- Hindi News
- देश विदेश
- अमेरिका ने दुनिया भर में रोकी इमिग्रेंट वीजा अपॉइंटमेंट, भारत भी प्रभावित
अमेरिका ने दुनिया भर में रोकी इमिग्रेंट वीजा अपॉइंटमेंट, भारत भी प्रभावित
Sandeep Patel
अमेरिका ने कांसुलर प्रशिक्षण के लिए दुनियाभर में इमिग्रेंट वीजा अपॉइंटमेंट अस्थायी रूप से रोकी हैं। भारत समेत कई देशों के आवेदक प्रभावित हुए हैं।
अमेरिका ने दुनियाभर में इमिग्रेंट वीजा अपॉइंटमेंट अस्थायी रूप से रोक दी हैं। भारत समेत कई देशों के आवेदकों को इंटरव्यू रद्द या टालने के संदेश मिले हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने इसे कांसुलर अधिकारियों के वैश्विक प्रशिक्षण कार्यक्रम से जोड़ा है, जिसमें आवेदकों की व्यापक जांच और “पब्लिक चार्ज” आकलन पर जोर दिया जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने दुनियाभर में अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में इमिग्रेंट वीजा अपॉइंटमेंट अस्थायी रूप से रोक दी हैं। इससे भारत, यूरोप, लैटिन अमेरिका और अन्य क्षेत्रों के उन आवेदकों पर असर पड़ा है, जिनके इंटरव्यू पहले से तय थे। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, यह कदम कांसुलर अधिकारियों के लिए चलाए जा रहे एक वैश्विक प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़ा है। प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों को आवेदकों की अधिक व्यापक और समान तरीके से जांच करने में सक्षम बनाना है। इसमें यह आकलन भी शामिल है कि अमेरिका आने के बाद कोई आवेदक सरकारी सहायता पर अत्यधिक निर्भर होकर “पब्लिक चार्ज” बन सकता है या नहीं।
दुनिया भर में अपॉइंटमेंट रुके
अमेरिकी दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में इमिग्रेंट वीजा इंटरव्यू की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। भारत, यूरोप और लैटिन अमेरिका के कई आवेदकों को कथित तौर पर संदेश भेजकर बताया गया है कि उनके निर्धारित इंटरव्यू रद्द या स्थगित कर दिए गए हैं। नई तारीख बाद में उपलब्ध कराने की बात कही गई है। यह व्यवधान खासतौर पर उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, जो परिवार आधारित या रोजगार आधारित इमिग्रेंट वीजा के जरिए अमेरिका में स्थायी निवास हासिल करने की प्रक्रिया में हैं। किसी एक दूतावास में सामान्य प्रशासनिक देरी के विपरीत, मौजूदा स्थिति को वैश्विक स्तर पर चलाए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम से जोड़ा गया है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रद्द किए गए इंटरव्यू कब दोबारा निर्धारित होंगे।
प्रशिक्षण को बताया वजह
अमेरिकी विदेश विभाग ने अपॉइंटमेंट में बदलाव को कांसुलर अधिकारियों के वैश्विक प्रशिक्षण कार्यक्रम से जोड़ा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों को वीजा आवेदकों की जांच अधिक व्यापक और एक समान तरीके से करने के लिए प्रशिक्षित करना है। प्रशिक्षण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह निर्धारित करना है कि कोई आवेदक अमेरिका पहुंचने के बाद सरकारी सहायता पर निर्भर होने की संभावना रखता है या नहीं। विदेश विभाग ने 5 अगस्त के अपडेट में यह भी कहा था कि मौजूदा कानून और नियमों के तहत कुछ इमिग्रेंट वीजा आवेदकों को अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (USCIS) के साथ Public Charge Bond के लिए आवेदन करने की आवश्यकता हो सकती है।
क्या है 'पब्लिक चार्ज'?
“पब्लिक चार्ज” अमेरिकी इमिग्रेशन कानून में इस्तेमाल होने वाली एक अवधारणा है। इसमें यह आकलन किया जाता है कि कोई व्यक्ति अमेरिका में प्रवेश के बाद मुख्य रूप से सरकारी सहायता पर निर्भर होने की संभावना रखता है या नहीं। कांसुलर अधिकारी आवेदक की आर्थिक स्थिति और अमेरिका में खुद का खर्च उठाने की क्षमता से जुड़े विभिन्न कारकों को देख सकते हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, इमिग्रेंट वीजा आवेदकों को यह साबित करना पड़ सकता है कि वे अमेरिका में आर्थिक रूप से सरकारी सहायता पर निर्भर नहीं होंगे। कुछ मामलों में Public Charge Bond भी संभावित समस्या को दूर करने का एक विकल्प हो सकता है। वैश्विक प्रशिक्षण कार्यक्रम के चलते कांसुलर अधिकारियों द्वारा ऐसे आकलनों के इस्तेमाल पर अधिक ध्यान दिए जाने की संभावना है।
भारतीय आवेदकों पर असर
दुनियाभर में चल रहे इस व्यवधान से भारतीय आवेदक भी प्रभावित हुए हैं। परिवार आधारित इमिग्रेशन, रोजगार आधारित स्थायी निवास और अन्य इमिग्रेंट वीजा श्रेणियों के आवेदकों के लिए इंटरव्यू रद्द होना पूरी प्रक्रिया को और लंबा कर सकता है। भारतीय आवेदक पहले से ही कुछ वीजा श्रेणियों में बैकलॉग और देश-विशिष्ट सीमा का सामना करते हैं। अगस्त 2026 के अमेरिकी Visa Bulletin में भारत के लिए कई रोजगार आधारित श्रेणियों में अलग-अलग Final Action Dates निर्धारित हैं। इसलिए आवेदकों को वर्तमान वैश्विक अपॉइंटमेंट रोक और वीजा श्रेणी की प्राथमिकता तारीख या वार्षिक वीजा सीमा से होने वाली सामान्य देरी के बीच अंतर समझना जरूरी है।
इमिग्रेशन नीति हुई सख्त
अपॉइंटमेंट में मौजूदा व्यवधान ट्रंप प्रशासन की व्यापक कड़ी इमिग्रेशन नीति के बीच आया है। अमेरिकी विदेश विभाग पहले ही अतिरिक्त स्क्रीनिंग और वेटिंग से जुड़े कई कदम लागू कर चुका है। कुछ देशों के नागरिकों के लिए अलग-अलग राष्ट्रपति आदेशों के तहत वीजा प्रतिबंध भी लगाए गए हैं। जनवरी 2026 में विदेश विभाग ने ऐसे देशों के नागरिकों से जुड़े इमिग्रेंट वीजा नियमों में भी बदलाव की घोषणा की थी, जिन्हें सार्वजनिक सहायता पर निर्भरता के अधिक जोखिम से जोड़ा गया था। हालांकि, ये कदम मौजूदा वैश्विक अपॉइंटमेंट रोक से अलग हैं। वर्तमान व्यवधान को अधिकारियों ने विशेष रूप से कांसुलर प्रशिक्षण से जोड़ा है।
अन्य नीतियों पर कानूनी चुनौती
ट्रंप प्रशासन की कई इमिग्रेशन नीतियां कानूनी चुनौतियों का भी सामना कर रही हैं। हाल में एक संघीय न्यायाधीश ने 75 देशों के नागरिकों के लिए इमिग्रेंट वीजा प्रक्रिया निलंबित करने वाली एक नीति को रद्द कर दिया था और माना था कि प्रशासन ने अपने कानूनी अधिकार से आगे कदम उठाया। इससे पता चलता है कि अमेरिका की सख्त इमिग्रेशन नीतियों को लेकर अदालतों में भी लगातार विवाद चल रहा है। हालांकि, मौजूदा वैश्विक अपॉइंटमेंट रोक को अब तक किसी नए देश-विशिष्ट वीजा प्रतिबंध के रूप में पेश नहीं किया गया है। इसे प्रशासनिक प्रशिक्षण से जुड़ा कदम बताया गया है।
आवेदक नई तारीख का इंतजार
जिन आवेदकों के इंटरव्यू रद्द हुए हैं, उनके लिए सबसे बड़ा सवाल नई अपॉइंटमेंट तारीख मिलने का है। अमेरिकी विदेश विभाग ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम कितने समय तक चलेगा और सामान्य अपॉइंटमेंट व्यवस्था कब बहाल होगी। आवेदकों को अपने संबंधित अमेरिकी दूतावास या वाणिज्य दूतावास से आने वाले आधिकारिक संदेशों पर नजर रखनी चाहिए। सोशल मीडिया पर प्रसारित अनौपचारिक तारीखों पर भरोसा करने से बचना जरूरी है। जिन लोगों की यात्रा की योजना पहले से थी, उन्हें अतिरिक्त खर्च करने से पहले अपनी अपॉइंटमेंट की वास्तविक स्थिति की पुष्टि करनी चाहिए।
Recommended for You
दैनिक जागरण से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:

