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ईरान में तनाव चरम: अमेरिका से जमीनी युद्ध की तैयारी, 10 लाख सैनिक तैनात
अंतराष्ट्रीय न्यूज
मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान और अमेरिका की तैयारी, क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइल हमले जारी
मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान ने दावा किया है कि उसने 10 लाख से अधिक जमीनी सैनिक युद्ध के लिए तैयार कर लिए हैं। ईरानी मीडिया के मुताबिक, यह कदम अमेरिका की संभावित जमीनी कार्रवाई के मद्देनज़र उठाया गया है।
सूत्रों के अनुसार, युवाओं में सेना में भर्ती की होड़ बढ़ गई है। बड़ी संख्या में युवा बसीज, रिवोल्यूशनरी गार्ड और नियमित सेना में शामिल होने के लिए आवेदन कर रहे हैं। वहीं, अमेरिका मिडिल ईस्ट में अतिरिक्त 10,000 सैनिक भेजने पर विचार कर रहा है। वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, इस बल में पैदल सेना और बख्तरबंद वाहन शामिल हो सकते हैं। ये सैनिक पहले से मौजूद 5,000 मरीन और 2,000 पैराट्रूपर्स के साथ क्षेत्र में तैनात होंगे।
सैन्य तैयारी के बीच होर्मुज स्ट्रेट लगभग चार हफ्तों से बंद है, जिससे वैश्विक तेल बाजार प्रभावित हुआ है। कुवैत और सऊदी अरब में ड्रोन और क्रूज मिसाइल हमले भी जारी हैं। कुवैत के मुबारक अल-कबीर पोर्ट और शुवैख पोर्ट पर हाल ही में ड्रोन हमले हुए, जिनमें बुनियादी ढांचे को नुकसान हुआ, लेकिन हताहत होने की खबर नहीं है।
इजराइल ने भी ईरान के यज्द शहर में मिसाइल और समुद्री बारूदी सुरंग बनाने वाले ठिकानों पर हवाई हमला किया है। इसके अलावा, लेबनान में इजराइली सैन्य कार्रवाई तेज होने से लगभग 10 लाख लोग विस्थापित हुए हैं। दक्षिणी लेबनान के कफर रेमान और नबातियेह जिलों में हवाई हमलों में नागरिकों की मौत और घायल होने की खबरें आई हैं।
सांस्कृतिक और शैक्षणिक नुकसान की रिपोर्ट भी सामने आई है। ईरान के शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका और इजराइल के हमलों में 250 छात्र और शिक्षक मारे गए और 723 शैक्षणिक संस्थानों को नुकसान हुआ है।
डिप्लोमैटिक प्रयास भी जारी हैं। जर्मनी ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच सीधे बातचीत की तैयारी चल रही है। पाकिस्तान, तुर्किये और मिस्र मध्यस्थता के प्रयास में शामिल हैं। वहीं, ईरान ने शांति वार्ता को तभी गंभीरता से मानने की बात कही है जब अमेरिकी और इजराइली हमले बंद होंगे।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रिया भी आई है। फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने चेतावनी दी कि युद्ध वैश्विक मंदी और सामाजिक अस्थिरता ला सकता है। कतर, बहरीन और UAE में हाई अलर्ट जारी किया गया है।
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ईरान में तनाव चरम: अमेरिका से जमीनी युद्ध की तैयारी, 10 लाख सैनिक तैनात
अंतराष्ट्रीय न्यूज
मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान ने दावा किया है कि उसने 10 लाख से अधिक जमीनी सैनिक युद्ध के लिए तैयार कर लिए हैं। ईरानी मीडिया के मुताबिक, यह कदम अमेरिका की संभावित जमीनी कार्रवाई के मद्देनज़र उठाया गया है।
सूत्रों के अनुसार, युवाओं में सेना में भर्ती की होड़ बढ़ गई है। बड़ी संख्या में युवा बसीज, रिवोल्यूशनरी गार्ड और नियमित सेना में शामिल होने के लिए आवेदन कर रहे हैं। वहीं, अमेरिका मिडिल ईस्ट में अतिरिक्त 10,000 सैनिक भेजने पर विचार कर रहा है। वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, इस बल में पैदल सेना और बख्तरबंद वाहन शामिल हो सकते हैं। ये सैनिक पहले से मौजूद 5,000 मरीन और 2,000 पैराट्रूपर्स के साथ क्षेत्र में तैनात होंगे।
सैन्य तैयारी के बीच होर्मुज स्ट्रेट लगभग चार हफ्तों से बंद है, जिससे वैश्विक तेल बाजार प्रभावित हुआ है। कुवैत और सऊदी अरब में ड्रोन और क्रूज मिसाइल हमले भी जारी हैं। कुवैत के मुबारक अल-कबीर पोर्ट और शुवैख पोर्ट पर हाल ही में ड्रोन हमले हुए, जिनमें बुनियादी ढांचे को नुकसान हुआ, लेकिन हताहत होने की खबर नहीं है।
इजराइल ने भी ईरान के यज्द शहर में मिसाइल और समुद्री बारूदी सुरंग बनाने वाले ठिकानों पर हवाई हमला किया है। इसके अलावा, लेबनान में इजराइली सैन्य कार्रवाई तेज होने से लगभग 10 लाख लोग विस्थापित हुए हैं। दक्षिणी लेबनान के कफर रेमान और नबातियेह जिलों में हवाई हमलों में नागरिकों की मौत और घायल होने की खबरें आई हैं।
सांस्कृतिक और शैक्षणिक नुकसान की रिपोर्ट भी सामने आई है। ईरान के शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, अमेरिका और इजराइल के हमलों में 250 छात्र और शिक्षक मारे गए और 723 शैक्षणिक संस्थानों को नुकसान हुआ है।
डिप्लोमैटिक प्रयास भी जारी हैं। जर्मनी ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच सीधे बातचीत की तैयारी चल रही है। पाकिस्तान, तुर्किये और मिस्र मध्यस्थता के प्रयास में शामिल हैं। वहीं, ईरान ने शांति वार्ता को तभी गंभीरता से मानने की बात कही है जब अमेरिकी और इजराइली हमले बंद होंगे।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रिया भी आई है। फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने चेतावनी दी कि युद्ध वैश्विक मंदी और सामाजिक अस्थिरता ला सकता है। कतर, बहरीन और UAE में हाई अलर्ट जारी किया गया है।
