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पश्चिम बंगाल में पीएम मोदी की तीन रैलियां: TMC गढ़ बीरभूम में BJP की पैठ बढ़ाने की कोशिश
नेशनल न्यूज
हल्दिया, आसनसोल और सिउड़ी में जनसभाएं; आरजी-कर पीड़िता की मां ने न्याय न मिलने पर नायाब विरोध जताया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को पश्चिम बंगाल में तीन रैलियों के माध्यम से जनता को संबोधित करेंगे। BJP राज्य में अपने समर्थन को मजबूत करने के साथ-साथ सत्ताधारी TMC के गढ़ों में भी पैठ बनाने का प्रयास कर रही है।
मोदी की पहली रैली सुबह 9.30 बजे पूर्वी मेदिनीपुर जिले के हल्दिया टाउनशिप में होगी। इसके बाद दोपहर में वे आसनसोल के पोलो ग्राउंड स्थित आउटडोर स्टेडियम जाएंगे। तीसरी और अंतिम जनसभा दोपहर 2 बजे बीरभूम जिले के सिउड़ी में आयोजित की जाएगी।
हल्दिया को विपक्षी नेता शुभेंदु अधिकारी का गृह क्षेत्र माना जाता है और यह BJP का मजबूत गढ़ है। पार्टी ने 2021 विधानसभा चुनाव में इस जिले की 16 में से 8 सीटें जीती थीं और 2024 के आम चुनाव में दोनों लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी।
वहीं, बीरभूम TMC का पारंपरिक गढ़ माना जाता है। जिले में सत्ताधारी पार्टी का मजबूत प्रभाव है, लेकिन कुछ इलाकों में लंबे समय से RSS का संगठनात्मक नेटवर्क भी सक्रिय है। BJP यहां एंटी-इनकम्बेंसी का लाभ उठाने की रणनीति अपना रही है।
इस बीच, आरजी-कर अस्पताल मामले की पीड़िता की मां ने घोषणा की कि जब तक उनकी बेटी को न्याय नहीं मिलेगा, वे अपने बालों में कंघी नहीं करेंगी। यह बयान न्याय व्यवस्था और समाज में महिला सुरक्षा के मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करता है।
संगठनात्मक और प्रशासनिक तैयारियों के तहत BJP ने रैलियों के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था और मीडिया कवरेज सुनिश्चित किया है। पार्टी ने राज्य में अपने प्रचार अभियान को अंतिम चरण में तेज कर दिया है और स्थानीय मुद्दों को मुख्य रूप से रैलियों में उठाने की योजना बनाई है।
राजनीतिक परिदृश्य में असम भी चर्चा में है, जहां वोटिंग से एक दिन पहले उदलगुरी सीट से कांग्रेस उम्मीदवार सुरेन दैमारी ने पार्टी छोड़ दी। हालांकि, कांग्रेस ने कहा कि उन्होंने अभी तक औपचारिक रूप से इस्तीफा नहीं दिया है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि दैमारी का नाम EVM में बना रहेगा और मतदाता उन्हें वोट दे सकते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पश्चिम बंगाल की यह रैली श्रृंखला BJP की रणनीति का अहम हिस्सा है। हल्दिया में पार्टी अपनी मजबूती दिखाना चाहती है, जबकि बीरभूम में एंटी-इनकम्बेंसी भावनाओं का लाभ उठाकर नए मतदाताओं को जोड़ने का प्रयास है।
BJP शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के लिए अपना चुनावी घोषणा पत्र भी जारी करने जा रही है। इसे 'विकसित पश्चिम बंगाल संकल्प पत्र' नाम दिया गया है, जिसमें राज्य के विकास, रोजगार और कृषि नीतियों पर जोर होगा।
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनाव प्रचार की इस अंतिम घड़ी में राजनीतिक दलों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि रैलियों और घोषणापत्र से जनता की राय पर असर पड़ सकता है और अंतिम चुनाव परिणाम इन आयोजनों से प्रभावित होंगे।
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पश्चिम बंगाल में पीएम मोदी की तीन रैलियां: TMC गढ़ बीरभूम में BJP की पैठ बढ़ाने की कोशिश
नेशनल न्यूज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को पश्चिम बंगाल में तीन रैलियों के माध्यम से जनता को संबोधित करेंगे। BJP राज्य में अपने समर्थन को मजबूत करने के साथ-साथ सत्ताधारी TMC के गढ़ों में भी पैठ बनाने का प्रयास कर रही है।
मोदी की पहली रैली सुबह 9.30 बजे पूर्वी मेदिनीपुर जिले के हल्दिया टाउनशिप में होगी। इसके बाद दोपहर में वे आसनसोल के पोलो ग्राउंड स्थित आउटडोर स्टेडियम जाएंगे। तीसरी और अंतिम जनसभा दोपहर 2 बजे बीरभूम जिले के सिउड़ी में आयोजित की जाएगी।
हल्दिया को विपक्षी नेता शुभेंदु अधिकारी का गृह क्षेत्र माना जाता है और यह BJP का मजबूत गढ़ है। पार्टी ने 2021 विधानसभा चुनाव में इस जिले की 16 में से 8 सीटें जीती थीं और 2024 के आम चुनाव में दोनों लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी।
वहीं, बीरभूम TMC का पारंपरिक गढ़ माना जाता है। जिले में सत्ताधारी पार्टी का मजबूत प्रभाव है, लेकिन कुछ इलाकों में लंबे समय से RSS का संगठनात्मक नेटवर्क भी सक्रिय है। BJP यहां एंटी-इनकम्बेंसी का लाभ उठाने की रणनीति अपना रही है।
इस बीच, आरजी-कर अस्पताल मामले की पीड़िता की मां ने घोषणा की कि जब तक उनकी बेटी को न्याय नहीं मिलेगा, वे अपने बालों में कंघी नहीं करेंगी। यह बयान न्याय व्यवस्था और समाज में महिला सुरक्षा के मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करता है।
संगठनात्मक और प्रशासनिक तैयारियों के तहत BJP ने रैलियों के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था और मीडिया कवरेज सुनिश्चित किया है। पार्टी ने राज्य में अपने प्रचार अभियान को अंतिम चरण में तेज कर दिया है और स्थानीय मुद्दों को मुख्य रूप से रैलियों में उठाने की योजना बनाई है।
राजनीतिक परिदृश्य में असम भी चर्चा में है, जहां वोटिंग से एक दिन पहले उदलगुरी सीट से कांग्रेस उम्मीदवार सुरेन दैमारी ने पार्टी छोड़ दी। हालांकि, कांग्रेस ने कहा कि उन्होंने अभी तक औपचारिक रूप से इस्तीफा नहीं दिया है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि दैमारी का नाम EVM में बना रहेगा और मतदाता उन्हें वोट दे सकते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पश्चिम बंगाल की यह रैली श्रृंखला BJP की रणनीति का अहम हिस्सा है। हल्दिया में पार्टी अपनी मजबूती दिखाना चाहती है, जबकि बीरभूम में एंटी-इनकम्बेंसी भावनाओं का लाभ उठाकर नए मतदाताओं को जोड़ने का प्रयास है।
BJP शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के लिए अपना चुनावी घोषणा पत्र भी जारी करने जा रही है। इसे 'विकसित पश्चिम बंगाल संकल्प पत्र' नाम दिया गया है, जिसमें राज्य के विकास, रोजगार और कृषि नीतियों पर जोर होगा।
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनाव प्रचार की इस अंतिम घड़ी में राजनीतिक दलों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि रैलियों और घोषणापत्र से जनता की राय पर असर पड़ सकता है और अंतिम चुनाव परिणाम इन आयोजनों से प्रभावित होंगे।
