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उत्तर भारत में अप्रैल में सर्दी और आंधी का कहर: बिहार में काल बैसाखी एक्टिव, 17 राज्यों में अलर्ट
मौसम न्यूज
राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल सहित कई राज्यों में ओले, बारिश और तेज हवाओं के कारण लोगों के लिए चेतावनी जारी
उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस और काल बैसाखी सिस्टम की सक्रियता के चलते अप्रैल में भी सर्दी का असर दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने बिहार, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और अन्य 17 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है।
बिहार में प्री-मानसून का सबसे खतरनाक सिस्टम ‘काल बैसाखी’ सक्रिय हो गया है। यह तेज आंधी-तूफान आमतौर पर अप्रैल–मई में आता है और 50 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलती हैं। ओले और बारिश भी इसके साथ दर्ज की जाती हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
राजस्थान में पिछले 20 दिनों से बदले हुए मौसम के कारण तापमान सामान्य से करीब 7 डिग्री नीचे चला गया है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार बर्फबारी हुई है। केदारनाथ में अप्रैल में चौथी बार बर्फबारी दर्ज की गई, जबकि उत्तराखंड के यमुनोत्री और बागेश्वर में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बर्फ गिरने की सूचना है।
9 अप्रैल: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में बर्फबारी; पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में हल्की बारिश; बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं।
10 अप्रैल: जम्मू-कश्मीर में हल्की-से-मध्यम बारिश और बर्फबारी; हिमाचल और उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश; पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा में तेज हवाएं।
क्यों हुआ
उत्तर भारत में सक्रिय तीन वेस्टर्न डिस्टरबेंस और बिहार का काल बैसाखी सिस्टम मौसम के असामान्य बदलाव का कारण हैं। हिमाचल, उत्तराखंड में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ के असर से बर्फबारी और बारिश हुई।
कैसे प्रभावित हुआ
राजस्थान में अप्रैल में भी ठंडक बनी हुई है।
उत्तर प्रदेश के मेरठ और सहारनपुर में ओले गिरे, कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट।
बिहार में हवाओं की रफ्तार 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
हिमाचल प्रदेश में अप्रैल में असामान्य ठंडक, अधिकतम तापमान सामान्य से 11 डिग्री कम।
हरियाणा और पंजाब में फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ गया।
मौसम विभाग ने सभी प्रभावित राज्यों के नागरिकों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। किसानों को खेतों में लगे फसल और पशुओं की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पर्यटन स्थलों और पहाड़ी इलाकों में आने-जाने वाले यात्रियों को अलर्ट जारी किया गया है।
विभाग ने बताया कि 10 अप्रैल के बाद काल बैसाखी और वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर हो सकते हैं। अगले सप्ताह तक अधिकतर राज्यों में मौसम सामान्य होगा और गर्मी धीरे-धीरे लौटेगी।
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उत्तर भारत में अप्रैल में सर्दी और आंधी का कहर: बिहार में काल बैसाखी एक्टिव, 17 राज्यों में अलर्ट
मौसम न्यूज
उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस और काल बैसाखी सिस्टम की सक्रियता के चलते अप्रैल में भी सर्दी का असर दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने बिहार, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और अन्य 17 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है।
बिहार में प्री-मानसून का सबसे खतरनाक सिस्टम ‘काल बैसाखी’ सक्रिय हो गया है। यह तेज आंधी-तूफान आमतौर पर अप्रैल–मई में आता है और 50 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलती हैं। ओले और बारिश भी इसके साथ दर्ज की जाती हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
राजस्थान में पिछले 20 दिनों से बदले हुए मौसम के कारण तापमान सामान्य से करीब 7 डिग्री नीचे चला गया है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार बर्फबारी हुई है। केदारनाथ में अप्रैल में चौथी बार बर्फबारी दर्ज की गई, जबकि उत्तराखंड के यमुनोत्री और बागेश्वर में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बर्फ गिरने की सूचना है।
9 अप्रैल: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में बर्फबारी; पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में हल्की बारिश; बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं।
10 अप्रैल: जम्मू-कश्मीर में हल्की-से-मध्यम बारिश और बर्फबारी; हिमाचल और उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश; पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा में तेज हवाएं।
क्यों हुआ
उत्तर भारत में सक्रिय तीन वेस्टर्न डिस्टरबेंस और बिहार का काल बैसाखी सिस्टम मौसम के असामान्य बदलाव का कारण हैं। हिमाचल, उत्तराखंड में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ के असर से बर्फबारी और बारिश हुई।
कैसे प्रभावित हुआ
राजस्थान में अप्रैल में भी ठंडक बनी हुई है।
उत्तर प्रदेश के मेरठ और सहारनपुर में ओले गिरे, कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट।
बिहार में हवाओं की रफ्तार 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
हिमाचल प्रदेश में अप्रैल में असामान्य ठंडक, अधिकतम तापमान सामान्य से 11 डिग्री कम।
हरियाणा और पंजाब में फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ गया।
मौसम विभाग ने सभी प्रभावित राज्यों के नागरिकों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। किसानों को खेतों में लगे फसल और पशुओं की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पर्यटन स्थलों और पहाड़ी इलाकों में आने-जाने वाले यात्रियों को अलर्ट जारी किया गया है।
विभाग ने बताया कि 10 अप्रैल के बाद काल बैसाखी और वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर हो सकते हैं। अगले सप्ताह तक अधिकतर राज्यों में मौसम सामान्य होगा और गर्मी धीरे-धीरे लौटेगी।
