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सचिन पायलट बने पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी, 2027 चुनाव से पहले गुटबाजी खत्म करने की बड़ी चुनौती
Digital Desk
कांग्रेस हाईकमान ने भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को पंजाब का AICC महासचिव प्रभारी बनाया है।
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस ने राज्य संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए राजस्थान के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को पंजाब का नया AICC महासचिव प्रभारी नियुक्त किया है। पायलट ने भूपेश बघेल की जगह ली है, जिन्हें अब असम का प्रभारी बनाया गया है। कांग्रेस हाईकमान का यह फैसला पंजाब इकाई में लंबे समय से चल रही गुटबाजी के बीच आया है।
कांग्रेस महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी आदेश में कई राज्यों के प्रभारियों में बदलाव की जानकारी दी गई। पायलट की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू की गई है। पंजाब के साथ-साथ पार्टी ने गुजरात, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के प्रभारियों में भी बदलाव किया है।
पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी बड़ी चुनौती
पंजाब में कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठन के भीतर नेताओं के बीच जारी मतभेद हैं। राज्य कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के खेमों के बीच लंबे समय से राजनीतिक खींचतान चल रही है।
चन्नी खेमे की ओर से वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने की मांग भी सामने आई थी। इस विवाद को सुलझाने की कोशिशों के बीच भूपेश बघेल की भूमिका पर भी सवाल उठे थे। पार्टी के कुछ नेताओं ने उन पर वड़िंग के पक्ष में झुकाव का आरोप लगाया था, हालांकि ये राजनीतिक आरोप थे। पायलट को अपेक्षाकृत संतुलित चेहरा माना जा रहा है। उनके सामने अब दोनों खेमों के नेताओं को साथ लेकर चलने और पार्टी संगठन में अनुशासन बनाए रखने की चुनौती होगी।
चुनाव से पहले संगठन को एकजुट करने की कोशिश
पंजाब में विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। ऐसे में कांग्रेस के लिए यह बदलाव केवल संगठनात्मक नियुक्ति नहीं, बल्कि चुनावी रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी को सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के खिलाफ मजबूत चुनौती तैयार करनी है और इसके लिए राज्य संगठन में एकजुटता जरूरी होगी। पायलट ने अपनी नई जिम्मेदारी संभालने के बाद पार्टी के सभी नेताओं को साथ लेकर चलने पर जोर दिया है। उनका संदेश है कि पंजाब कांग्रेस के सभी नेता पार्टी के भविष्य में हिस्सेदार हैं और उन्हें मिलकर संगठन को मजबूत करना चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पायलट की नियुक्ति का स्वागत करते हुए इसे पार्टी के लिए नई उम्मीद बताया है। वहीं राजा वड़िंग ने भी पायलट का स्वागत किया और उनके अनुभव तथा ऊर्जा से पार्टी को फायदा मिलने की बात कही।
मुख्यमंत्री चेहरे पर भी स्थिति स्पष्ट
पायलट ने यह संकेत दिया है कि कांग्रेस पंजाब चुनाव में किसी एक नेता को मुख्यमंत्री पद के चेहरे के तौर पर पहले से प्रोजेक्ट नहीं करेगी। उनके मुताबिक पार्टी सामूहिक नेतृत्व के साथ चुनाव लड़ेगी और राहुल गांधी केंद्रीय चुनावी चेहरा होंगे। अब पायलट के सामने सबसे अहम काम पार्टी के अलग-अलग शक्ति केंद्रों के बीच समन्वय बनाना, संगठन को सक्रिय करना और टिकट वितरण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर नेताओं को साथ रखना होगा। पंजाब में कांग्रेस की पिछली चुनावी स्थिति को देखते हुए हाईकमान के लिए आंतरिक एकता इस बार अहम प्राथमिकता है।
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