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19 मिनट का संबोधन, 5 करोड़ व्यूज़ डिजिटल दौर में उभरी सूर्या सोनल सिंह की पहचान
रांची/हुसैनाबाद
डिजिटल युग में नेतृत्व की परिभाषा तेजी से बदल रही है। अब पहचान केवल चुनावी मैदान या पद से नहीं, बल्कि विचारों की पहुंच से तय हो रही है। झारखंड के हुसैनाबाद से आने वाले युवा सामाजिक कार्यकर्ता सूर्या सोनल सिंह का गणतंत्र दिवस 2026 पर दिया गया 19 मिनट का संबोधन सोशल मीडिया पर 5 करोड़ से अधिक बार देखा जा चुका है। इस उपलब्धि ने उन्हें राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में ला दिया है।
26 जनवरी 2026 को साझा किया गया यह वीडियो कुछ ही हफ्तों में लाखों प्रतिक्रियाएँ बटोर चुका है। डिजिटल विश्लेषकों के अनुसार, लंबे राजनीतिक भाषण का इतने बड़े पैमाने पर देखा जाना दर्शाता है कि दर्शक केवल छोटे क्लिप नहीं, बल्कि सार्थक संवाद भी सुनना चाहते हैं। यही कारण है कि सूर्या सोनल सिंह का यह संबोधन तेजी से वायरल हुआ।
संवाद से बना जुड़ाव
अपने भाषण में सूर्या सोनल सिंह ने राष्ट्रीय एकता, शिक्षा सुधार, ग्रामीण विकास और किसानों के मुद्दों पर विस्तार से बात की। उन्होंने युवाओं की भूमिका पर भी विशेष बल दिया। भाषण के दौरान उनकी एक पंक्ति—
“मैं गांव का लड़का हूं”
सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा की गई। इस वाक्य ने ग्रामीण और मध्यमवर्गीय पृष्ठभूमि के लोगों के साथ सीधा भावनात्मक जुड़ाव स्थापित किया।
जमीनी कार्य से डिजिटल पहचान तक
हुसैनाबाद क्षेत्र में सामाजिक और पर्यावरणीय पहलों से जुड़े रहे सूर्या सोनल सिंह पहले से स्थानीय स्तर पर सक्रिय रहे हैं। ग्राम विकास और जागरूकता अभियानों में भागीदारी ने उन्हें एक जमीनी पहचान दी। अब वही पहचान डिजिटल माध्यमों के जरिए व्यापक स्तर पर पहुंच रही है।
बिना पद भी प्रभाव
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिना किसी आधिकारिक पद के इस स्तर की डिजिटल उपस्थिति महत्वपूर्ण संकेत देती है। यह बताता है कि आज सोशल मीडिया ऐसा मंच बन चुका है, जहाँ निरंतर संवाद और स्पष्ट दृष्टिकोण भी व्यापक समर्थन जुटा सकते हैं। सूर्या सोनल सिंह का यह उदाहरण बदलती राजनीतिक संचार प्रणाली को रेखांकित करता है।
‘जोड़ने की राजनीति’ की चर्चा
भाषण के बाद जारी संदेश में सूर्या सोनल सिंह ने समाज को जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि विकास और संवाद साथ-साथ चलने चाहिए। सोशल मीडिया पर मिली प्रतिक्रियाएँ इस बात का संकेत हैं कि लोग विभाजन से अधिक सहभागिता आधारित नेतृत्व को महत्व दे रहे हैं।
बदलती राजनीति का संकेत
विशेषज्ञों के अनुसार, 5 करोड़ व्यूज़ केवल एक डिजिटल आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह संकेत है कि राजनीति का संवाद अब पारंपरिक मंचों से आगे बढ़कर ऑनलाइन माध्यमों तक विस्तृत हो चुका है। हुसैनाबाद से उठी यह आवाज़ अब राष्ट्रीय स्तर पर सुनी जा रही है।
सूर्या सोनल सिंह झारखंड के हुसैनाबाद से जुड़े युवा सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जो संवाद आधारित नेतृत्व और सकारात्मक जनभागीदारी की वकालत करते हैं।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मिली इस प्रतिक्रिया को राजनीतिक संचार के नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में यह मॉडल अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।
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