- Hindi News
- देश विदेश
- अमेरिका-ईरान युद्ध: होर्मुज जलडमरूमध्य में दो टैंकरों को समुद्री बारूदी सुरंगों से नुकसान का ईरान का...
अमेरिका-ईरान युद्ध: होर्मुज जलडमरूमध्य में दो टैंकरों को समुद्री बारूदी सुरंगों से नुकसान का ईरान का दावा, तनाव और बढ़ा
Digital Desk
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों का दावा किया है। इसी बीच IRGC ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे दो तेल टैंकर समुद्री बारूदी सुरंगों से टकराकर निष्क्रिय हुए। स्वतंत्र रिपोर्टों में दोनों टैंकरों पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमले की पुष्टि हुई है।
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) से जुड़े सैन्य और समुद्री ठिकानों पर नए हमलों के बाद तेहरान ने बहरीन, कुवैत, जॉर्डन और इराक में अमेरिकी हितों और ठिकानों पर मिसाइल व ड्रोन हमले किए हैं। इसी बढ़ते तनाव के बीच ईरान के IRGC ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहे दो तेल टैंकर समुद्री बारूदी सुरंगों से टकराकर निष्क्रिय हो गए।
हालांकि, इस दावे को सावधानी से देखना जरूरी है। स्वतंत्र शिपिंग और समाचार रिपोर्टों के अनुसार 1 सितंबर को होर्मुज से बाहर निकल रहे दो सुपरटैंकरों—Saudi-flagged Sidr और Liberian-flagged Senegal Prosperity—को अज्ञात प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आई थीं। दोनों जहाजों पर सऊदी अरब से लदा कच्चा तेल था और घटनाएं ओमान के पास हुई थीं।
ईरान ने क्या दावा किया?
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने बुधवार को कहा कि दो तेल टैंकरों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में उस रास्ते का इस्तेमाल किया जिसे तेहरान ने असुरक्षित और “अवैध” बताया था। ईरानी पक्ष के मुताबिक, जहाज समुद्री बारूदी सुरंगों की चपेट में आए और उनके चालक दल को जहाज छोड़ना पड़ा। IRGC ने यह भी चेतावनी दी कि जिन शिपिंग कंपनियों के जहाज ईरान द्वारा बताए गए मार्गों के बजाय अमेरिकी निर्देशों का पालन करते हुए जलडमरूमध्य से गुजरेंगे, उन्हें आगे कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। यह दावा फिलहाल ईरानी अधिकारियों के बयान पर आधारित है।
होर्मुज में पहले भी बढ़ चुका है खतरा
होर्मुज जलडमरूमध्य पिछले कुछ दिनों से संघर्ष का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। अमेरिकी सेना ने 30 अगस्त को ईरानी माइन-लेइंग क्षमताओं से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई की थी। अमेरिकी पक्ष ने कहा था कि इन गतिविधियों से वाणिज्यिक जहाजों के लिए तत्काल खतरा पैदा हो रहा था। इसके बाद 1 सितंबर को दो बड़े तेल टैंकरों को अज्ञात प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाए जाने की घटनाओं ने समुद्री परिवहन को लेकर चिंता और बढ़ा दी। दोनों जहाजों ने सऊदी अरब के जुआयमह टर्मिनल से करीब 20 लाख बैरल कच्चा तेल लोड किया था।
अमेरिका-ईरान संघर्ष में नया जवाबी हमला
अमेरिका की ताजा कार्रवाई के बाद ईरान ने बुधवार को क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों के खिलाफ जवाबी हमले किए। जॉर्डन ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने ईरान से दागी गई 13 बैलिस्टिक मिसाइलों में से 10 को रोका, जबकि तीन मिसाइलें दूरदराज के इलाकों में गिरीं। जॉर्डन ने अमेरिकी प्रशिक्षण केंद्र को नुकसान या वहां अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने की पुष्टि नहीं की। कुवैत में भी ईरानी मिसाइल और ड्रोन गतिविधि की सूचना मिली। कुवैती अधिकारियों के अनुसार राजधानी के एक आवासीय परिसर में ड्रोन हमले के बाद आग लगी, जिसे नियंत्रित कर लिया गया और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। ईरान ने इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले का भी दावा किया है। हालांकि, ईरानी दावों में बताए गए नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि हर मामले में उपलब्ध नहीं है।
होर्मुज पर दुनिया की नजर क्यों?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है। संघर्ष बढ़ने के साथ इस रास्ते से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों की संख्या में तेज गिरावट आई है। Reuters के अनुसार मंगलवार को केवल चार कमोडिटी जहाज इस जलडमरूमध्य से गुजरे, जबकि पिछले दिन यह संख्या 10 और 10 दिनों का औसत करीब 13 था। युद्ध से पहले दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल इस समुद्री मार्ग से गुजरता था। इसलिए यहां लंबे समय तक जहाजों की आवाजाही बाधित होने पर कच्चे तेल की कीमतों, शिपिंग लागत और वैश्विक आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।
तेल कीमतों पर भी असर
अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने के साथ अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भी दबाव बढ़ा है। बुधवार को Brent crude करीब $95 प्रति बैरल से ऊपर कारोबार कर रहा था। बाजार की चिंता मुख्य रूप से इस बात को लेकर है कि यदि होर्मुज के रास्ते ऊर्जा आपूर्ति लंबे समय तक प्रभावित हुई तो वैश्विक तेल बाजार में अतिरिक्त दबाव पैदा हो सकता है।
फिलहाल संघर्ष के सैन्य और कूटनीतिक दोनों मोर्चों पर स्थिति तेजी से बदल रही है। समुद्री जहाजों पर हमलों और होर्मुज में आवाजाही को लेकर सामने आ रहे दावों की स्वतंत्र पुष्टि आने वाले घंटों में महत्वपूर्ण होगी।
Recommended for You
दैनिक जागरण से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:

