- Hindi News
- धर्म
- आज का पंचांग: कृष्ण षष्ठी तिथि, शनि देव की कृपा का विशेष दिन; जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल
आज का पंचांग: कृष्ण षष्ठी तिथि, शनि देव की कृपा का विशेष दिन; जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल
धर्म डेस्क
फाल्गुन कृष्ण षष्ठी तिथि के साथ शनिवार को शनि देव की आराधना का विशेष महत्व
7 फरवरी 2026, शनिवार का दिन पंचांग के अनुसार धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आज फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है। यह दिन कर्म, अनुशासन और न्याय के प्रतीक शनि देव को समर्पित माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, आज धैर्य और परिश्रम से किए गए कार्यों में सफलता की संभावना प्रबल रहती है।
क्या है आज का पंचांग
पंचांग के अनुसार आज कृष्ण षष्ठी तिथि रात्रि 2 बजकर 54 मिनट तक रहेगी। इसके बाद सप्तमी तिथि प्रारंभ होगी। आज का योग शूल है, जो रात 11 बजकर 41 मिनट तक प्रभावी रहेगा। करण क्रमशः गरज और वणिज रहेंगे।
कब और कहाँ लागू होगा
यह पंचांग विवरण 7 फरवरी 2026 को पूरे भारत में मान्य है। स्थान के अनुसार सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में कुछ मिनटों का अंतर संभव है, लेकिन सामान्य धार्मिक कार्यों के लिए यह समय मानक माना जाता है।
क्यों है दिन महत्वपूर्ण
शनिवार शनि देव का दिन माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज किए गए संयम, दान और सेवा कार्य शनि दोष को शांत करने में सहायक होते हैं। साथ ही, सूर्य देव का मकर राशि में होना कार्यक्षेत्र में स्थिरता और अनुशासन को बल देता है।
कैसे करें शुभ कार्य
आज के दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए अभिजीत मुहूर्त को सर्वोत्तम माना गया है, जो दोपहर 12:13 बजे से 12:57 बजे तक रहेगा। इसके अलावा अमृत काल रात्रि 7:31 बजे से 9:15 बजे तक रहेगा, जो पूजा-पाठ और आध्यात्मिक कार्यों के लिए अनुकूल है।
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
-
सूर्योदय: प्रातः 7:06 बजे
-
सूर्यास्त: सायं 6:05 बजे
-
चंद्रोदय: रात्रि 11:27 बजे
-
चंद्रास्त: प्रातः 10:03 बजे
ग्रहों की स्थिति
सूर्य और मंगल मकर राशि में स्थित हैं, जिससे कर्म और अनुशासन का प्रभाव बढ़ता है। बुध, शुक्र और राहु कुंभ राशि में हैं, जो बौद्धिकता और नवीन सोच को दर्शाते हैं। शनि मीन राशि में स्थित होकर धैर्य और आत्ममंथन का संकेत दे रहे हैं।
आज का नक्षत्र
आज चंद्रमा चित्रा नक्षत्र में स्थित हैं, जो रात्रि 2:28 बजे तक रहेगा। यह नक्षत्र परिश्रम, रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक माना जाता है।
अशुभ समय
-
राहुकाल: सुबह 9:51 से 11:13 बजे तक
-
गुलिकाल: सुबह 7:06 से 8:28 बजे तक
-
यमगंड: दोपहर 1:58 से 3:20 बजे तक
इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।
-------------------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!
