रोज़ाना के स्‍टेपल्‍स में प्रीमियम प्रोडक्‍ट दे रहें हैं एफएमसीजी ग्रोथ को बढ़ावा

Digital Desk

 वर्ष 2026 में भारत का एफएमसीजी बाज़ार कई बड़े बदलावों और रुझानों से आकार ले रहा है। लगातार कई तिमाहियों से ग्रामीण इलाकों की मांग शहरी खपत से आगे निकल गई है, क्विक-कॉमर्स नेटवर्क ने लोगों के खरीदारी के तरीकों को बदल दिया है, और हर आय वर्ग के ग्राहक अब केवल सबसे कम कीमत के बजाय उत्पाद की वैल्यू को प्राथमिकता दे रहे हैं।

इसके साथ ही, प्रीमियम प्रोडक्ट्स की मांग एक प्रमुख ट्रेंड बनकर उभरी है, जो हर श्रेणी में खपत को प्रभावित कर रही है। नील्‍सनआइक्‍यू के अनुसार वित्‍त वर्ष 26 की पहली तिमाही में भारत के एफएमसीजी बाज़ार में वैल्यू में 13.9% और वॉल्यूम में 6% की दर से बढ़ोतरी हुई है। ग्रामीण बाज़ार में मांग की अगुवाई लगातार बनी हुई है। क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स सामान्‍य ट्रेड की तुलना में 2 से 3 गुना तेज़ी से बढ़ रहे हैं। जैसे-जैसे ये नए बिक्री माध्यम तरक्‍की कर रहे हैं, रिटेलर्स अपने डिलीवरी नेटवर्क को इस तरह से ढाल रहे हैं ताकि प्रीमियम प्रोडक्ट्स ग्राहकों तक पहले से कहीं अधिक तेज़ी से पहुँच सकें।

कभी प्रीमियम उत्पाद खरीदने की प्रवृत्ति को मुख्य रूप से मेट्रो और टियर-1 शहरों का चलन माना जाता था। लेकिन अब यह एक आम उपभोक्ता व्यवहार बन चुका है, जिसकी पहुँच टियर-2 और टियर-3 के बाज़ारों में हो चुकी है। इन नए उभरते बाज़ारों में यह बदलाव "किफायती लग्जरी" के रूप में दिख रहा है, जहां ग्राहक छोटे और किफायती पैक साइज़ के ज़रिए अपनी रोज़मर्रा की ज़रूरतों को अपग्रेड कर रहे हैं। इससे उन्हें एक बार में ज़्यादा पैसा ख़र्च किए बिना बेहतर क्वालिटी का अनुभव करने का मौका मिलता है। यह तरीक़ा क़ीमत को लेकर सतर्क रहने वाले ग्राहकों में उत्पादों की पहुँच और स्वीकार्यता को बढ़ाता है।

आज के समय में केवल अधिक क़ीमत होने से कोई उत्पाद "प्रीमियम" नहीं बन जाता। ग्राहक अब तब ज़्यादा पैसे ख़र्च करने के लिए तैयार हैं, जब उन्हें उत्पाद की क्वालिटी, स्वाद या कुल अनुभव में एक साफ़ और असली फ़र्क नज़र आता है।

यह बदलाव भारतीय रसोइयों के हर हिस्से में देखा जा सकता है, जिसमें कोल्ड-प्रेस कुकिंग ऑयल से लेकर अनपॉलिश्ड दालें, ब्रांडेड राशन/खाद्यान्न शामिल हैं। बड़ी एफएमसीजी कंपनियों के मुताबिक,  उनके कुल फूड रेवेन्‍यू में प्रीमियम उत्‍पादों का योगदान अब एक महत्‍वपूर्ण और तेजी से बढ़ता हिस्‍सा बन चुका है। 

यह ट्रेंड शुद्ध गाय के घी में भी साफ़ दिखाई दे रहा है, जो एक पारंपरिक मुख्य आहार है और जिसे अब वैश्विक स्तर पर भी काफी सराहा जा रहा है। दूध और घी-मक्खन जैसे वैल्यू-ऐडेड डेयरी उत्पादों की मजबूत मांग के दम पर वित्त वर्ष 2027 में भारत के संगठित डेयरी क्षेत्र की राजस्व वृद्धि 13–15% रहने का अनुमान है। आज उपभोक्ता घर के बने घी की वही जानी-पहचानी खुशबू, दानेदार बनावट और स्वाद चाहते हैं, साथ ही उस गुणवत्ता और निरंतरता का भरोसा भी चाहते हैं जो केवल मजबूत उत्पादन प्रक्रियाओं और सख्त क्वालिटी कंट्रोल वाले ब्रांड ही दे सकते हैं। ब्रिटानिया सत्वम प्योर काउ घी इसी सोच को दिखाता है, जो ब्रिटानिया के भरोसे और गुणवत्ता की विरासत को एक प्रामाणिक "घर जैसा" अनुभव देने वाले उत्पाद के साथ जोड़ता है।

"सत्वम" नाम का अर्थ ही शुद्धता और अच्छाई है। असली "घर जैसा" स्वाद और अनुभव देने के लिए इसे पारंपरिक घरेलू तरीकों से प्रेरित प्रक्रिया द्वारा तैयार किया जाता है: इसकी प्रमुख सोंधी-सोंधी खुशबू के लिए घी को 105°C से अधिक तापमान पर पकाया जाता है। इसके बाद इसे लगभग 48 घंटों तक धीरे-धीरे ठंडा किया जाता है। यह धीमी कूलिंग प्रक्रिया ही इसमें वह हल्की दानेदार बनावट लाती है जिसे लोग घर के बने घी से जोड़कर देखते हैं।

आज का प्रीमियम खरीदार इस बात का भी पूरा ध्यान रखता है कि उसका भोजन कहाँ से आ रहा है। ब्रिटानिया सत्वम इसे अपने डायरेक्ट काउ-मिल्क प्रोक्योरमेंट प्रोग्राम से सुनिश्चित करता है, जो 3,000 से अधिक किसानों, को सपोर्ट करता है। इससे दूध इकट्ठा करने से लेकर पैकेजिंग और वितरण तक हर स्तर पर सख्त क्वालिटी चेक संभव होते हैं। यह रेंज 200 एमएल, 500 एमएल और 1 लीटर जैसे कई पैक साइज़ में आती है, जिससे उपभोक्ता अपनी घरेलू ज़रूरतों के हिसाब से सही विकल्प चुन सकते हैं।जैसे-जैसे ग्राहकों की पसंद बदल रही है, वैसे में जो ब्रांड अच्छी क्वालिटी और बेहतरीन अनुभव दोनों एक साथ देते हैं, वे लंबे समय तक लोगों का भरोसा और दिल जीतेंगे।

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27 Jul 2026 By दैनिक जागरण

रोज़ाना के स्‍टेपल्‍स में प्रीमियम प्रोडक्‍ट दे रहें हैं एफएमसीजी ग्रोथ को बढ़ावा

Digital Desk

इसके साथ ही, प्रीमियम प्रोडक्ट्स की मांग एक प्रमुख ट्रेंड बनकर उभरी है, जो हर श्रेणी में खपत को प्रभावित कर रही है। नील्‍सनआइक्‍यू के अनुसार वित्‍त वर्ष 26 की पहली तिमाही में भारत के एफएमसीजी बाज़ार में वैल्यू में 13.9% और वॉल्यूम में 6% की दर से बढ़ोतरी हुई है। ग्रामीण बाज़ार में मांग की अगुवाई लगातार बनी हुई है। क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स सामान्‍य ट्रेड की तुलना में 2 से 3 गुना तेज़ी से बढ़ रहे हैं। जैसे-जैसे ये नए बिक्री माध्यम तरक्‍की कर रहे हैं, रिटेलर्स अपने डिलीवरी नेटवर्क को इस तरह से ढाल रहे हैं ताकि प्रीमियम प्रोडक्ट्स ग्राहकों तक पहले से कहीं अधिक तेज़ी से पहुँच सकें।

कभी प्रीमियम उत्पाद खरीदने की प्रवृत्ति को मुख्य रूप से मेट्रो और टियर-1 शहरों का चलन माना जाता था। लेकिन अब यह एक आम उपभोक्ता व्यवहार बन चुका है, जिसकी पहुँच टियर-2 और टियर-3 के बाज़ारों में हो चुकी है। इन नए उभरते बाज़ारों में यह बदलाव "किफायती लग्जरी" के रूप में दिख रहा है, जहां ग्राहक छोटे और किफायती पैक साइज़ के ज़रिए अपनी रोज़मर्रा की ज़रूरतों को अपग्रेड कर रहे हैं। इससे उन्हें एक बार में ज़्यादा पैसा ख़र्च किए बिना बेहतर क्वालिटी का अनुभव करने का मौका मिलता है। यह तरीक़ा क़ीमत को लेकर सतर्क रहने वाले ग्राहकों में उत्पादों की पहुँच और स्वीकार्यता को बढ़ाता है।

आज के समय में केवल अधिक क़ीमत होने से कोई उत्पाद "प्रीमियम" नहीं बन जाता। ग्राहक अब तब ज़्यादा पैसे ख़र्च करने के लिए तैयार हैं, जब उन्हें उत्पाद की क्वालिटी, स्वाद या कुल अनुभव में एक साफ़ और असली फ़र्क नज़र आता है।

यह बदलाव भारतीय रसोइयों के हर हिस्से में देखा जा सकता है, जिसमें कोल्ड-प्रेस कुकिंग ऑयल से लेकर अनपॉलिश्ड दालें, ब्रांडेड राशन/खाद्यान्न शामिल हैं। बड़ी एफएमसीजी कंपनियों के मुताबिक,  उनके कुल फूड रेवेन्‍यू में प्रीमियम उत्‍पादों का योगदान अब एक महत्‍वपूर्ण और तेजी से बढ़ता हिस्‍सा बन चुका है। 

यह ट्रेंड शुद्ध गाय के घी में भी साफ़ दिखाई दे रहा है, जो एक पारंपरिक मुख्य आहार है और जिसे अब वैश्विक स्तर पर भी काफी सराहा जा रहा है। दूध और घी-मक्खन जैसे वैल्यू-ऐडेड डेयरी उत्पादों की मजबूत मांग के दम पर वित्त वर्ष 2027 में भारत के संगठित डेयरी क्षेत्र की राजस्व वृद्धि 13–15% रहने का अनुमान है। आज उपभोक्ता घर के बने घी की वही जानी-पहचानी खुशबू, दानेदार बनावट और स्वाद चाहते हैं, साथ ही उस गुणवत्ता और निरंतरता का भरोसा भी चाहते हैं जो केवल मजबूत उत्पादन प्रक्रियाओं और सख्त क्वालिटी कंट्रोल वाले ब्रांड ही दे सकते हैं। ब्रिटानिया सत्वम प्योर काउ घी इसी सोच को दिखाता है, जो ब्रिटानिया के भरोसे और गुणवत्ता की विरासत को एक प्रामाणिक "घर जैसा" अनुभव देने वाले उत्पाद के साथ जोड़ता है।

"सत्वम" नाम का अर्थ ही शुद्धता और अच्छाई है। असली "घर जैसा" स्वाद और अनुभव देने के लिए इसे पारंपरिक घरेलू तरीकों से प्रेरित प्रक्रिया द्वारा तैयार किया जाता है: इसकी प्रमुख सोंधी-सोंधी खुशबू के लिए घी को 105°C से अधिक तापमान पर पकाया जाता है। इसके बाद इसे लगभग 48 घंटों तक धीरे-धीरे ठंडा किया जाता है। यह धीमी कूलिंग प्रक्रिया ही इसमें वह हल्की दानेदार बनावट लाती है जिसे लोग घर के बने घी से जोड़कर देखते हैं।

आज का प्रीमियम खरीदार इस बात का भी पूरा ध्यान रखता है कि उसका भोजन कहाँ से आ रहा है। ब्रिटानिया सत्वम इसे अपने डायरेक्ट काउ-मिल्क प्रोक्योरमेंट प्रोग्राम से सुनिश्चित करता है, जो 3,000 से अधिक किसानों, को सपोर्ट करता है। इससे दूध इकट्ठा करने से लेकर पैकेजिंग और वितरण तक हर स्तर पर सख्त क्वालिटी चेक संभव होते हैं। यह रेंज 200 एमएल, 500 एमएल और 1 लीटर जैसे कई पैक साइज़ में आती है, जिससे उपभोक्ता अपनी घरेलू ज़रूरतों के हिसाब से सही विकल्प चुन सकते हैं।जैसे-जैसे ग्राहकों की पसंद बदल रही है, वैसे में जो ब्रांड अच्छी क्वालिटी और बेहतरीन अनुभव दोनों एक साथ देते हैं, वे लंबे समय तक लोगों का भरोसा और दिल जीतेंगे।

https://www.dainikjagranmpcg.com/business/introducing-premium-products-into-everyday-staples-is-driving-fmcg-growth/article-59913

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