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सोने की तेज़ी ने बदली तस्वीर, FCA घटने के बावजूद भारत का विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड ऊंचाई पर
बिजनेस न्यूज
RBI के ताज़ा आंकड़ों में खुलासा—गोल्ड वैल्यू में उछाल से एक ही सप्ताह में 14 अरब डॉलर से अधिक की बढ़ोतरी
वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में तेज़ उछाल का सीधा फायदा भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को मिला है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा जारी ताज़ा साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, 30 जनवरी 2026 को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 14.36 अरब डॉलर बढ़कर अब तक के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय दर्ज की गई है, जब देश के फॉरेन करेंसी एसेट्स (FCA) में गिरावट देखने को मिली।
RBI के मुताबिक, समीक्षा सप्ताह के अंत में भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 723.774 अरब डॉलर हो गया। इससे पहले 23 जनवरी 2026 को यह 709.413 अरब डॉलर के स्तर पर था, जिसे उस समय रिकॉर्ड माना गया था। महज एक सप्ताह में यह रिकॉर्ड टूट गया। इससे पहले वाले सप्ताह में भी भंडार में 8.05 अरब डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।
आंकड़ों से स्पष्ट है कि इस तेज़ उछाल का मुख्य कारण गोल्ड रिज़र्व के मूल्य में भारी बढ़ोतरी है। RBI के अनुसार, 30 जनवरी को समाप्त सप्ताह में सोने के भंडार के मूल्य में 14.59 अरब डॉलर की वृद्धि हुई। इससे पहले सप्ताह में भी गोल्ड रिज़र्व की वैल्यू 5.63 अरब डॉलर बढ़ी थी। अब भारत के सोने के भंडार का कुल मूल्य 137.68 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। मौजूदा समय में RBI के पास 880 टन से अधिक सोना है, जो कुल विदेशी मुद्रा भंडार का लगभग 15 प्रतिशत हिस्सा है।
इसके उलट, देश के फॉरेन करेंसी एसेट्स में इस दौरान 493 मिलियन डॉलर की कमी दर्ज की गई। एक सप्ताह पहले FCA में 2.36 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई थी। अब FCA घटकर 562.392 अरब डॉलर रह गया है। FCA में अमेरिकी डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और येन जैसी अन्य प्रमुख मुद्राएं भी शामिल होती हैं, जिनकी वैल्यू में अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव का असर पड़ता है।
अन्य घटकों की बात करें तो स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDR) में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है। समीक्षा सप्ताह में SDR 216 मिलियन डॉलर बढ़कर 18.953 अरब डॉलर हो गया। वहीं अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास रखे गए भारत के रिज़र्व में भी 44 मिलियन डॉलर की वृद्धि हुई, जिससे यह 4.746 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतों में जारी मजबूती ने भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को एक तरह से सुरक्षा कवच दिया है। वैश्विक अनिश्चितताओं और मुद्रा बाजार की अस्थिरता के बीच गोल्ड की बढ़ती वैल्यू ने FCA में आई कमजोरी की भरपाई कर दी। आने वाले हफ्तों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की दिशा और कच्चे तेल व डॉलर की चाल विदेशी मुद्रा भंडार की आगे की स्थिति तय करेगी।
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