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छत्तीसगढ़ में 7 आईएफएस अधिकारियों के तबादले, कई अफसरों को मिली नई जिम्मेदारियां
छत्तीसगढ़
वन विभाग में प्रशासनिक फेरबदल, लघु वनोपज संघ, वन विकास निगम और टाइगर रिजर्व में नई नियुक्तियां
छत्तीसगढ़ सरकार ने भारतीय वन सेवा (IFS) के सात अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। प्रशासनिक आधार पर किए गए इस फेरबदल में कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जबकि कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। राज्य सरकार का मानना है कि इन नियुक्तियों से वन विभाग की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा तथा वन संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन और लघु वनोपज से जुड़े कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
जारी आदेश के अनुसार वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी संजीता गुप्ता को छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ का प्रभारी प्रबंध संचालक नियुक्त किया गया है। लघु वनोपज संघ राज्य में वन आधारित आजीविका, तेंदूपत्ता, महुआ, साल बीज, हर्रा, चार और अन्य लघु वनोपजों के संग्रहण, प्रसंस्करण तथा विपणन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का संचालन करता है। ऐसे में उनकी नियुक्ति को विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक माना जा रहा है।
इसी क्रम में एस. वेंकटाचलम को प्रतिनियुक्ति पर छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ में कार्यकारी संचालक बनाया गया है। वे संघ के प्रशासनिक और संचालन संबंधी कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि उनके अनुभव का लाभ लघु वनोपज से जुड़े कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन में मिलेगा।
वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव अमरनाथ प्रसाद अपने वर्तमान पद पर बने रहेंगे। इसके साथ ही उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के प्रबंध संचालक (एमडी) का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। वन विकास निगम राज्य में वृक्षारोपण, वन विकास परियोजनाओं, वानिकी आधारित योजनाओं और वन संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का संचालन करता है। अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने के बाद अमरनाथ प्रसाद दोनों संस्थाओं के कार्यों का समन्वय करेंगे।
सरकार ने एक अन्य आदेश में अभिषेक कुमार सिंह को प्रतिनियुक्ति से वापस बुलाया है। अब उन्हें प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख कार्यालय में वन संरक्षक के पद पर पदस्थ किया गया है। उनके अनुभव का उपयोग विभाग के प्रशासनिक और तकनीकी कार्यों में किया जाएगा। विभागीय स्तर पर इसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव माना जा रहा है।
वन्यजीव संरक्षण को मजबूत करने के उद्देश्य से टाइगर रिजर्व क्षेत्रों में भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। गुरुनाथन एन. को उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व का प्रभारी मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं क्षेत्र संचालक नियुक्त किया गया है। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व राज्य के प्रमुख संरक्षित वन क्षेत्रों में शामिल है और यहां जैव विविधता संरक्षण के साथ वन्यजीव प्रबंधन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी रहती है।
इसी प्रकार प्रणय मिश्रा को गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व का प्रभारी मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं क्षेत्र संचालक नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें प्रोजेक्ट एलीफैंट का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। प्रोजेक्ट एलीफैंट के तहत हाथियों के संरक्षण, मानव-हाथी संघर्ष को कम करने और उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं। नई जिम्मेदारी के साथ वे वन्यजीव संरक्षण के दोनों महत्वपूर्ण क्षेत्रों का नेतृत्व करेंगे।
सरकार ने रमेश कुमार जांगड़े को छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम में क्षेत्रीय महाप्रबंधक का प्रभारी नियुक्त किया है। वे निगम की क्षेत्रीय गतिविधियों की निगरानी करेंगे और विभिन्न परियोजनाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वन विकास निगम राज्य में वन आधारित आर्थिक गतिविधियों और विकास योजनाओं को लागू करने वाली प्रमुख संस्था है।
सरकारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सूची में शामिल पहले तीन अधिकारियों की नई पदस्थापना 31 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित तिथि तक सभी प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कर नई व्यवस्था लागू की जाए।
प्रशासनिक हलकों में माना जा रहा है कि यह फेरबदल वन विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में किया गया है। राज्य सरकार समय-समय पर विभिन्न विभागों में अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव करती रहती है ताकि प्रशासनिक दक्षता बढ़ाई जा सके और योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित हो।
छत्तीसगढ़ में वन क्षेत्र का दायरा देश के प्रमुख राज्यों में शामिल है। यहां लघु वनोपज संग्रहण, वन विकास, जैव विविधता संरक्षण, टाइगर रिजर्व प्रबंधन और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े कई बड़े कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं। ऐसे में वरिष्ठ अधिकारियों की नई नियुक्तियों को विभागीय योजनाओं के प्रभावी संचालन और बेहतर समन्वय के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वन विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि नई पदस्थापनाओं से प्रशासनिक व्यवस्था में संतुलन आएगा और विभिन्न परियोजनाओं के संचालन में तेजी आने की उम्मीद है। साथ ही वन संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और ग्रामीण आजीविका से जुड़े कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन में भी सहायता मिलेगी।
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छत्तीसगढ़ में 7 आईएफएस अधिकारियों के तबादले, कई अफसरों को मिली नई जिम्मेदारियां
छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ सरकार ने भारतीय वन सेवा (IFS) के सात अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। प्रशासनिक आधार पर किए गए इस फेरबदल में कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जबकि कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। राज्य सरकार का मानना है कि इन नियुक्तियों से वन विभाग की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा तथा वन संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन और लघु वनोपज से जुड़े कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
जारी आदेश के अनुसार वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी संजीता गुप्ता को छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ का प्रभारी प्रबंध संचालक नियुक्त किया गया है। लघु वनोपज संघ राज्य में वन आधारित आजीविका, तेंदूपत्ता, महुआ, साल बीज, हर्रा, चार और अन्य लघु वनोपजों के संग्रहण, प्रसंस्करण तथा विपणन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का संचालन करता है। ऐसे में उनकी नियुक्ति को विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक माना जा रहा है।
इसी क्रम में एस. वेंकटाचलम को प्रतिनियुक्ति पर छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ में कार्यकारी संचालक बनाया गया है। वे संघ के प्रशासनिक और संचालन संबंधी कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि उनके अनुभव का लाभ लघु वनोपज से जुड़े कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन में मिलेगा।
वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव अमरनाथ प्रसाद अपने वर्तमान पद पर बने रहेंगे। इसके साथ ही उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के प्रबंध संचालक (एमडी) का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। वन विकास निगम राज्य में वृक्षारोपण, वन विकास परियोजनाओं, वानिकी आधारित योजनाओं और वन संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का संचालन करता है। अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने के बाद अमरनाथ प्रसाद दोनों संस्थाओं के कार्यों का समन्वय करेंगे।
सरकार ने एक अन्य आदेश में अभिषेक कुमार सिंह को प्रतिनियुक्ति से वापस बुलाया है। अब उन्हें प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख कार्यालय में वन संरक्षक के पद पर पदस्थ किया गया है। उनके अनुभव का उपयोग विभाग के प्रशासनिक और तकनीकी कार्यों में किया जाएगा। विभागीय स्तर पर इसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव माना जा रहा है।
वन्यजीव संरक्षण को मजबूत करने के उद्देश्य से टाइगर रिजर्व क्षेत्रों में भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। गुरुनाथन एन. को उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व का प्रभारी मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं क्षेत्र संचालक नियुक्त किया गया है। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व राज्य के प्रमुख संरक्षित वन क्षेत्रों में शामिल है और यहां जैव विविधता संरक्षण के साथ वन्यजीव प्रबंधन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी रहती है।
इसी प्रकार प्रणय मिश्रा को गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व का प्रभारी मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं क्षेत्र संचालक नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें प्रोजेक्ट एलीफैंट का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। प्रोजेक्ट एलीफैंट के तहत हाथियों के संरक्षण, मानव-हाथी संघर्ष को कम करने और उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं। नई जिम्मेदारी के साथ वे वन्यजीव संरक्षण के दोनों महत्वपूर्ण क्षेत्रों का नेतृत्व करेंगे।
सरकार ने रमेश कुमार जांगड़े को छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम में क्षेत्रीय महाप्रबंधक का प्रभारी नियुक्त किया है। वे निगम की क्षेत्रीय गतिविधियों की निगरानी करेंगे और विभिन्न परियोजनाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वन विकास निगम राज्य में वन आधारित आर्थिक गतिविधियों और विकास योजनाओं को लागू करने वाली प्रमुख संस्था है।
सरकारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सूची में शामिल पहले तीन अधिकारियों की नई पदस्थापना 31 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित तिथि तक सभी प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कर नई व्यवस्था लागू की जाए।
प्रशासनिक हलकों में माना जा रहा है कि यह फेरबदल वन विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में किया गया है। राज्य सरकार समय-समय पर विभिन्न विभागों में अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव करती रहती है ताकि प्रशासनिक दक्षता बढ़ाई जा सके और योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित हो।
छत्तीसगढ़ में वन क्षेत्र का दायरा देश के प्रमुख राज्यों में शामिल है। यहां लघु वनोपज संग्रहण, वन विकास, जैव विविधता संरक्षण, टाइगर रिजर्व प्रबंधन और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े कई बड़े कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं। ऐसे में वरिष्ठ अधिकारियों की नई नियुक्तियों को विभागीय योजनाओं के प्रभावी संचालन और बेहतर समन्वय के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वन विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि नई पदस्थापनाओं से प्रशासनिक व्यवस्था में संतुलन आएगा और विभिन्न परियोजनाओं के संचालन में तेजी आने की उम्मीद है। साथ ही वन संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और ग्रामीण आजीविका से जुड़े कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन में भी सहायता मिलेगी।
