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सद्गुरु जग्गी वासुदेव के प्रमुख विचार और जीवन मंत्र
जीवन के मंत्र
सद्गुरु जग्गी वासुदेव के अनमोल विचार और जीवन मंत्र: आनंद, जिम्मेदारी और जागरूकता के माध्यम से जीवन को संतुलित और सफल बनाने के उपाय
सद्गुरु के विचार मुख्य रूप से जीवन को आनंदमय, जागरूक और जिम्मेदारी से जीने पर केंद्रित हैं। वे आंतरिक इंजीनियरिंग (Inner Engineering), प्रेम, योग और व्यक्तिगत रूपांतरण के माध्यम से स्वयं को सुधारने की सलाह देते हैं। उनका मानना है कि आनंद आपका स्वभाव है, मंजिल नहीं।
जीवन का आनंद "अपने आनंद को बाद के लिए बचाकर न रखें। जब आप आनंदित होते हैं, तो आपका पूरा जीवन एक उत्सव बन जाता है।"
जिम्मेदारी "कर्म का अर्थ है जिम्मेदारी को स्वर्ग से हटाकर अपने ऊपर ले लेना। इस तरह आप स्वयं अपने भाग्य के निर्माता बन जाते हैं।"
डर और चेतना "डर अचेतन होने का परिणाम है। केवल सचेतन होकर ही हम सही मायनों में जीवन का निर्माण कर सकते हैं।"
सफलता "असफल होने का जोखिम उठाकर ही सफल हुआ जा सकता है। इसलिए कोशिश करते रहें, तभी सफलता मिलेगी।"
सुख-दुख "जब आप अपने और अपने शरीर/मन के बीच दूरी बना लेते हैं, वहीं दुःख का अंत हो जाता है।"
संबंध "जितना ज़्यादा आप खुद को खास बनाने की कोशिश करेंगे, उतना ही ज़्यादा आपको दुख होगा। बस शांत रहें और हर चीज़ का हिस्सा बन जाएं।"
परिवर्तन "जो रूपांतरित नहीं होता, वह मृत के समान है।"
शांति "शांति को बाहर से जबर्दस्ती थोपा नहीं जा सकता। हम अपने अंदर कैसे हैं, यही परिणाम तय करता है।"
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सद्गुरु के विचार मुख्य रूप से जीवन को आनंदमय, जागरूक और जिम्मेदारी से जीने पर केंद्रित हैं। वे आंतरिक इंजीनियरिंग (Inner Engineering), प्रेम, योग और व्यक्तिगत रूपांतरण के माध्यम से स्वयं को सुधारने की सलाह देते हैं। उनका मानना है कि आनंद आपका स्वभाव है, मंजिल नहीं।
जीवन का आनंद "अपने आनंद को बाद के लिए बचाकर न रखें। जब आप आनंदित होते हैं, तो आपका पूरा जीवन एक उत्सव बन जाता है।"
जिम्मेदारी "कर्म का अर्थ है जिम्मेदारी को स्वर्ग से हटाकर अपने ऊपर ले लेना। इस तरह आप स्वयं अपने भाग्य के निर्माता बन जाते हैं।"
डर और चेतना "डर अचेतन होने का परिणाम है। केवल सचेतन होकर ही हम सही मायनों में जीवन का निर्माण कर सकते हैं।"
सफलता "असफल होने का जोखिम उठाकर ही सफल हुआ जा सकता है। इसलिए कोशिश करते रहें, तभी सफलता मिलेगी।"
सुख-दुख "जब आप अपने और अपने शरीर/मन के बीच दूरी बना लेते हैं, वहीं दुःख का अंत हो जाता है।"
संबंध "जितना ज़्यादा आप खुद को खास बनाने की कोशिश करेंगे, उतना ही ज़्यादा आपको दुख होगा। बस शांत रहें और हर चीज़ का हिस्सा बन जाएं।"
परिवर्तन "जो रूपांतरित नहीं होता, वह मृत के समान है।"
शांति "शांति को बाहर से जबर्दस्ती थोपा नहीं जा सकता। हम अपने अंदर कैसे हैं, यही परिणाम तय करता है।"
