से महज दो फीसदी को ही चुनते हैं और बाकी 98 फीसदी को खारिज कर देते हैं।” उन्होंने कहा, “बारिश हो या गर्मी, यह रेशियो हमेशा बरकरार रहता है। हम तिमाही रिपोर्ट के आंकड़ों का इंतजार नहीं करते। ज्यादा लागत वाले दिनों में भी हमें फैसले लेने में हफ्तों नहीं, बल्कि केवल कुछ घंटे लगते हैं।”
रुंगटा के अनुसार, पिछले साल मानसूनी बारिश में कमी के कारण कच्चे माल की कीमतें 40 फीसदी तक बढ़ गईं, लेकिन 'रुंगटा टी' ने अपने प्रोडक्ट की क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया और प्रोडक्शन की लागत में आई वृद्धि खुद वहन करने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि प्राइवेट ओनरशिप ‘क्वालिटी फर्स्ट’ के कमिटमेंट को बनाए रखने में मदद करती है, क्योंकि इसमें कंपनी की कमान किसी एक व्यक्ति या छोटे समूह के हाथों में होती है, जिससे क्वालिटी से जुड़े फैसले चंद घंटों में लेना संभव हो पाता है।
रुंगटा ने कहा कि बड़े कॉरपोरेट ढांचे अक्सर इतनी तेजी से फैसले नहीं ले पाते, क्योंकि वहां हर छोटे-बड़े मामले में कई लेवल पर मीटिंग और डिस्कशन होते हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, बड़े कॉरपोरेट ढांचों में तिमाही रिपोर्ट पर केंद्रित ऑपरेशन्स के चलते प्रोडक्शन से जुड़े फैसले अक्सर ‘बेस्ट क्वालिटी’ के बजाय ‘एक्सेप्टेबल क्वालिटी’ उपलब्ध कराने के लक्ष्य से प्रेरित होते हैं।
रुंगटा के मुताबिक, भारत के चाय बाजार में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिसके मद्देनजर उन्होंने बड़ी उत्पादन क्षमता विकसित करने पर ध्यान क्रेंद्रित किया है। उन्होंने आईएमएआरसी ग्रुप की एक रिपोर्ट का जिक्र किया, जिसमें कहा गया है कि भारत का चाय बाजार 2024 में 11.5 अरब अमेरिकी डॉलर का था, जिसके 2033 तक बढ़कर 15 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंचने का अनुमान है।
रुंगटा ने कहा कि निजी स्वामित्व उन्हें भविष्य की संभावनाओं के लिए बड़ी उत्पादन क्षमता विकसित करने की भी आजादी देता है, ताकि जब बाजार में नये अवसर उभरें, तो वे इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधी सीमाओं के बिना तुरंत प्रोडक्शन तेज कर सकें। उन्होंने कहा कि बड़े कॉरपोरेट ढांचे अक्सर ऐसा जोखिम नहीं उठा पाते, क्योंकि उनके लिए विस्तार की इस रणनीति को इमिडिएट कैपेसिटी उटिलाइजेशन के फंडे में यकीन रखने वाले शेयर धारकों के सामने जायज ठहराना मुश्किल होता है।
रुंगटा ने कहा कि भारत का चाय बाजार बड़े बदलावों के दौर से गुजर रहा है, जहां ऑर्गेनिक चाय की मांग 10 से 12 फीसदी प्रति वर्ष की दर से बढ़ रही है, जबकि विशेष और प्रीमियम श्रेणियों की मांग में भी मजबूत वृद्धि देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि आज उपभोक्ता अपनी चाय में स्वाद, स्वास्थ्य और शानदार क्लाविलिटी तीनों के तलबगार हैं तथा एक भरोसेमंद ब्रांड के रूप में हम उनकी इन उम्मीदों पर खरा उतरना जारी रखेंगे।
--------------------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए


