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झाबुआ में पर्यावरण संरक्षण का महाअभियान, 21 हजार पौधों का वितरण कर हरियाली बढ़ाने का लिया संकल्प
झाबुआ,(म.प्र.)
सामाजिक महासंघ की अनूठी पहल, फलदार, छायादार और धार्मिक पौधों का हुआ वितरण; पांच वर्षों में डेढ़ लाख पौधे बांटकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बनाया नया रिकॉर्ड
झाबुआ जिले में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से सामाजिक महासंघ द्वारा एक विशाल पौधा वितरण अभियान आयोजित किया गया। इस अभियान के तहत जिलेभर के नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की मौजूदगी में 21 हजार फलदार, छायादार और धार्मिक महत्व के पौधों का वितरण किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधे बांटना नहीं, बल्कि लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और अधिक से अधिक पौधारोपण के लिए प्रेरित करना था। बड़ी संख्या में लोगों ने पौधे प्राप्त कर उन्हें लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया।
सामाजिक महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि इस अभियान में आम, जामुन, नींबू, सुरजना फली, पीपल, नीम, बेलपत्र, तुलसी, सीताफल सहित कई उपयोगी और पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण पौधों का वितरण किया गया। इन पौधों का चयन इस तरह किया गया ताकि भविष्य में ये न केवल हरियाली बढ़ाएं बल्कि लोगों को फल, छाया और स्वच्छ वातावरण भी उपलब्ध करा सकें।
अभियान के दौरान पौधे लेने वाले सभी लोगों का पंजीकरण भी किया गया। आयोजन समिति का कहना है कि केवल पौधे बांटना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित निगरानी और संरक्षण भी उतना ही जरूरी है। इसी उद्देश्य से प्राप्तकर्ताओं का रिकॉर्ड तैयार किया गया, ताकि भविष्य में पौधों की स्थिति की जानकारी ली जा सके और जरूरत पड़ने पर मार्गदर्शन भी दिया जा सके।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पद्मश्री महेश शर्मा ने कहा कि झाबुआ जिले में पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोगों की सोच में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण और वृक्षारोपण एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि जल स्रोत सुरक्षित रहेंगे और अधिक से अधिक पेड़ लगाए जाएंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ और सुरक्षित पर्यावरण तैयार किया जा सकेगा। उन्होंने सामाजिक महासंघ की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अभियान समाज में जागरूकता फैलाने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं।
उन्होंने हाथीपाव और आसपास की पहाड़ियों पर बड़े स्तर पर पौधारोपण करने की आवश्यकता भी बताई। उनका कहना था कि पहाड़ी क्षेत्रों में हरियाली बढ़ने से जल संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति हर वर्ष कम से कम एक पौधा जरूर लगाए और उसकी देखभाल भी करे।
जिला विधिक सहायता अधिकारी जयदीप महाणिक ने अपने संबोधन में एक प्रेरणादायक कहानी के माध्यम से पौधारोपण का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि एक पेड़ केवल ऑक्सीजन ही नहीं देता बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य भी तैयार करता है। यदि आज हम पौधे लगाएंगे तो आने वाले वर्षों में इसका लाभ पूरे समाज को मिलेगा।
आत्मनिर्भर भारत अभियान के राष्ट्रीय संयोजक ओम शर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने सामाजिक महासंघ के इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के जनभागीदारी वाले अभियान पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देते हैं।
पर्यावरण कार्यकर्ता राजकुमार देवल ने लोगों को पौधों की बच्चों की तरह देखभाल करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि पौधा लगाना आसान है, लेकिन उसे पेड़ बनाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। यदि हर व्यक्ति लगाए गए पौधे की नियमित देखभाल करे तो कुछ वर्षों में पूरा क्षेत्र हरियाली से भर सकता है।
सामाजिक महासंघ के अध्यक्ष नीरज सिंह राठौर और महासचिव उमंग सक्सेना ने जानकारी दी कि संगठन पिछले पांच वर्षों से लगातार पौधारोपण और पौधा वितरण अभियान चला रहा है। इस अवधि में अब तक करीब डेढ़ लाख पौधे वितरित किए जा चुके हैं। इनमें से लगभग एक लाख बीस हजार पौधे अब बड़े पेड़ों का रूप ले चुके हैं, जो इस अभियान की सफलता का प्रमाण हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा और जिले के प्रत्येक गांव तक इसे पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों और पर्यावरण प्रेमियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। आयोजन स्थल पर लोगों में पौधे लेने के लिए उत्साह दिखाई दिया। कई परिवार अपने बच्चों के साथ पहुंचे और पौधारोपण को परिवार की जिम्मेदारी बनाने का संकल्प लिया।
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झाबुआ में पर्यावरण संरक्षण का महाअभियान, 21 हजार पौधों का वितरण कर हरियाली बढ़ाने का लिया संकल्प
झाबुआ,(म.प्र.)
झाबुआ जिले में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से सामाजिक महासंघ द्वारा एक विशाल पौधा वितरण अभियान आयोजित किया गया। इस अभियान के तहत जिलेभर के नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की मौजूदगी में 21 हजार फलदार, छायादार और धार्मिक महत्व के पौधों का वितरण किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधे बांटना नहीं, बल्कि लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और अधिक से अधिक पौधारोपण के लिए प्रेरित करना था। बड़ी संख्या में लोगों ने पौधे प्राप्त कर उन्हें लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया।
सामाजिक महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि इस अभियान में आम, जामुन, नींबू, सुरजना फली, पीपल, नीम, बेलपत्र, तुलसी, सीताफल सहित कई उपयोगी और पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण पौधों का वितरण किया गया। इन पौधों का चयन इस तरह किया गया ताकि भविष्य में ये न केवल हरियाली बढ़ाएं बल्कि लोगों को फल, छाया और स्वच्छ वातावरण भी उपलब्ध करा सकें।
अभियान के दौरान पौधे लेने वाले सभी लोगों का पंजीकरण भी किया गया। आयोजन समिति का कहना है कि केवल पौधे बांटना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित निगरानी और संरक्षण भी उतना ही जरूरी है। इसी उद्देश्य से प्राप्तकर्ताओं का रिकॉर्ड तैयार किया गया, ताकि भविष्य में पौधों की स्थिति की जानकारी ली जा सके और जरूरत पड़ने पर मार्गदर्शन भी दिया जा सके।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पद्मश्री महेश शर्मा ने कहा कि झाबुआ जिले में पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोगों की सोच में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण और वृक्षारोपण एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि जल स्रोत सुरक्षित रहेंगे और अधिक से अधिक पेड़ लगाए जाएंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ और सुरक्षित पर्यावरण तैयार किया जा सकेगा। उन्होंने सामाजिक महासंघ की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अभियान समाज में जागरूकता फैलाने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं।
उन्होंने हाथीपाव और आसपास की पहाड़ियों पर बड़े स्तर पर पौधारोपण करने की आवश्यकता भी बताई। उनका कहना था कि पहाड़ी क्षेत्रों में हरियाली बढ़ने से जल संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति हर वर्ष कम से कम एक पौधा जरूर लगाए और उसकी देखभाल भी करे।
जिला विधिक सहायता अधिकारी जयदीप महाणिक ने अपने संबोधन में एक प्रेरणादायक कहानी के माध्यम से पौधारोपण का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि एक पेड़ केवल ऑक्सीजन ही नहीं देता बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य भी तैयार करता है। यदि आज हम पौधे लगाएंगे तो आने वाले वर्षों में इसका लाभ पूरे समाज को मिलेगा।
आत्मनिर्भर भारत अभियान के राष्ट्रीय संयोजक ओम शर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने सामाजिक महासंघ के इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के जनभागीदारी वाले अभियान पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देते हैं।
पर्यावरण कार्यकर्ता राजकुमार देवल ने लोगों को पौधों की बच्चों की तरह देखभाल करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि पौधा लगाना आसान है, लेकिन उसे पेड़ बनाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। यदि हर व्यक्ति लगाए गए पौधे की नियमित देखभाल करे तो कुछ वर्षों में पूरा क्षेत्र हरियाली से भर सकता है।
सामाजिक महासंघ के अध्यक्ष नीरज सिंह राठौर और महासचिव उमंग सक्सेना ने जानकारी दी कि संगठन पिछले पांच वर्षों से लगातार पौधारोपण और पौधा वितरण अभियान चला रहा है। इस अवधि में अब तक करीब डेढ़ लाख पौधे वितरित किए जा चुके हैं। इनमें से लगभग एक लाख बीस हजार पौधे अब बड़े पेड़ों का रूप ले चुके हैं, जो इस अभियान की सफलता का प्रमाण हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा और जिले के प्रत्येक गांव तक इसे पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों और पर्यावरण प्रेमियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। आयोजन स्थल पर लोगों में पौधे लेने के लिए उत्साह दिखाई दिया। कई परिवार अपने बच्चों के साथ पहुंचे और पौधारोपण को परिवार की जिम्मेदारी बनाने का संकल्प लिया।
