- Hindi News
- बिजनेस
- विप्रो का मुनाफा घटा, चौथी तिमाही में ₹3502 करोड़; ₹15,000 करोड़ का शेयर बायबैक करेगी कंपनी
विप्रो का मुनाफा घटा, चौथी तिमाही में ₹3502 करोड़; ₹15,000 करोड़ का शेयर बायबैक करेगी कंपनी
बिजनेस न्यूज
रेवेन्यू में सालाना बढ़ोतरी के बावजूद प्रॉफिट में गिरावट, निवेशकों को आकर्षित करने के लिए प्रीमियम पर बायबैक का ऐलान
आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Wipro ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 1.87% घटकर 3,502 करोड़ रुपए रहा है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 3,569 करोड़ रुपए था। हालांकि तिमाही आधार पर कंपनी ने सुधार दर्ज किया है और दिसंबर तिमाही के 3,119 करोड़ रुपए के मुकाबले करीब 12% की बढ़ोतरी हुई है।
कंपनी ने 16 अप्रैल को जारी अपने वित्तीय परिणामों में बताया कि मार्च तिमाही में कुल राजस्व 24,236 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के 22,504 करोड़ रुपए की तुलना में लगभग 8% अधिक है। वहीं, पिछली तिमाही की तुलना में राजस्व में करीब 3% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह संकेत देता है कि मांग में स्थिरता बनी हुई है, लेकिन लाभप्रदता पर दबाव बना हुआ है।
बायबैक से निवेशकों को मिलेगा प्रीमियम
कंपनी के बोर्ड ने 15,000 करोड़ रुपए के शेयर बायबैक को मंजूरी दी है। इसके तहत कंपनी अपने शेयर 250 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से खरीदेगी। यह कीमत बाजार भाव से करीब 19% अधिक है, क्योंकि बीएसई पर शेयर का बंद भाव 210.20 रुपए था। इस कदम का उद्देश्य निवेशकों को आकर्षित करना और शेयरधारकों को बेहतर रिटर्न देना माना जा रहा है।
विप्रो कुल 60 करोड़ शेयर वापस खरीदेगी, जो कंपनी की कुल इक्विटी का लगभग 5.7% हिस्सा है। हालांकि, इस प्रस्ताव को लागू करने से पहले शेयरधारकों की मंजूरी आवश्यक होगी। इसके बाद रिकॉर्ड डेट तय की जाएगी, जिसके आधार पर पात्र निवेशकों को बायबैक का लाभ मिलेगा।
क्या है बायबैक और क्यों करती हैं कंपनियां
शेयर बायबैक वह प्रक्रिया है जिसमें कंपनी अपने ही शेयर बाजार से वापस खरीदती है। आमतौर पर यह तब किया जाता है जब कंपनी के पास अतिरिक्त नकदी होती है। इससे बाजार में उपलब्ध शेयरों की संख्या घटती है और प्रति शेयर आय (EPS) में सुधार होता है। साथ ही प्रमोटरों की हिस्सेदारी भी बढ़ सकती है।
विप्रो एक प्रमुख वैश्विक टेक्नोलॉजी सर्विसेज और कंसल्टिंग कंपनी है, जिसकी मौजूदगी 65 से अधिक देशों में है। कंपनी ने अपने पारंपरिक कारोबार से आगे बढ़कर आईटी सेवाओं में मजबूत पहचान बनाई है और यह भारतीय आईटी सेक्टर की प्रमुख कंपनियों में शामिल है।
कुल मिलाकर, ताजा परिणामों में रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद मुनाफे में गिरावट यह संकेत देती है कि कंपनी को लागत नियंत्रण और मार्जिन सुधार पर अधिक ध्यान देना होगा।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
विप्रो का मुनाफा घटा, चौथी तिमाही में ₹3502 करोड़; ₹15,000 करोड़ का शेयर बायबैक करेगी कंपनी
बिजनेस न्यूज
आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Wipro ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 1.87% घटकर 3,502 करोड़ रुपए रहा है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 3,569 करोड़ रुपए था। हालांकि तिमाही आधार पर कंपनी ने सुधार दर्ज किया है और दिसंबर तिमाही के 3,119 करोड़ रुपए के मुकाबले करीब 12% की बढ़ोतरी हुई है।
कंपनी ने 16 अप्रैल को जारी अपने वित्तीय परिणामों में बताया कि मार्च तिमाही में कुल राजस्व 24,236 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के 22,504 करोड़ रुपए की तुलना में लगभग 8% अधिक है। वहीं, पिछली तिमाही की तुलना में राजस्व में करीब 3% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह संकेत देता है कि मांग में स्थिरता बनी हुई है, लेकिन लाभप्रदता पर दबाव बना हुआ है।
बायबैक से निवेशकों को मिलेगा प्रीमियम
कंपनी के बोर्ड ने 15,000 करोड़ रुपए के शेयर बायबैक को मंजूरी दी है। इसके तहत कंपनी अपने शेयर 250 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से खरीदेगी। यह कीमत बाजार भाव से करीब 19% अधिक है, क्योंकि बीएसई पर शेयर का बंद भाव 210.20 रुपए था। इस कदम का उद्देश्य निवेशकों को आकर्षित करना और शेयरधारकों को बेहतर रिटर्न देना माना जा रहा है।
विप्रो कुल 60 करोड़ शेयर वापस खरीदेगी, जो कंपनी की कुल इक्विटी का लगभग 5.7% हिस्सा है। हालांकि, इस प्रस्ताव को लागू करने से पहले शेयरधारकों की मंजूरी आवश्यक होगी। इसके बाद रिकॉर्ड डेट तय की जाएगी, जिसके आधार पर पात्र निवेशकों को बायबैक का लाभ मिलेगा।
क्या है बायबैक और क्यों करती हैं कंपनियां
शेयर बायबैक वह प्रक्रिया है जिसमें कंपनी अपने ही शेयर बाजार से वापस खरीदती है। आमतौर पर यह तब किया जाता है जब कंपनी के पास अतिरिक्त नकदी होती है। इससे बाजार में उपलब्ध शेयरों की संख्या घटती है और प्रति शेयर आय (EPS) में सुधार होता है। साथ ही प्रमोटरों की हिस्सेदारी भी बढ़ सकती है।
विप्रो एक प्रमुख वैश्विक टेक्नोलॉजी सर्विसेज और कंसल्टिंग कंपनी है, जिसकी मौजूदगी 65 से अधिक देशों में है। कंपनी ने अपने पारंपरिक कारोबार से आगे बढ़कर आईटी सेवाओं में मजबूत पहचान बनाई है और यह भारतीय आईटी सेक्टर की प्रमुख कंपनियों में शामिल है।
कुल मिलाकर, ताजा परिणामों में रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद मुनाफे में गिरावट यह संकेत देती है कि कंपनी को लागत नियंत्रण और मार्जिन सुधार पर अधिक ध्यान देना होगा।
