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दैनिक पंचांग 10 जुलाई 2026: योगिनी एकादशी का विशेष संयोग, जानें आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल और ग्रहों की चाल
राशिफल
आषाढ़ कृष्ण पक्ष की दशमी और एकादशी तिथि के मिलन से बना कल्याणकारी योग, शुक्रवार को लक्ष्मी नारायण की पूजा से दूर होंगे सारे कष्ट
10 जुलाई 2026 को सूर्य देव मिथुन राशि में गोचर कर रहे हैं। वहीं, चंद्रमा आज मेष राशि में संचार करेंगे और दोपहर 01:15 के बाद वृषभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। नक्षत्रों की बात करें तो आज दोपहर 01:15 तक भरणी नक्षत्र रहेगा और उसके बाद कृत्तिका नक्षत्र लग जाएगा। धृति योग सुबह 07:15 तक रहेगा, जिसके बाद शूल योग का आरंभ होगा। आज विष्टि करण सुबह 08:16 तक रहेगा और फिर बव करण प्रभावी होगा। इस प्रकार की ग्रह स्थिति धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों के लिए विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है।
सूर्योदय, चंद्रोदय और समय की सटीक गणना (10 जुलाई 2026)
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सूर्योदय: सुबह 05:31 बजे
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सूर्यास्त: शाम 07:22 बजे
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चन्द्रोदय: रात 01:01 बजे (11 जुलाई की रात)
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चन्द्रास्त: दोपहर 03:13 बजे
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शक संवत: 1948 (क्रोधी)
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विक्रम संवत: 2083
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अयन: उत्तरायण
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ऋतु: वर्षा ऋतु
आज के शुभ मुहूर्त (इन समयों में करें मांगलिक कार्य)
वैदिक ज्योतिष में शुभ मुहूर्तों में किया गया कार्य हमेशा बिना किसी बाधा के पूरा होता है। आज के प्रमुख शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
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अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:58 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक। यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है, इसमें किसी भी नए काम की शुरुआत की जा सकती है।
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ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:54 बजे से सुबह 05:26 बजे तक। यह समय आत्म-चिंतन, ईश्वर की आराधना और मंत्र जाप के लिए सर्वश्रेष्ठ है।
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विजय मुहूर्त: शाम 04:35 बजे से शाम 05:39 बजे तक। किसी प्रतियोगिता या विवाद को सुलझाने के लिए यह मुहूर्त सर्वोत्तम माना जाता है।
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गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:59 बजे से शाम 07:23 बजे तक। इस समय घर में दीप प्रज्वलित करना और संध्या आरती करना भाग्य को जगाता है।
आज का अशुभ समय और राहुकाल (महत्वपूर्ण कार्य टालें)
शास्त्रों के अनुसार, अशुभ समय में शुरू किए गए कार्यों में रुकावटें आने की संभावना रहती है। राहुकाल के दौरान विशेष रूप से किसी भी नए व्यापार, लेन-देन या यात्रा की शुरुआत नहीं करनी चाहिए।
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राहुकाल: सुबह 10:42 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक। इस डेढ़ घंटे की अवधि में कोई भी मांगलिक कार्य न करें।
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यमगण्ड: दोपहर 03:51 बजे से शाम 05:34 बजे तक।
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गुलिक काल: सुबह 07:17 बजे से सुबह 09:00 बजे तक।
योगिनी एकादशी का महत्व और आज के विशेष उपाय
आज १० जुलाई २०२६ को आषाढ़ कृष्ण पक्ष की योगिनी एकादशी का व्रत रखा जा रहा है। शास्त्रों के अनुसार, योगिनी एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के जाने-अनजाने में किए गए सभी पापों का नाश होता है और उसे ८८ हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर पुण्य मिलता है। यह व्रत व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक व्याधियों से मुक्ति दिलाकर मोक्ष की ओर ले जाता है।
आज किए जाने वाले चमत्कारी उपाय:
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विष्णु सहस्रनाम का पाठ: आज एकादशी तिथि के कारण भगवान विष्णु को पीले फूल, पीले फल और तुलसी दल अर्पित करें। विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से आर्थिक तंगी दूर होती है।
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लक्ष्मी माता की आराधना: शुक्रवार का दिन होने से आज शाम के समय मुख्य द्वार पर गाय के घी का दीपक जलाएं और "ॐ श्रीं ह्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः" मंत्र का जाप करें। इससे घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती।
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तुलसी पूजा: आज शाम को तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक अवश्य जलाएं और उनकी परिक्रमा करें, लेकिन एकादशी तिथि होने के कारण आज तुलसी के पत्तों को बिल्कुल न छुएं और न ही जल अर्पित करें।
इस प्रकार, पंचांग के नियमों और मुहूर्तों का पालन करके आप अपने दिन को सफल और सकारात्मक बना सकते हैं
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दैनिक पंचांग 10 जुलाई 2026: योगिनी एकादशी का विशेष संयोग, जानें आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल और ग्रहों की चाल
राशिफल
10 जुलाई 2026 को सूर्य देव मिथुन राशि में गोचर कर रहे हैं। वहीं, चंद्रमा आज मेष राशि में संचार करेंगे और दोपहर 01:15 के बाद वृषभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। नक्षत्रों की बात करें तो आज दोपहर 01:15 तक भरणी नक्षत्र रहेगा और उसके बाद कृत्तिका नक्षत्र लग जाएगा। धृति योग सुबह 07:15 तक रहेगा, जिसके बाद शूल योग का आरंभ होगा। आज विष्टि करण सुबह 08:16 तक रहेगा और फिर बव करण प्रभावी होगा। इस प्रकार की ग्रह स्थिति धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों के लिए विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है।
सूर्योदय, चंद्रोदय और समय की सटीक गणना (10 जुलाई 2026)
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सूर्योदय: सुबह 05:31 बजे
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सूर्यास्त: शाम 07:22 बजे
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चन्द्रोदय: रात 01:01 बजे (11 जुलाई की रात)
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चन्द्रास्त: दोपहर 03:13 बजे
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शक संवत: 1948 (क्रोधी)
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विक्रम संवत: 2083
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अयन: उत्तरायण
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ऋतु: वर्षा ऋतु
आज के शुभ मुहूर्त (इन समयों में करें मांगलिक कार्य)
वैदिक ज्योतिष में शुभ मुहूर्तों में किया गया कार्य हमेशा बिना किसी बाधा के पूरा होता है। आज के प्रमुख शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
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अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:58 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक। यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है, इसमें किसी भी नए काम की शुरुआत की जा सकती है।
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ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:54 बजे से सुबह 05:26 बजे तक। यह समय आत्म-चिंतन, ईश्वर की आराधना और मंत्र जाप के लिए सर्वश्रेष्ठ है।
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विजय मुहूर्त: शाम 04:35 बजे से शाम 05:39 बजे तक। किसी प्रतियोगिता या विवाद को सुलझाने के लिए यह मुहूर्त सर्वोत्तम माना जाता है।
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गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:59 बजे से शाम 07:23 बजे तक। इस समय घर में दीप प्रज्वलित करना और संध्या आरती करना भाग्य को जगाता है।
आज का अशुभ समय और राहुकाल (महत्वपूर्ण कार्य टालें)
शास्त्रों के अनुसार, अशुभ समय में शुरू किए गए कार्यों में रुकावटें आने की संभावना रहती है। राहुकाल के दौरान विशेष रूप से किसी भी नए व्यापार, लेन-देन या यात्रा की शुरुआत नहीं करनी चाहिए।
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राहुकाल: सुबह 10:42 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक। इस डेढ़ घंटे की अवधि में कोई भी मांगलिक कार्य न करें।
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यमगण्ड: दोपहर 03:51 बजे से शाम 05:34 बजे तक।
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गुलिक काल: सुबह 07:17 बजे से सुबह 09:00 बजे तक।
योगिनी एकादशी का महत्व और आज के विशेष उपाय
आज १० जुलाई २०२६ को आषाढ़ कृष्ण पक्ष की योगिनी एकादशी का व्रत रखा जा रहा है। शास्त्रों के अनुसार, योगिनी एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के जाने-अनजाने में किए गए सभी पापों का नाश होता है और उसे ८८ हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर पुण्य मिलता है। यह व्रत व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक व्याधियों से मुक्ति दिलाकर मोक्ष की ओर ले जाता है।
आज किए जाने वाले चमत्कारी उपाय:
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विष्णु सहस्रनाम का पाठ: आज एकादशी तिथि के कारण भगवान विष्णु को पीले फूल, पीले फल और तुलसी दल अर्पित करें। विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से आर्थिक तंगी दूर होती है।
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लक्ष्मी माता की आराधना: शुक्रवार का दिन होने से आज शाम के समय मुख्य द्वार पर गाय के घी का दीपक जलाएं और "ॐ श्रीं ह्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः" मंत्र का जाप करें। इससे घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती।
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तुलसी पूजा: आज शाम को तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक अवश्य जलाएं और उनकी परिक्रमा करें, लेकिन एकादशी तिथि होने के कारण आज तुलसी के पत्तों को बिल्कुल न छुएं और न ही जल अर्पित करें।
इस प्रकार, पंचांग के नियमों और मुहूर्तों का पालन करके आप अपने दिन को सफल और सकारात्मक बना सकते हैं
