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आज का पंचांग 28 जुलाई 2026: आषाढ़ शुक्ल चतुर्दशी पर पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल
राशिफल
मंगलवार को बन रहे हैं विशेष योग, किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले नोट करें आज का पंचांग और ग्रह स्थिति
दिन मंगलवार का पंचांग धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दिन आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है, जो पूर्णिमा तिथि से ठीक एक दिन पहले आती है। आइए जानते हैं आज के सूर्योदय, सूर्यास्त, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और ग्रह नक्षत्रों की पूरी स्थिति।
1. तिथि, नक्षत्र और योग की स्थिति
28 जुलाई 2026 को आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि शाम 06:19 बजे तक रहेगी। इसके बाद पूर्णिमा तिथि प्रारंभ हो जाएगी। नक्षत्रों की बात करें तो दोपहर 01:11 बजे तक पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र रहेगा, जिसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र की शुरुआत होगी। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी शुक्र और उत्तराषाढ़ा का स्वामी सूर्य ग्रह माना जाता है।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, आज रात्रि 11:34 बजे तक विष्कुंभ योग रहेगा। विष्कुंभ योग को सामान्यतः शुभ कार्यों के लिए थोड़ा सावधानी बरतने वाला माना जाता है, इसलिए महत्वपूर्ण कार्यों में जल्दबाजी से बचना चाहिए। करण की दृष्टि से शाम 06:19 बजे तक वणिज करण रहेगा, इसके पश्चात विष्टि (भद्रा) करण लगेगा।
2. सूर्य और चंद्रमा का गोचर (ग्रह स्थिति)
आज के दिन ग्रहों के राजा सूर्यदेव कर्क राशि में विराजमान रहेंगे। वहीं, चंद्रदेव धनु राशि में संचार करेंगे, जिसके स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं। धनु राशि में चंद्रमा की उपस्थिति से साधकों का मन धार्मिक कार्यों में अधिक लगेगा और निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होगी।
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विक्रम संवत्: 2083
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शक संवत्: 1948 (पराभव)
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अयन: दक्षिणायन
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ऋतु: वर्षा ऋतु
3. आज का शुभ और अशुभ मुहूर्त समय
हिंदू धर्म में मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में शुरू किया गया कार्य बिना किसी विघ्न-बाधा के संपन्न होता है। वहीं, राहुकाल जैसे अशुभ समय में नया कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।
| समय का प्रकार | समय सीमा (लगभग) |
| सूर्योदय | प्रातः 05:40 बजे |
| सूर्यास्त | सायंकाल 07:15 बजे |
| अभिजीत मुहूर्त (अति शुभ) | दोपहर 12:00 बजे से 12:53 बजे तक |
| ब्रह्म मुहूर्त | प्रातः 04:46 बजे से 05:30 बजे तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02:55 बजे से 03:47 बजे तक |
| गोधूलि मुहूर्त | सायंकाल 07:16 बजे से 07:38 बजे तक |
| राहुकाल (अशुभ समय) | दोपहर 03:51 बजे से शाम 05:33 बजे तक |
| यमगण्ड काल | प्रातः 09:04 बजे से 10:46 बजे तक |
दिशाशूल चेतावनी: मंगलवार के दिन उत्तर दिशा में दिशाशूल माना जाता है। इसलिए इस दिशा में अनावश्यक यात्रा करने से बचें। यदि यात्रा बहुत जरूरी हो, तो घर से गुड़ या नारियल खाकर निकलें।
4. धार्मिक महत्व एवं आज का विशेष उपाय
मंगलवार का दिन पवनपुत्र हनुमान जी और मंगल ग्रह की उपासना को समर्पित होता है। आषाढ़ शुक्ल चतुर्दशी तिथि और मंगलवार का यह अद्भुत संयोग साधकों को विशेष फल प्रदान करता है। इस दिन सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ करने से जीवन के सभी शारीरिक, मानसिक और आर्थिक कष्टों से मुक्ति मिलती है।
यदि आपकी कुंडली में मंगल दोष है या कार्यों में बार-बार बाधाएं आ रही हैं, तो आज के दिन हनुमान जी को लाल सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें। संध्या के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने से भी ग्रह पीड़ा से राहत मिलती है।
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आज का पंचांग 28 जुलाई 2026: आषाढ़ शुक्ल चतुर्दशी पर पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल
राशिफल
दिन मंगलवार का पंचांग धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दिन आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है, जो पूर्णिमा तिथि से ठीक एक दिन पहले आती है। आइए जानते हैं आज के सूर्योदय, सूर्यास्त, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और ग्रह नक्षत्रों की पूरी स्थिति।
1. तिथि, नक्षत्र और योग की स्थिति
28 जुलाई 2026 को आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि शाम 06:19 बजे तक रहेगी। इसके बाद पूर्णिमा तिथि प्रारंभ हो जाएगी। नक्षत्रों की बात करें तो दोपहर 01:11 बजे तक पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र रहेगा, जिसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र की शुरुआत होगी। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी शुक्र और उत्तराषाढ़ा का स्वामी सूर्य ग्रह माना जाता है।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, आज रात्रि 11:34 बजे तक विष्कुंभ योग रहेगा। विष्कुंभ योग को सामान्यतः शुभ कार्यों के लिए थोड़ा सावधानी बरतने वाला माना जाता है, इसलिए महत्वपूर्ण कार्यों में जल्दबाजी से बचना चाहिए। करण की दृष्टि से शाम 06:19 बजे तक वणिज करण रहेगा, इसके पश्चात विष्टि (भद्रा) करण लगेगा।
2. सूर्य और चंद्रमा का गोचर (ग्रह स्थिति)
आज के दिन ग्रहों के राजा सूर्यदेव कर्क राशि में विराजमान रहेंगे। वहीं, चंद्रदेव धनु राशि में संचार करेंगे, जिसके स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं। धनु राशि में चंद्रमा की उपस्थिति से साधकों का मन धार्मिक कार्यों में अधिक लगेगा और निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होगी।
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विक्रम संवत्: 2083
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शक संवत्: 1948 (पराभव)
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अयन: दक्षिणायन
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ऋतु: वर्षा ऋतु
3. आज का शुभ और अशुभ मुहूर्त समय
हिंदू धर्म में मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में शुरू किया गया कार्य बिना किसी विघ्न-बाधा के संपन्न होता है। वहीं, राहुकाल जैसे अशुभ समय में नया कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।
| समय का प्रकार | समय सीमा (लगभग) |
| सूर्योदय | प्रातः 05:40 बजे |
| सूर्यास्त | सायंकाल 07:15 बजे |
| अभिजीत मुहूर्त (अति शुभ) | दोपहर 12:00 बजे से 12:53 बजे तक |
| ब्रह्म मुहूर्त | प्रातः 04:46 बजे से 05:30 बजे तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02:55 बजे से 03:47 बजे तक |
| गोधूलि मुहूर्त | सायंकाल 07:16 बजे से 07:38 बजे तक |
| राहुकाल (अशुभ समय) | दोपहर 03:51 बजे से शाम 05:33 बजे तक |
| यमगण्ड काल | प्रातः 09:04 बजे से 10:46 बजे तक |
दिशाशूल चेतावनी: मंगलवार के दिन उत्तर दिशा में दिशाशूल माना जाता है। इसलिए इस दिशा में अनावश्यक यात्रा करने से बचें। यदि यात्रा बहुत जरूरी हो, तो घर से गुड़ या नारियल खाकर निकलें।
4. धार्मिक महत्व एवं आज का विशेष उपाय
मंगलवार का दिन पवनपुत्र हनुमान जी और मंगल ग्रह की उपासना को समर्पित होता है। आषाढ़ शुक्ल चतुर्दशी तिथि और मंगलवार का यह अद्भुत संयोग साधकों को विशेष फल प्रदान करता है। इस दिन सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ करने से जीवन के सभी शारीरिक, मानसिक और आर्थिक कष्टों से मुक्ति मिलती है।
यदि आपकी कुंडली में मंगल दोष है या कार्यों में बार-बार बाधाएं आ रही हैं, तो आज के दिन हनुमान जी को लाल सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें। संध्या के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने से भी ग्रह पीड़ा से राहत मिलती है।
