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भारत अब टेक्नोलॉजी मार्केट नहीं, मेकर बन रहा: ज्योतिरादित्य सिंधिया
Digital Desk
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत अब केवल टेक्नोलॉजी का बाजार नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी निर्माता, प्लेटफॉर्म बिल्डर और वैश्विक मानक तय करने वाला देश बन रहा है।
भारत अब केवल टेक्नोलॉजी का बड़ा बाजार नहीं रह गया है, बल्कि तेजी से टेक्नोलॉजी मेकर, डिजिटल प्लेटफॉर्म बिल्डर और वैश्विक मानक तैयार करने वाले देश के रूप में उभर रहा है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुंबई में आयोजित Global Fintech Festival 2026 में यह बात कही।
सिंधिया ने कहा कि भारत के टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम में सेवाओं पर आधारित मॉडल से आगे बढ़कर उत्पाद, प्लेटफॉर्म और स्वदेशी तकनीक विकसित करने की दिशा में बदलाव दिखाई दे रहा है। उन्होंने भारत की फिनटेक और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को इस बदलाव का प्रमुख उदाहरण बताया।
उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 5G, 6G और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के साथ भारत की तकनीकी महत्वाकांक्षाएं अब घरेलू जरूरतों से आगे वैश्विक स्तर तक पहुंच रही हैं।
मार्केट से टेक्नोलॉजी मेकर बन रहा भारत
सिंधिया के अनुसार भारत की तकनीकी यात्रा में बड़ा बदलाव आया है।
भारत अब सिर्फ एक बड़े उपभोक्ता बाजार के रूप में अपनी पहचान बनाने के बजाय ऐसी तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने की दिशा में बढ़ रहा है, जिनका इस्तेमाल देश के साथ-साथ दुनिया के अन्य हिस्सों में भी किया जा सके।
उन्होंने इस बदलाव को UPI और India Stack जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार से जोड़ा। मंत्री ने कहा कि भारत का लक्ष्य देश में इनोवेशन, निर्माण और स्केलिंग करना तथा सुरक्षित तरीके से वैश्विक बाजारों की सेवा करना होना चाहिए।
UPI बना डिजिटल पेमेंट की ताकत
भारत के फिनटेक विस्तार का उल्लेख करते हुए सिंधिया ने UPI की तेज वृद्धि को डिजिटल टेक्नोलॉजी की सफलता का उदाहरण बताया।
उन्होंने कहा कि UPI सालाना 240 अरब से अधिक लेनदेन प्रोसेस करता है और करीब 4 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य के लेनदेन संभालता है।
सिंधिया के मुताबिक UPI अब नौ देशों तक पहुंच चुका है और भारत इसे लगभग 20 अन्य देशों तक ले जाने की दिशा में काम कर रहा है।
उनके अनुसार भारत में विकसित डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार किया जाना इस बात का उदाहरण है कि देश में तैयार की गई तकनीक वैश्विक उपयोगिता हासिल कर सकती है।
टेलीकॉम नेटवर्क बना डिजिटल आधार
सिंधिया ने कहा कि भारत की फिनटेक क्रांति को देश के तेजी से विस्तार करते टेलीकॉम नेटवर्क से अलग करके नहीं देखा जा सकता।
उन्होंने मोबाइल फोन को तेजी से “नई बैंक शाखा” की तरह विकसित होते डिजिटल माध्यम के रूप में बताया। उनके अनुसार टेलीकॉम नेटवर्क वह बुनियादी ढांचा बन गया है, जिसके जरिए वित्तीय सेवाएं बड़ी आबादी तक पहुंच रही हैं।
उन्होंने 5G, BharatNet, Aadhaar, UPI, fintech और artificial intelligence के बीच बढ़ते तालमेल को भारत की अगली डिजिटल वित्तीय अर्थव्यवस्था की नींव बताया।
6G में वैश्विक नेतृत्व का लक्ष्य
सिंधिया ने अगली पीढ़ी की मोबाइल तकनीक को लेकर भारत की महत्वाकांक्षा भी सामने रखी।
उन्होंने कहा कि 4G के दौर में भारत पीछे था, लेकिन 5G के दौरान उसने तेजी से अंतर कम किया और अब 6G में वैश्विक नेतृत्व हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि Bharat 6G Alliance अंतरराष्ट्रीय तकनीकी मानकों में भारत की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।
स्वदेशी टेलीकॉम तकनीक विकसित करने और वैश्विक मानकों के निर्माण में भारत की भूमिका बढ़ाने को सरकार की डिजिटल रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
AI और फिनटेक का बढ़ता तालमेल
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले समय में भारत के वित्तीय तकनीकी क्षेत्र को तेजी से बदल सकता है।
सिंधिया ने connectivity, compute और trust को AI आधारित वित्तीय अर्थव्यवस्था की नई डिजिटल नींव बताया। उनके अनुसार AI के इस्तेमाल से वित्तीय संस्थान तेजी से क्रेडिट आकलन, व्यक्तिगत सेवाएं और रियल-टाइम फ्रॉड डिटेक्शन जैसी सुविधाएं विकसित कर सकते हैं।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऑटोमेशन के बढ़ते इस्तेमाल के साथ डिजिटल पहचान और वित्तीय लेनदेन की सुरक्षा के लिए मजबूत सुरक्षा उपाय जरूरी होंगे।
डिजिटल फ्रॉड रोकने पर जोर
सिंधिया ने कहा कि डिजिटल वित्तीय सुरक्षा का दृष्टिकोण केवल फ्रॉड होने के बाद उसकी पहचान करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने संदिग्ध लेनदेन की पहले से पहचान और रोकथाम की आवश्यकता पर जोर दिया। इस संदर्भ में उन्होंने Financial Fraud Risk Indicator (FFRI) का उल्लेख किया, जिसका उद्देश्य संभावित जोखिमों की पहचान और वित्तीय व्यवस्था के विभिन्न हिस्सों के बीच बेहतर समन्वय में मदद करना है।
डिजिटल पेमेंट और AI आधारित वित्तीय सेवाओं के विस्तार के साथ भरोसा और सुरक्षा आने वाले समय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
भारत से दुनिया तक पहुंचने की तैयारी
सिंधिया के बयान से भारत की व्यापक डिजिटल रणनीति की दिशा भी स्पष्ट होती है। सरकार देश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक टेक्नोलॉजी नेतृत्व की नींव के रूप में विकसित करने पर जोर दे रही है।
तेजी से बढ़ता 5G नेटवर्क, स्वदेशी टेलीकॉम तकनीक, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और फिनटेक इकोसिस्टम भारत की अगली आर्थिक और तकनीकी विकास यात्रा के प्रमुख आधार बन रहे हैं।
सिंधिया पहले भी कह चुके हैं कि भारत की टेलीकॉम यात्रा अब अगले एक अरब लोगों को जोड़ने से आगे बढ़कर अगले एक अरब अवसर पैदा करने की दिशा में जा रही है।
अब सरकार का व्यापक लक्ष्य ऐसी तकनीक और वैश्विक मानक भारत में विकसित करना है, जिन्हें दुनिया के अलग-अलग बाजारों में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा सके।
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