शेयर बाजार में दबाव: सेंसेक्स 76,500 के करीब, निफ्टी 23,950 से नीचे फिसला

बिजनेस

On

कच्चे तेल में तेज उछाल और पश्चिम एशिया के बढ़ते तनाव से निवेशकों में सतर्कता; बैंकिंग-फार्मा शेयरों पर दबाव, ऊंची तेल कीमतें भारतीय बाजार के लिए बनी बड़ी चिंता

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 23 जुलाई को कारोबार की शुरुआत सतर्क रुख के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव दिखाई दिया, लेकिन बाद में बिकवाली का दबाव बढ़ा। सुबह करीब 10 बजे सेंसेक्स 76,536 के आसपास और निफ्टी 23,934 के स्तर पर आ गया था। दोनों प्रमुख सूचकांक करीब 0.3 प्रतिशत तक नीचे थे और लगातार चौथे कारोबारी सत्र में कमजोरी की तरफ बढ़ रहे थे।

आज का शेयर बाज़ार 23 जुलाई 2026 में निवेशकों की सबसे बड़ी चिंता कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल रही। ब्रेंट क्रूड एशियाई कारोबार के दौरान 2 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर करीब 96.3 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और प्रमुख समुद्री तेल मार्गों पर जोखिम ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ाई है। भारत बड़े कच्चा तेल आयातक देशों में शामिल है, इसलिए महंगा क्रूड घरेलू अर्थव्यवस्था और बाजार दोनों के लिए दबाव बढ़ा सकता है।

बाजार में कमजोरी केवल चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही। शुरुआती कारोबार में 16 प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स में से 15 गिरावट में थे। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक भी करीब आधा प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहे थे। इससे संकेत मिला कि निवेशकों की सतर्कता व्यापक बाजार में भी दिखाई दे रही है। तेल की तेजी के साथ कंपनियों के तिमाही नतीजों पर भी बाजार की नजर बनी हुई है।

फार्मा सेक्टर में कमजोरी के बीच डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज के शेयर में करीब 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कंपनी के तिमाही प्रदर्शन ने बाजार की उम्मीदों को पूरी तरह उत्साहित नहीं किया। तेल विपणन कंपनी HPCL के शेयर पर भी दबाव रहा और इसमें करीब 3 प्रतिशत की कमजोरी दिखाई दी। ऊंची कच्चे तेल की कीमतें तेल विपणन कंपनियों के लिए अतिरिक्त चिंता पैदा कर सकती हैं।

बैंकिंग शेयरों में भी चुनिंदा कंपनियों पर तेज बिकवाली देखने को मिली। इंडसइंड बैंक का शेयर करीब 6 प्रतिशत गिर गया। बैंक के जून तिमाही मुनाफे में सुधार के बावजूद निवेशकों ने हाल की तेजी के बाद मुनाफावसूली की। पिछले छह सत्रों में शेयर करीब 7.2 प्रतिशत चढ़ चुका था और 17 महीने के ऊंचे स्तर तक पहुंचा था।

आईटी सेक्टर में इंफोसिस के शेयर में करीब 1 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज हुई। सिप्ला और इंडिगो के शेयर भी नीचे रहे, जबकि निवेशक इनके तिमाही नतीजों का इंतजार कर रहे थे। बाजार में इस समय घरेलू कॉरपोरेट नतीजों के साथ वैश्विक घटनाक्रम भी शेयरों की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।

कमजोर बाजार के बीच कुछ शेयरों ने उलटी चाल भी दिखाई। NTPC Green Energy के शेयर में बेहतर तिमाही प्रदर्शन के बाद करीब 7.4 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। दूसरी तरफ कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का फायदा अपस्ट्रीम ऑयल कंपनियों को मिला। ONGC और Oil India के शेयरों में बढ़त दिखाई दी, क्योंकि ऊंची क्रूड कीमतें इन कंपनियों की प्राप्तियों के लिए सकारात्मक मानी जाती हैं।

कच्चे तेल का 96 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंचना भारतीय बाजार के लिए इस समय सबसे अहम जोखिमों में शामिल हो गया है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। ऐसे में लंबे समय तक तेल महंगा रहने पर आयात बिल बढ़ सकता है, महंगाई पर दबाव बन सकता है और चालू खाते पर भी असर पड़ने की आशंका रहती है। कंपनियों की लागत बढ़ने से उनके मार्जिन पर भी दबाव आ सकता है।

तेल की तेजी का असर रुपये पर भी दिखाई दे रहा है। गुरुवार सुबह रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब 96.5350 के स्तर पर था। बाजार में यह धारणा रही कि भारतीय रिजर्व बैंक की संभावित दखल से रुपये को बड़ी गिरावट से कुछ सहारा मिला। महंगा कच्चा तेल डॉलर की मांग बढ़ा सकता है और इससे भारतीय मुद्रा पर अतिरिक्त दबाव बनने की आशंका रहती है।

वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ने की वजह पश्चिम एशिया का तनाव है। लाल सागर में तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने और ईरान पर नए अमेरिकी हमलों के बाद जोखिम की धारणा और मजबूत हुई। प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों पर किसी तरह की लंबी बाधा तेल की सप्लाई को प्रभावित कर सकती है, इसी आशंका से क्रूड की कीमतों में तेजी बनी हुई है।

एक दिन पहले यानी 22 जुलाई को भी भारतीय बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई थी। निफ्टी 0.79 प्रतिशत टूटकर 23,996.25 पर बंद हुआ था, जबकि सेंसेक्स 0.92 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,755.05 पर बंद हुआ। यह दोनों प्रमुख सूचकांकों में लगातार तीसरे कारोबारी दिन की गिरावट थी। बुधवार का नुकसान करीब दो सप्ताह में सबसे बड़ा एकदिनी नुकसान रहा था।

22 जुलाई के कारोबार में वित्तीय, आईटी और फार्मा शेयरों पर खास दबाव रहा था। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी बिकवाली से नहीं बच सके। फार्मा इंडेक्स में 1 प्रतिशत से ज्यादा की कमजोरी आई थी, जबकि वित्तीय और आईटी सेक्टर ने भी प्रमुख सूचकांकों को नीचे खींचा। हालांकि ऑटो सेक्टर में चुनिंदा कंपनियों के बेहतर नतीजों से कुछ खरीदारी देखने को मिली थी।

बुधवार को बजाज ऑटो और TVS Motor के शेयर बेहतर तिमाही मुनाफे के बाद मजबूत हुए थे। इससे ऑटो इंडेक्स को गिरते बाजार में कुछ सहारा मिला। Nestle India के शेयर में भी तेजी रही थी। इसके बावजूद पश्चिम एशिया का तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर व्यापक बाजार धारणा पर भारी पड़ा।

हाल के दिनों में विदेशी निवेशकों के रुख पर भी बाजार की नजर बनी हुई है। जुलाई के शुरुआती हिस्से में विदेशी निवेश भारतीय शेयरों में वापस लौटता दिखाई दिया था। 16 जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी निवेशकों ने जुलाई में करीब 1.6 अरब डॉलर के भारतीय शेयर खरीदे थे, हालांकि पूरे 2026 में विदेशी निवेशकों की कुल बिकवाली अभी भी काफी बड़ी बनी हुई थी।

कच्चे तेल की चाल ने पिछले कुछ दिनों में बाजार की धारणा तेजी से बदली है। 20 जुलाई को क्रूड करीब 88 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था और कुछ ही दिनों में यह 96 डॉलर के ऊपर पहुंच गया। इस तेज उछाल ने महंगाई, रुपये और कॉरपोरेट लागत को लेकर बाजार की चिंता फिर बढ़ा दी है। खासकर तेल आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्था होने के कारण भारत पर इसका असर दूसरे कई बाजारों के मुकाबले अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।

बाजार में निवेशक अब कच्चे तेल की अगली चाल, पश्चिम एशिया के घटनाक्रम और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर नजर रखे हुए हैं। ऊंचे तेल भाव बने रहने पर ऑयल मार्केटिंग, एविएशन और दूसरे ऊर्जा-निर्भर क्षेत्रों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं तेल उत्पादक कंपनियों को ऊंची कीमतों से फायदा मिलने की संभावना रहती है, जिसकी झलक गुरुवार के कारोबार में ONGC और Oil India में दिखाई दी।

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
23 Jul 2026 By Priyanka

शेयर बाजार में दबाव: सेंसेक्स 76,500 के करीब, निफ्टी 23,950 से नीचे फिसला

बिजनेस

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 23 जुलाई को कारोबार की शुरुआत सतर्क रुख के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव दिखाई दिया, लेकिन बाद में बिकवाली का दबाव बढ़ा। सुबह करीब 10 बजे सेंसेक्स 76,536 के आसपास और निफ्टी 23,934 के स्तर पर आ गया था। दोनों प्रमुख सूचकांक करीब 0.3 प्रतिशत तक नीचे थे और लगातार चौथे कारोबारी सत्र में कमजोरी की तरफ बढ़ रहे थे।

आज का शेयर बाज़ार 23 जुलाई 2026 में निवेशकों की सबसे बड़ी चिंता कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल रही। ब्रेंट क्रूड एशियाई कारोबार के दौरान 2 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर करीब 96.3 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और प्रमुख समुद्री तेल मार्गों पर जोखिम ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ाई है। भारत बड़े कच्चा तेल आयातक देशों में शामिल है, इसलिए महंगा क्रूड घरेलू अर्थव्यवस्था और बाजार दोनों के लिए दबाव बढ़ा सकता है।

बाजार में कमजोरी केवल चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही। शुरुआती कारोबार में 16 प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स में से 15 गिरावट में थे। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक भी करीब आधा प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहे थे। इससे संकेत मिला कि निवेशकों की सतर्कता व्यापक बाजार में भी दिखाई दे रही है। तेल की तेजी के साथ कंपनियों के तिमाही नतीजों पर भी बाजार की नजर बनी हुई है।

फार्मा सेक्टर में कमजोरी के बीच डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज के शेयर में करीब 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कंपनी के तिमाही प्रदर्शन ने बाजार की उम्मीदों को पूरी तरह उत्साहित नहीं किया। तेल विपणन कंपनी HPCL के शेयर पर भी दबाव रहा और इसमें करीब 3 प्रतिशत की कमजोरी दिखाई दी। ऊंची कच्चे तेल की कीमतें तेल विपणन कंपनियों के लिए अतिरिक्त चिंता पैदा कर सकती हैं।

बैंकिंग शेयरों में भी चुनिंदा कंपनियों पर तेज बिकवाली देखने को मिली। इंडसइंड बैंक का शेयर करीब 6 प्रतिशत गिर गया। बैंक के जून तिमाही मुनाफे में सुधार के बावजूद निवेशकों ने हाल की तेजी के बाद मुनाफावसूली की। पिछले छह सत्रों में शेयर करीब 7.2 प्रतिशत चढ़ चुका था और 17 महीने के ऊंचे स्तर तक पहुंचा था।

आईटी सेक्टर में इंफोसिस के शेयर में करीब 1 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज हुई। सिप्ला और इंडिगो के शेयर भी नीचे रहे, जबकि निवेशक इनके तिमाही नतीजों का इंतजार कर रहे थे। बाजार में इस समय घरेलू कॉरपोरेट नतीजों के साथ वैश्विक घटनाक्रम भी शेयरों की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।

कमजोर बाजार के बीच कुछ शेयरों ने उलटी चाल भी दिखाई। NTPC Green Energy के शेयर में बेहतर तिमाही प्रदर्शन के बाद करीब 7.4 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। दूसरी तरफ कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का फायदा अपस्ट्रीम ऑयल कंपनियों को मिला। ONGC और Oil India के शेयरों में बढ़त दिखाई दी, क्योंकि ऊंची क्रूड कीमतें इन कंपनियों की प्राप्तियों के लिए सकारात्मक मानी जाती हैं।

कच्चे तेल का 96 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंचना भारतीय बाजार के लिए इस समय सबसे अहम जोखिमों में शामिल हो गया है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। ऐसे में लंबे समय तक तेल महंगा रहने पर आयात बिल बढ़ सकता है, महंगाई पर दबाव बन सकता है और चालू खाते पर भी असर पड़ने की आशंका रहती है। कंपनियों की लागत बढ़ने से उनके मार्जिन पर भी दबाव आ सकता है।

तेल की तेजी का असर रुपये पर भी दिखाई दे रहा है। गुरुवार सुबह रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब 96.5350 के स्तर पर था। बाजार में यह धारणा रही कि भारतीय रिजर्व बैंक की संभावित दखल से रुपये को बड़ी गिरावट से कुछ सहारा मिला। महंगा कच्चा तेल डॉलर की मांग बढ़ा सकता है और इससे भारतीय मुद्रा पर अतिरिक्त दबाव बनने की आशंका रहती है।

वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ने की वजह पश्चिम एशिया का तनाव है। लाल सागर में तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने और ईरान पर नए अमेरिकी हमलों के बाद जोखिम की धारणा और मजबूत हुई। प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों पर किसी तरह की लंबी बाधा तेल की सप्लाई को प्रभावित कर सकती है, इसी आशंका से क्रूड की कीमतों में तेजी बनी हुई है।

एक दिन पहले यानी 22 जुलाई को भी भारतीय बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई थी। निफ्टी 0.79 प्रतिशत टूटकर 23,996.25 पर बंद हुआ था, जबकि सेंसेक्स 0.92 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,755.05 पर बंद हुआ। यह दोनों प्रमुख सूचकांकों में लगातार तीसरे कारोबारी दिन की गिरावट थी। बुधवार का नुकसान करीब दो सप्ताह में सबसे बड़ा एकदिनी नुकसान रहा था।

22 जुलाई के कारोबार में वित्तीय, आईटी और फार्मा शेयरों पर खास दबाव रहा था। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी बिकवाली से नहीं बच सके। फार्मा इंडेक्स में 1 प्रतिशत से ज्यादा की कमजोरी आई थी, जबकि वित्तीय और आईटी सेक्टर ने भी प्रमुख सूचकांकों को नीचे खींचा। हालांकि ऑटो सेक्टर में चुनिंदा कंपनियों के बेहतर नतीजों से कुछ खरीदारी देखने को मिली थी।

बुधवार को बजाज ऑटो और TVS Motor के शेयर बेहतर तिमाही मुनाफे के बाद मजबूत हुए थे। इससे ऑटो इंडेक्स को गिरते बाजार में कुछ सहारा मिला। Nestle India के शेयर में भी तेजी रही थी। इसके बावजूद पश्चिम एशिया का तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर व्यापक बाजार धारणा पर भारी पड़ा।

हाल के दिनों में विदेशी निवेशकों के रुख पर भी बाजार की नजर बनी हुई है। जुलाई के शुरुआती हिस्से में विदेशी निवेश भारतीय शेयरों में वापस लौटता दिखाई दिया था। 16 जुलाई तक के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी निवेशकों ने जुलाई में करीब 1.6 अरब डॉलर के भारतीय शेयर खरीदे थे, हालांकि पूरे 2026 में विदेशी निवेशकों की कुल बिकवाली अभी भी काफी बड़ी बनी हुई थी।

कच्चे तेल की चाल ने पिछले कुछ दिनों में बाजार की धारणा तेजी से बदली है। 20 जुलाई को क्रूड करीब 88 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था और कुछ ही दिनों में यह 96 डॉलर के ऊपर पहुंच गया। इस तेज उछाल ने महंगाई, रुपये और कॉरपोरेट लागत को लेकर बाजार की चिंता फिर बढ़ा दी है। खासकर तेल आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्था होने के कारण भारत पर इसका असर दूसरे कई बाजारों के मुकाबले अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।

बाजार में निवेशक अब कच्चे तेल की अगली चाल, पश्चिम एशिया के घटनाक्रम और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर नजर रखे हुए हैं। ऊंचे तेल भाव बने रहने पर ऑयल मार्केटिंग, एविएशन और दूसरे ऊर्जा-निर्भर क्षेत्रों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं तेल उत्पादक कंपनियों को ऊंची कीमतों से फायदा मिलने की संभावना रहती है, जिसकी झलक गुरुवार के कारोबार में ONGC और Oil India में दिखाई दी।

https://www.dainikjagranmpcg.com/business/pressure-in-the-stock-market-sensex-near-76500-nifty-slipped/article-59541

खबरें और भी हैं

शुक्रवार के अचूक उपाय: मां लक्ष्मी की कृपा और शुक्र ग्रह की मजबूती से घर में बरसेगा धन, दूर होगी आर्थिक तंगी

टाप न्यूज

शुक्रवार के अचूक उपाय: मां लक्ष्मी की कृपा और शुक्र ग्रह की मजबूती से घर में बरसेगा धन, दूर होगी आर्थिक तंगी

लाल किताब और ज्योतिष शास्त्र के सिद्ध टोटकों से बदलेगी आपकी किस्मत, जीवन में आएगा सुख, समृद्धि और अपार वैभव...
राशिफल  धर्म  पूजा पाठ 
शुक्रवार के अचूक उपाय: मां लक्ष्मी की कृपा और शुक्र ग्रह की मजबूती से घर में बरसेगा धन, दूर होगी आर्थिक तंगी

टैरो राशिफल 24 जुलाई 2026: 'द सन' और 'द व्हील ऑफ फॉर्च्यून' का संयोग, जानें कार्ड्स से अपनी राशि का भविष्यफल

शुक्रवार के दिन टैरो कार्ड्स के अद्भुत संकेत; मेष और मिथुन के लिए आर्थिक सफलता, जानें सभी 12 राशियों का...
राशिफल  धर्म 
टैरो राशिफल 24 जुलाई 2026: 'द सन' और 'द व्हील ऑफ फॉर्च्यून' का संयोग, जानें कार्ड्स से अपनी राशि का भविष्यफल

आज का पंचांग 24 जुलाई 2026: आषाढ़ शुक्ल दशमी तिथि और अनुराधा नक्षत्र का संयोग, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त

शुक्रवार के दिन सर्वार्थ सिद्धि और रवि योग में पूजा का विशेष महत्व; राहुकाल और चौघड़िया का पूरा ब्योरा
राशिफल  धर्म 
आज का पंचांग 24 जुलाई 2026: आषाढ़ शुक्ल दशमी तिथि और अनुराधा नक्षत्र का संयोग, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त

आज का राशिफल 24 जुलाई 2026: आषाढ़ शुक्ल एकादशी और वृश्चिक चंद्रमा का संयोग, जानें सभी 12 राशियों का भविष्यफल

माँ लक्ष्मी और चंद्र-मंगल योग की विशेष कृपा से बदलेंगे इन राशियों के सितारे; करियर, व्यापार और सेहत का पूरा...
राशिफल  धर्म 
आज का राशिफल 24 जुलाई 2026: आषाढ़ शुक्ल एकादशी और वृश्चिक चंद्रमा का संयोग, जानें सभी 12 राशियों का भविष्यफल

बिजनेस

शेयर बाजार में दबाव: सेंसेक्स 76,500 के करीब, निफ्टी 23,950 से नीचे फिसला शेयर बाजार में दबाव: सेंसेक्स 76,500 के करीब, निफ्टी 23,950 से नीचे फिसला
कच्चे तेल में तेज उछाल और पश्चिम एशिया के बढ़ते तनाव से निवेशकों में सतर्कता; बैंकिंग-फार्मा शेयरों पर दबाव, ऊंची...
अडाणी एनर्जी का मुनाफा 124% बढ़ा, पहली तिमाही में ₹1,149 करोड़ पहुंचा
मारुति की कारें अगस्त से होंगी महंगी, ₹30,000 तक बढ़ेंगे दाम: इंडिगो ने बनाया नया रिकॉर्ड, सिट्रोएन ने लॉन्च किया बेसाल्ट X कम्फर्ट एडिशन
शेयर बाजार की सपाट शुरुआत, सेंसेक्स-निफ्टी पर वैश्विक तनाव का असर; कच्चे तेल और बिटकॉइन पर भी नजर
सरकार का बड़ा बयान: E20 पेट्रोल से इंजन पर असर नहीं, LTCG टैक्स में राहत का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं
Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.