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शशि थरूर का काफिला मल्लपुरम में रोका, गनमैन और ड्राइवर पर हमला
नेशनल न्यूज
केरल में चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस सांसद के काफिले पर हिंसक वारदात; पश्चिम बंगाल में आपराधिक छवि वाले नेताओं की सुरक्षा हटाने का चुनाव आयोग का निर्देश
केरल के मल्लपुरम जिले में शाम कांग्रेस सांसद शशि थरूर का चुनाव प्रचार काफिला रोक दिया गया। घटना वांडुर इलाके के तिरुवल्ली चेल्लितोडु पुल के पास हुई। पुलिस के मुताबिक, पांच लोगों ने अचानक काफिला रोकने का प्रयास किया, जिसके दौरान थरूर के गनमैन और ड्राइवर पर हमला किया गया। सांसद खुद पूरी तरह सुरक्षित रहे।
घटना शाम लगभग 7.30 बजे हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आरोपी अभी तक स्पष्ट कारण बताने में विफल रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है, जबकि बाकी की पहचान और गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी है।
उधर, चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में उन नेताओं और व्यक्तियों की सरकारी सुरक्षा तत्काल हटाने का आदेश दिया है जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। जिला मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिया गया कि वे उनकी सुरक्षा आवश्यकता और खतरे की स्थिति का मूल्यांकन करें ताकि निर्धारित किया जा सके कि सुरक्षा दी जानी चाहिए या नहीं।
केरल में विधानसभा चुनावों को लेकर प्रचार-प्रसार तेज है। थरूर का काफिला रोकने की घटना राज्य में राजनीतिक तनाव और सुरक्षा चुनौतियों को उजागर करती है। चुनाव आयोग ने राज्य में मतदाताओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए नए उपाय भी लागू किए हैं। उदाहरण के लिए, 18-30 साल के युवा मतदाताओं को पोलिंग स्टेशन तक 2 किलोमीटर की फ्री राइड दी जाएगी और पहली बार मतदान करने वालों को हलवा पैकेट वितरित किया जाएगा।
वहीं तमिलनाडु में चुनावी फ्लाइंग स्क्वॉड ने 50 लाख रुपए कैश जब्त किए हैं, और पार्टी प्रमुखों के प्रचार कार्यक्रमों में स्थानीय लोकप्रिय हस्तियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से वोटरों तक संदेश पहुंचाने की रणनीति अपनाई जा रही है।
केरल पुलिस ने कहा कि हमला स्थानीय विवाद या व्यक्तिगत दुश्मनी का नतीजा हो सकता है, जांच जारी है। पश्चिम बंगाल में सुरक्षा हटाने के आदेश को राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह साफ संदेश देता है कि आपराधिक मामलों में फंसे नेताओं को विशेष सुरक्षा नहीं मिलेगी।
चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में स्वतंत्र, निष्पक्ष और सुरक्षित मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई है। पश्चिम बंगाल में मतगणना के दौरान भी लगभग 500 कंपनियां तैनात रहेंगी।
थरूर के काफिला रोकने और हमला मामले की जांच जारी है। आरोपी के पकड़ में आने और अन्य संदिग्धों की पहचान के बाद ही घटनाक्रम का पूरा खुलासा होगा। साथ ही, चुनाव आयोग द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन कर सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को सुरक्षित चुनाव सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
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शशि थरूर का काफिला मल्लपुरम में रोका, गनमैन और ड्राइवर पर हमला
नेशनल न्यूज
केरल के मल्लपुरम जिले में शाम कांग्रेस सांसद शशि थरूर का चुनाव प्रचार काफिला रोक दिया गया। घटना वांडुर इलाके के तिरुवल्ली चेल्लितोडु पुल के पास हुई। पुलिस के मुताबिक, पांच लोगों ने अचानक काफिला रोकने का प्रयास किया, जिसके दौरान थरूर के गनमैन और ड्राइवर पर हमला किया गया। सांसद खुद पूरी तरह सुरक्षित रहे।
घटना शाम लगभग 7.30 बजे हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आरोपी अभी तक स्पष्ट कारण बताने में विफल रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है, जबकि बाकी की पहचान और गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी है।
उधर, चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में उन नेताओं और व्यक्तियों की सरकारी सुरक्षा तत्काल हटाने का आदेश दिया है जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। जिला मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिया गया कि वे उनकी सुरक्षा आवश्यकता और खतरे की स्थिति का मूल्यांकन करें ताकि निर्धारित किया जा सके कि सुरक्षा दी जानी चाहिए या नहीं।
केरल में विधानसभा चुनावों को लेकर प्रचार-प्रसार तेज है। थरूर का काफिला रोकने की घटना राज्य में राजनीतिक तनाव और सुरक्षा चुनौतियों को उजागर करती है। चुनाव आयोग ने राज्य में मतदाताओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए नए उपाय भी लागू किए हैं। उदाहरण के लिए, 18-30 साल के युवा मतदाताओं को पोलिंग स्टेशन तक 2 किलोमीटर की फ्री राइड दी जाएगी और पहली बार मतदान करने वालों को हलवा पैकेट वितरित किया जाएगा।
वहीं तमिलनाडु में चुनावी फ्लाइंग स्क्वॉड ने 50 लाख रुपए कैश जब्त किए हैं, और पार्टी प्रमुखों के प्रचार कार्यक्रमों में स्थानीय लोकप्रिय हस्तियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से वोटरों तक संदेश पहुंचाने की रणनीति अपनाई जा रही है।
केरल पुलिस ने कहा कि हमला स्थानीय विवाद या व्यक्तिगत दुश्मनी का नतीजा हो सकता है, जांच जारी है। पश्चिम बंगाल में सुरक्षा हटाने के आदेश को राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह साफ संदेश देता है कि आपराधिक मामलों में फंसे नेताओं को विशेष सुरक्षा नहीं मिलेगी।
चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में स्वतंत्र, निष्पक्ष और सुरक्षित मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई है। पश्चिम बंगाल में मतगणना के दौरान भी लगभग 500 कंपनियां तैनात रहेंगी।
थरूर के काफिला रोकने और हमला मामले की जांच जारी है। आरोपी के पकड़ में आने और अन्य संदिग्धों की पहचान के बाद ही घटनाक्रम का पूरा खुलासा होगा। साथ ही, चुनाव आयोग द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन कर सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को सुरक्षित चुनाव सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
