- Hindi News
- देश विदेश
- PM मोदी का दावा: 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए, संसद परिसर में 28वें CSPOC का भव्य उद्घाटन
PM मोदी का दावा: 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए, संसद परिसर में 28वें CSPOC का भव्य उद्घाटन
नेशनल न्यूज
संविधान सदन में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत, 42 देशों के 61 संसदीय प्रतिनिधि हुए शामिल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर स्थित संविधान सदन में 28वें कॉमनवेल्थ स्पीकर्स और प्रेसाइडिंग ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस (CSPOC) का उद्घाटन किया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने बीते एक दशक में सामाजिक और आर्थिक मोर्चे पर उल्लेखनीय प्रगति की है, जिसके चलते करीब 25 करोड़ नागरिक गरीबी के दायरे से बाहर आए हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक शासन और जनकल्याणकारी नीतियों का परिणाम बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज वैश्विक मंच पर एक भरोसेमंद और तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित हो चुका है। डिजिटल भुगतान प्रणाली UPI का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि यह दुनिया की सबसे बड़ी रियल-टाइम पेमेंट व्यवस्था बन चुकी है। इसके साथ ही भारत वैक्सीन उत्पादन, स्टील निर्माण, स्टार्टअप संस्कृति, नागरिक उड्डयन और रेल नेटवर्क जैसे क्षेत्रों में अग्रणी देशों में शामिल है।
सम्मेलन का स्वरूप और भागीदारी
14 से 16 जनवरी तक चलने वाले इस सम्मेलन की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला कर रहे हैं। CSPOC में कॉमनवेल्थ के 42 देशों से 61 स्पीकर्स और प्रेसाइडिंग ऑफिसर्स हिस्सा ले रहे हैं। संसदीय इतिहास में इसे भागीदारी के लिहाज से अब तक के सबसे बड़े सम्मेलनों में गिना जा रहा है। सम्मेलन का उद्देश्य लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करना और विभिन्न देशों के संसदीय अनुभवों को साझा करना है।
लोकतंत्र और समावेशिता पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय लोकतंत्र की बुनियाद समावेशिता पर टिकी है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का केंद्र अंतिम पंक्ति में खड़ा नागरिक है। विविधताओं से भरे समाज में लोकतंत्र को लेकर पहले आशंकाएं जताई जाती थीं, लेकिन भारत ने यह साबित किया कि विविधता लोकतंत्र की कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी ताकत है।
वैश्विक संकट में भारत की भूमिका
कोविड-19 महामारी का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट के समय भारत ने न केवल अपने नागरिकों की जरूरतों को प्राथमिकता दी, बल्कि 150 से अधिक देशों को दवाइयां और टीके उपलब्ध कराए। उन्होंने इसे भारत की ‘मानवता पहले’ की सोच का उदाहरण बताया।
महिलाओं की भागीदारी को बताया मजबूत स्तंभ
प्रधानमंत्री ने लोकतंत्र में महिलाओं की भूमिका पर भी विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत में सर्वोच्च संवैधानिक पदों से लेकर स्थानीय निकायों तक महिलाओं की सक्रिय भागीदारी दिखाई देती है। देशभर में लगभग 15 लाख महिला निर्वाचित प्रतिनिधि कार्यरत हैं, जो वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है।
AI और सोशल मीडिया पर होगी चर्चा
सम्मेलन के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के संसदीय कामकाज में उपयोग, सोशल मीडिया के प्रभाव, नागरिक सहभागिता बढ़ाने, सांसदों की सुरक्षा और कार्य परिस्थितियों जैसे विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि ये चर्चाएं भविष्य की संसदीय प्रक्रियाओं को नई दिशा दे सकती हैं।
सम्मेलन के समापन पर साझा प्रस्ताव और सिफारिशें सामने आने की संभावना है, जिनका उद्देश्य लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और जनोन्मुखी बनाना होगा। भारत की मेजबानी में हो रहा यह सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय संसदीय सहयोग को नई मजबूती देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
-------------------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!
