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अखिलेश वत्स Regeneron ISEF Qualified Scientist घोषित- Society for Science, USA ने दी अंतरराष्ट्रीय पहचान
Digital Desk
भारत के प्रतिष्ठित फार्मास्युटिकल वैज्ञानिक और ACME Research Solutions के संस्थापक-निदेशक डॉ. अखिलेश वत्स को अमेरिका की जानी-मानी संस्था Society for Science ने Regeneron International Science and Engineering Fair (ISEF) 2026 में Qualified Scientist के रूप में मान्यता दी है। यह सम्मान संस्था की आधिकारिक वेबसाइट पर स्थायी रूप से दर्ज है और भारतीय वैज्ञानिकों के लिए गर्व का क्षण है।
डॉ. अखिलेश वत्स: भारतीय विज्ञान के गौरव और Regeneron ISEF 2026 के 'Qualified Scientist'
Regeneron ISEF क्या है और यह मान्यता क्यों खास है?
Regeneron ISEF दुनिया की सबसे बड़ी विज्ञान एवं इंजीनियरिंग प्रतियोगिता है, जिसमें 70 से अधिक देशों के हजारों युवा शोधार्थी भाग लेते हैं। इस प्रतियोगिता में मुख्यतः स्कूल और कॉलेज स्तर के छात्र-छात्राएं अपने शोध प्रस्तुत करते हैं।
इन युवा प्रतिभाओं का मार्गदर्शन करने के लिए ISEF एक अलग श्रेणी बनाता है—Qualified Scientist—जो केवल उन वरिष्ठ वैज्ञानिकों को दी जाती है जिन्होंने डॉक्टरेट स्तर की उच्च शिक्षा प्राप्त की हो और जिनके पास व्यापक शोध अनुभव हो। यानी यह दर्जा किसी विद्यार्थी को नहीं, बल्कि उस अनुभवी वैज्ञानिक को मिलता है जो अगली पीढ़ी को दिशा देता है।
डॉ. वत्स ने क्या किया?
डॉ. वत्स ने फिलीपींस की एक होनहार युवा शोधार्थी को नैनोपार्टिकल्स आधारित कैंसर अनुसंधान में वैज्ञानिक मार्गदर्शन प्रदान किया। इस शोध परियोजना ने ISEF 2026 में चयन प्राप्त किया। शोध की रूपरेखा तैयार करने से लेकर ISEF के सभी आधिकारिक दस्तावेज़ पूरे करने तक—हर ज़िम्मेदारी डॉ. वत्स ने बखूबी निभाई। यही उनके अनुभव और समर्पण की असली पहचान है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की बढ़ती साख
डॉ. वत्स केवल ISEF तक सीमित नहीं हैं। वे लंदन स्थित GAPTR (Global Association of Pharma Technology Researchers) के Global Chief एवं Honorary Life Fellow हैं—यह सम्मान उन्हें फार्मास्युटिकल रिसर्च में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया। इसके साथ ही वे अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका PEXACY International Journal के Editor-in-Chief का दायित्व भी संभाल रहे हैं।
उनकी प्रयोगशाला ACME Research Solutions आज भारत, फिलीपींस, मलेशिया और अन्य देशों के शोधार्थियों को अत्याधुनिक फार्मास्युटिकल शोध सेवाएं उपलब्ध करा रही है।
युवा वैज्ञानिकों के लिए संदेश
डॉ. वत्स की यह उपलब्धि उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित साधनों के बावजूद विज्ञान की दुनिया में अपना नाम बनाना चाहते हैं। यह साबित करती है कि मेहनत, समर्पण और सही दिशा हो तो भारत से भी दुनिया के सबसे बड़े मंचों पर पहुँचा जा सकता है।
"यह मान्यता केवल मेरी नहीं, बल्कि भारतीय विज्ञान की अंतरराष्ट्रीय पहचान का प्रमाण है।"
— डॉ. अखिलेश वत्स, संस्थापक-निदेशक, ACME Research Solutions
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अखिलेश वत्स Regeneron ISEF Qualified Scientist घोषित- Society for Science, USA ने दी अंतरराष्ट्रीय पहचान
Digital Desk
डॉ. अखिलेश वत्स: भारतीय विज्ञान के गौरव और Regeneron ISEF 2026 के 'Qualified Scientist'
Regeneron ISEF क्या है और यह मान्यता क्यों खास है?
Regeneron ISEF दुनिया की सबसे बड़ी विज्ञान एवं इंजीनियरिंग प्रतियोगिता है, जिसमें 70 से अधिक देशों के हजारों युवा शोधार्थी भाग लेते हैं। इस प्रतियोगिता में मुख्यतः स्कूल और कॉलेज स्तर के छात्र-छात्राएं अपने शोध प्रस्तुत करते हैं।
इन युवा प्रतिभाओं का मार्गदर्शन करने के लिए ISEF एक अलग श्रेणी बनाता है—Qualified Scientist—जो केवल उन वरिष्ठ वैज्ञानिकों को दी जाती है जिन्होंने डॉक्टरेट स्तर की उच्च शिक्षा प्राप्त की हो और जिनके पास व्यापक शोध अनुभव हो। यानी यह दर्जा किसी विद्यार्थी को नहीं, बल्कि उस अनुभवी वैज्ञानिक को मिलता है जो अगली पीढ़ी को दिशा देता है।
डॉ. वत्स ने क्या किया?
डॉ. वत्स ने फिलीपींस की एक होनहार युवा शोधार्थी को नैनोपार्टिकल्स आधारित कैंसर अनुसंधान में वैज्ञानिक मार्गदर्शन प्रदान किया। इस शोध परियोजना ने ISEF 2026 में चयन प्राप्त किया। शोध की रूपरेखा तैयार करने से लेकर ISEF के सभी आधिकारिक दस्तावेज़ पूरे करने तक—हर ज़िम्मेदारी डॉ. वत्स ने बखूबी निभाई। यही उनके अनुभव और समर्पण की असली पहचान है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की बढ़ती साख
डॉ. वत्स केवल ISEF तक सीमित नहीं हैं। वे लंदन स्थित GAPTR (Global Association of Pharma Technology Researchers) के Global Chief एवं Honorary Life Fellow हैं—यह सम्मान उन्हें फार्मास्युटिकल रिसर्च में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया। इसके साथ ही वे अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका PEXACY International Journal के Editor-in-Chief का दायित्व भी संभाल रहे हैं।
उनकी प्रयोगशाला ACME Research Solutions आज भारत, फिलीपींस, मलेशिया और अन्य देशों के शोधार्थियों को अत्याधुनिक फार्मास्युटिकल शोध सेवाएं उपलब्ध करा रही है।
युवा वैज्ञानिकों के लिए संदेश
डॉ. वत्स की यह उपलब्धि उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित साधनों के बावजूद विज्ञान की दुनिया में अपना नाम बनाना चाहते हैं। यह साबित करती है कि मेहनत, समर्पण और सही दिशा हो तो भारत से भी दुनिया के सबसे बड़े मंचों पर पहुँचा जा सकता है।
"यह मान्यता केवल मेरी नहीं, बल्कि भारतीय विज्ञान की अंतरराष्ट्रीय पहचान का प्रमाण है।"
— डॉ. अखिलेश वत्स, संस्थापक-निदेशक, ACME Research Solutions
